सरकारी सिस्टम का डर खत्म क्यों हो रहा? मुख्य सचिव ने कलेक्टर-एसपी से मांगा जवाब

Ramanand Tiwari | May 27, 2026, 23:22 IST
chief secretary
मध्यप्रदेश में अवैध खनन, बिगड़ती कानून व्यवस्था, प्रदूषण और पानी के संकट को लेकर सरकार का रुख अब सख्त है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर-एसपी और अन्य अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी।

मध्यप्रदेश में बढ़ते अवैध खनन, बिगड़ती कानून व्यवस्था, प्रदूषण और पानी के संकट पर अब सरकार का टोन सख्त दिखने लगा है। बुधवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अफसरों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर सिस्टम का डर खत्म हो रहा है तो जिम्मेदारी प्रशासन की भी तय होगी। मुख्य सचिव ने प्रदेशभर के कलेक्टर, एसपी, नगर निगम आयुक्त और जिला पंचायत सीईओ से कई मुद्दों पर सीधे सवाल किए और कई जिलों को खुली फटकार भी मिली।



खनन माफिया इतना बेखौफ कैसे?

मुख्य सचिव ने अवैध खनन को लेकर सबसे तीखा रुख अपनाया। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बन रही है कि लोग प्रशासन और पुलिस पर ही वाहन चढ़ाने की हिम्मत कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि अब सिर्फ ड्राइवर पर कार्रवाई नहीं चलेगी। जिस वाहन से घटना होगी, उसके मालिक तक जिम्मेदारी तय होगी। सीएस ने कलेक्टर और एसपी को दो टूक कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो जवाबदेही सीधे जिलों की मानी जाएगी।



तीन साल में ड्रग्स फ्री एमपी का टारगेट

बैठक में कानून व्यवस्था के साथ नशे के बढ़ते नेटवर्क पर भी चिंता जताई गई। मुख्य सचिव ने कहा कि अगले तीन साल में मध्यप्रदेश को ड्रग्स मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए लगातार कार्रवाई, नेटवर्क पर निगरानी और गांव-शहर तक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।



गर्मी में ये हाल है, सर्दी में क्या होगा?

प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले जिलों में मैहर और सिंगरौली का नाम सामने आने पर मुख्य सचिव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है और हालात खराब हैं। सर्दियों में प्रदूषण और खतरनाक स्तर तक जा सकता है। दोनों जिलों के कलेक्टरों को तुरंत जांच और सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।



घटनाएं कम नहीं, बढ़ क्यों रही हैं?

नरवाई जलाने के मामलों में कमी नहीं आने पर जबलपुर और नरसिंहपुर प्रशासन को सीधी फटकार लगी। मुख्य सचिव ने कहा कि सिर्फ बैठकों से काम नहीं चलेगा। किसानों को सीडर मशीन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करें और जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाएं।



सीएस बोले- ये किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

बैठक में खुलासा हुआ कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 104 सरकारी हैंडपंप निजी कब्जे में हैं। इस पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों पर कब्जा प्रशासन की लापरवाही दिखाता है। संबंधित कलेक्टरों को तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। शहरों और गांवों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया।



अब NPK खाद के लिए भी मिलेगा टोकन

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि किसानों को ई-विकास पोर्टल के जरिए पंजीयन कर खाद दी जाए। साथ ही सिर्फ डीएपी ही नहीं, बल्कि एनपीके खाद के लिए भी टोकन सिस्टम लागू किया जाए ताकि वितरण केंद्रों पर अव्यवस्था न फैले।



पुल-पुलिया, पर्यटन और सुरक्षा पर फोकस

मुख्य सचिव ने मानसून से पहले पुल-पुलियों की मरम्मत, संकेतक लगाने और शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। बरगी क्रूज हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने सभी जिलों को पर्यटन स्थलों और जलाशयों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए।



कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें एक नजर में

  • अवैध खनन परकलेक्टर-एसपी की जवाबदेही तय
  • वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई के निर्देश।
  • तीन साल में ड्रग्स फ्री एमपी का लक्ष्य।
  • मैहर और सिंगरौली में प्रदूषण पर सख्ती।
  • नरवाई जलाने पर अफसरों को फटकार।
  • 104 सरकारी हैंडपंप निजी कब्जे में मिले।
  • NPK खाद के लिए भी टोकन सिस्टम लागू होगा।
  • मानसून से पहले पुल-पुलियों की मरम्मत के आदेश।
  • पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश।

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