मंत्री गौतम टेटवाल की जुबान से फूटी सीएम की तारीफों की झड़ी, सिंधिया के सामने भी हो चुके नतमस्तक
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश के मंत्री गौतम टेटवाल के दो बयान सुर्खियों में हैं।
- एक कार्यक्रम में उन्होंने सीएम मोहन यादव की जमकर तारीफ की।
- इससे पहले दूसरे कार्यक्रम में उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का गुणगान किया था।
- हैरानी की बात यह रही कि सिंधिया वाले कार्यक्रम में उन्होंने सीएम का नाम तक नहीं लिया।
- दोनों वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
चमड़े के जूते वाला बयान
पहला मामला राजगढ़ जिले के सारंगपुर का है। यहां भैंसवामाता मंदिर परिसर में जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम हुआ था। मंच पर मंत्री गौतम टेटवाल ने सीएम मोहन यादव को कई विशेषणों से नवाजा। उन्होंने सीएम को जनप्रिय, लोकप्रिय, इतिहासकार, ज्योतिषाचार्य और साहित्यकार तक बताया।
टेटवाल ने सीएम को पहलवानों का पहलवान और बाबा महाकाल का लाल भी कहा। उन्होंने जल संवर्धन योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम को प्रदेश का भागीरथ बताया। इसी दौरान उन्होंने वह लाइन कही जो अब सबसे ज्यादा चर्चा में है।
टेटवाल ने कहा कि अपने चमड़े के जूते बनाकर भी पहनाएं, तब भी सीएम का कर्ज नहीं उतर पाएगा। इस दौरान मंच पर बैठे सीएम मोहन यादव मुस्कुराते हुए नजर आए। कुछ देर बाद उन्होंने मंत्री को इशारे से कार्यक्रम आगे बढ़ाने को कहा।
बता दें कि यह कार्यक्रम दो दिन पहले हुआ था। अब मंत्री के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी किया था इशारा
इसी बीच कार्यक्रम लंबा होता देख मंत्री प्रहलाद पटेल ने उन्हें आगे बढ़ने का इशारा भी किया, लेकिन वे मुख्यमंत्री की तारीफ करते ही रहे।
सिंधिया के सामने अलग अंदाज
दूसरा मामला गुना जिले के बमोरी का है। यह इलाका केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा क्षेत्र में आता है। यहां एक सरकारी कार्यक्रम में आईटीआई भवन का शिलान्यास हुआ था। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मंत्री गौतम टेटवाल ने मंच से कहा था कि उनके ऊपर सिंधिया परिवार की कृपा है।
इसके बाद वहां मौजूद लोग जोर-जोर से सिंधिया के नारे लगाने लगे। राज्यमंत्री गौतम टेटवालने सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे सिंधिया और उनकी दादी के भी नारे लगवाए। इस पूरे भाषण में उन्होंने एक बार भी सीएम मोहन यादव का नाम नहीं लिया गया।
पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया भी इस मामले में पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने पर भी वे सिंधिया के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि जब तक खून की आखिरी बूंद है, वे सिंधिया के लिए समर्पित रहेंगे। हालांकि ये मामला पांच दिन पुराना बताया जा रहा है।
सिंधिया ने भी दिया बयान
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने भी अपने भाषण में कई बातें कहीं। उन्होंने बताया कि गौतम टेटवाल उज्जैन के प्रभारी मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन सिंधिया राजघराने की राजधानी रही है और महाकाल मंदिर की स्थापना भी उनके परिवार ने कराई थी।
सिंधिया तीन दिन के गुना दौरे पर हैं। इस दौरान वे कई सरकारी योजनाओं का लोकार्पण कर रहे हैं। हालांकि इस कार्यक्रम में गुना के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत नदारद दिखे, जो चर्चा का एक और विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
दोनों वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं। कुछ लोग इसे मंत्री की भावनात्मक कृतज्ञता बता रहे हैं। वहीं कई लोग इसे राजनीतिक चापलूसी की पराकाष्ठा करार दे रहे हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि एक मंच पर सीएम की तारीफ हुई और दूसरे मंच पर उनका नाम तक गायब रहा। यह अंतर लोगों को हैरान कर रहा है और मंत्री की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
FAQ
- गौतम टेटवाल कौन हैं?
गौतम टेटवाल मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वे उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं।
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