विधानसभा में सरकार का जवाब बना सवाल: GAD के पास ही नहीं खाली पदों का हिसाब
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- विधानसभा में सरकारी रिक्त पदों पर सवाल पूछा गया।
- GAD ने कहा- जानकारी अभी एकत्रित की जा रही है।
- भर्ती प्रक्रिया और अनुकंपा नियुक्तियों का भी पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया।
- विपक्ष ने सरकार की तैयारी और डेटा प्रबंधन पर सवाल उठाए।
- युवाओं से जुड़े रोजगार के मुद्दे पर सरकार जवाबों के घेरे में आई।
मध्य प्रदेश में लाखों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के पास ही प्रदेश में कितने पद खाली हैं, इसका एकीकृत आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया और सरकारी तैयारी पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस ने सरकार से क्या पूछा?
कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने विधानसभा में चार अहम सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि प्रदेश के सभी विभागों और जिलों में कुल कितने पद खाली हैं और विभागवार व आरक्षणवार उनकी स्थिति क्या है।
इसके अलावा उन्होंने यह भी जानना चाहा कि कितने पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, भर्ती में देरी क्यों हो रही है और लंबित अनुकंपा नियुक्तियों का निपटारा कब तक होगा।
सरकार का जवाब बना नई बहस का कारण
इन सभी सवालों के जवाब में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से मंत्री कृष्णा गौर ने केवल इतना कहा कि मांगी गई जानकारी एकत्रित की जा रही है। यानी सरकार ने न तो रिक्त पदों की संख्या बताई और न ही भर्ती या अनुकंपा नियुक्तियों का कोई विस्तृत आंकड़ा सदन में प्रस्तुत किया।
आंकड़े नहीं, तो भर्ती की प्लानिंग कैसे?
इस जवाब के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया कि यदि सामान्य प्रशासन विभाग के पास ही प्रदेश के रिक्त पदों का समेकित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो नई भर्तियों की योजना किस आधार पर बनाई जा रही है। यही वजह है कि विपक्ष अब सरकार की भर्ती नीति के साथ-साथ डेटा प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारी पर भी सवाल उठा रहा है।
युवाओं के लिए क्यों अहम है यह मामला?
सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए रिक्त पदों की सही जानकारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में विधानसभा में "जानकारी जुटाई जा रही है" जैसा जवाब यह संकेत देता है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा मूल डेटा अभी भी पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है।
अब नजर अगले जवाब पर
विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद अब यह देखना अहम होगा कि सरकार रिक्त पदों का पूरा ब्योरा कब तक सार्वजनिक करती है और भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या स्पष्ट रोडमैप सामने आता है।
ये खबरें भी पढ़ें...
स्कूल लौटो मिशन पर शिक्षा विभाग: राजनीतिक संरक्षण वाले अटैच शिक्षकों पर शिकंजा
सिंगरौली कोयला खदान पर विधानसभा में टकराव, हाथी कॉरिडोर को लेकर सरकार-विपक्ष आमने-सामने
UCC के नाम रहा विधानसभा का दूसरा दिन: कानून से ज्यादा प्रक्रिया पर भिड़े सत्ता और विपक्ष
मध्य प्रदेश में महंगाई भत्ते पर गतिरोध जारी, कर्मचारी-पेंशनर्स का इंतजार बढ़ा