विधायक गोलू शुक्ला के परिवार की बसों ने दो माह में 5 की जान ली, पुलिस, आरटीओ चुप
INDORE. इंदौर-उज्जैन के बीच चल रही बस से हुए एक्सीडेंट में अब महिला की भी मौत हो गई है। यह बस विधायक गोलू शुक्ला के परिवार की बाणेश्वरी ट्रैवल्स (शुक्ला ब्रदर्स) की है। शुक्रवार को इंदौर-सांवेर रोड पर धरमपुरी के पास हुए एक्सीडेंट में दो बाइक पर सवार चार घायल हुए थे। इनमें शामिल महिला की मौत हो गई है।
इंदौर पुलिस और आरटीओ की सुस्ती का असर यह है कि बाणेशवरी ट्रैवल्स के ड्राइवर मद-मस्त हैं। नियम-कायदों को ठेंगा दिखाकर बेखौफ बसें दौड़ा रहे हैं।
इनकी हुई मौत
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परिवार बोला विधायक ड्राइवरों को समझाएं
उधर कलाबाई के परिजनों ने कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विधायक गोलू शुक्ला से अपील की कि वे ड्राइवरों को समझाएं। वे चाहते हैं कि ड्राइवर बस चलाते वक्त सावधानी बरतें और तेज रफ्तार से न दौड़ाएं।
आरटीओ से भी निवेदन किया गया कि बसों की स्पीड तय करें और कार्रवाई करें। पहले जब पूरा परिवार खत्म हुआ था, विधायक ने कहा था कि वे इस हादसे से दुखी हैं। वे ड्राइवरों को समझा रहे हैं कि बसें सावधानी से चलाएं।
विधायक गोलू शुक्ला जुड़ी खबर पर एक नजर...
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इस तरह 5 को लील गई गोलू की बसें
इन बसों पर आगे 'शुक्ला ब्रदर्स' और पीछे गोलू लिखा होता है। इन बसों से दो माह में 5 की मौत हो गई।
- 17 सितंबर को शुक्ला ब्रदर्स की बस ने रिंगनोदिया के पास बाइक को टक्कर मारी थी। इसमें पूरा परिवार चार लोगों की मौत हो गई थी। इसमें महेंद्र सोलंकी, पत्नी जयश्री व बेटे जिगर व तेजस का निधन हुआ था।
- 12 अक्टूबर को राजकुमार ब्रिज पर इन्हीं की बस ने एक्टिवा सवार को टक्कर मारी थी। इसमें खजराना निवासी अर्शी व उनकी बेटी घायल हुई थीं।
- 28 नवंबर को सांवेर रोड पर दो बाइक पर सवार चार को टक्कर मारी थी। इसमें महिला कलाबाई की मौत हो गई।
- इसके पहले बाणेशवरी लिखी कारों ने भी कहर बरपाया था और एक की मौत हुई थी।
पुलिस की चुप्पी, सामान्य केस
28 नवंबर की घटना में सांवेर पुलिस ने सामान्य धाराओं बीएनएस 281 व 125(ए) के तहत केस दर्ज किया, जो हिट एंड रन का है। इसके पहले जब चार की मौत हुई थी, तब भी सामान्य धाराएं थीं। इस समय भी मांग उठी थी कि गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाए, क्योंकि इसमें पूरा परिवार ही खत्म कर दिया गया, लेकिन पुलिस ने मांग को अनदेखा कर दिया।
ग्रामीण एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया और इंदौर आरटीओ प्रदीप शर्मा ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। इस वजह से बस के ड्राइवरों के हौसले बढ़ गए हैं।
ड्राइवर को पीटने पर आ गए अब लोग
इंदौर-उज्जैन के बीच धरमपुरी के पास 28 नवंबर को हुए एक्सीडेंट को देखकर भीड़ ने बस को घेर लिया था। इसमें से सवारी बाहर आ गई और लोगों ने जमकर बस को तोड़ा था। भीड़ ने बस की रफ्तार को देखकर जमकर गुस्सा निकाला था।
ड्राइवर और कंडक्टर को जमकर पीटा गया था। लोगों ने कहा कि इन बसों के कारण आए दिन मौतें हो रही हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके चलते इनके हौंसले बढ़ गए हैं।
आरटीओ दलाली का अड्डा बन गया
हाल ही में इंदौर आरटीओ में पत्रकारों के साथ बदतमीजी हुई। आरटीओ के कर्मचारियों, दलालों और गुंडों ने पत्रकारों की पिटाई की। इससे साफ है कि आरटीओ दलाली का अड्डा बन चुका है। भ्रष्टाचार के चलते मनचाहे लाइसेंस जारी हो रहे हैं। खटारा बसें भी धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं। आरटीओ केवल खानापूरी की कार्रवाई दिखाकर इतिश्री कर रहा है।