ई-अटेंडेंस के पेंच में 8 माह से फंसा अतिथि शिक्षकों का दो माह का मानदेय
समझें क्या है पूरा मामला
- MP में अतिथि शिक्षकों का दो माह का मानदेय आठ महीनों से लंबित।
- ऑफलाइन हाजिरी सत्यापित होने के बाद भी DPI नहीं कर रहा भुगतान।
- दर्जनभर आवेदन और शिकायतों के बाद भी हो रही है टालमटोल।
- मई में सेवा से बाहर होने के बाद से पुराने वेतन के लिए भटक रहे गेस्ट टीचर
- मोबाइल एप के तकनीकी पेंच, सर्वर डाउन होने के कारण गड़बड़ाई थी व्यवस्था।
शिक्षकों का 8 माह से वेतन लंबित
मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों का 8 माह से वेतन लंबित है। 2025 के दो माह के इस वेतन के भुगतान के लिए उपस्थिति का भौतिक सत्यापन भी हो चुका है। सितम्बर और अक्टूबर माह में ई- अटेंडेंस की तकनीकी वजहों के चलते वेतन रोक दिया गया था। तब से अतिथि शिक्षक दर्जन भर से ज्यादा बार आवेदन कर चुके हैं। अधिकारी जल्द भुगतान का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है।
महीनों से चक्कर काट रहे हैं शिक्षक
सरकारी स्कूलों के हजारों शिक्षक दो माह के मानदेय के लिए महीनों से चक्कर काट रहे हैं। बीते साल ई- अटेंडेंस के तकनीकी कारणों के चलते उनका दो महीने का मानदेय रोक दिया गया था। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश पर वेतन रोके जाने के बाद प्रदेश में भारी विरोध हुआ था। स्थिति को देखते हुए संचालनालय द्वारा उपस्थिति का भौतिक सत्यापन कराया गया था। सत्यापन के बाद नियमित शिक्षकों को तो अगले महीने ही वेतन दे दिया गया, लेकिन गेस्ट टीचर अब भी
इंतजार ही कर रहे हैं।
आठ महीने से रोके बैठे भुगतान
सितंबर-अक्टूबर 2025 में सर्वर-नेटवर्क की समस्या और मोबाइल एप की तकनीकी वजह से ई-अटेंडेंस व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। इस कारण कई शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज न होने से उनका वेतन रोक दिया गया था। वेतन को रोके हुए आठ महीने गुजर चुके हैं। जबकि इस अवधि में गेस्ट टीचर की उपस्थिति का रिकॉर्ड से सत्यापन कराया जा चुका है। अतिथि शिक्षक इसको लेकर कई बार विकासखंड, जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर लोक शिक्षण संचालनालय तक पत्राचार कर चुके हैं। दर्जनभर से ज्यादा बार पत्र भेजने के बाद भी मानदेय के भुगतान में टालमटोल की जा रही है।
सत्र बीता फिर भी नहीं सुनवाई
सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों का सेवाकाल 10 माह ही होता है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 की सेवा मई में समाप्त हो चुकी है। जिसके बाद से अतिथि के रूप पढ़ाने वाले शिक्षक बेरोजगार हैं। कई गेस्ट टीचर की आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं है। ऐसे में उनके सामने कई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। इनमें से कई अतिथि शिक्षकों को स्कूलों में पढ़ाने का अवसर मिलना भी मुश्किल है। इसके बावजूद अपने दो माह के मानदेय के लिए उन्हें भटकाया जा रहा है। अधिकारी बार- बार आश्वासन तो दे रहे हैं, लेकिन भुगतान कब तक होगा ये कोई नहीं बता रहा।
मानदेय रोकने में भी हुआ पक्षपात
अतिथि शिक्षकों के संगठन के पदाधिकारी रविकांत गुप्ता का कहना है स्कूलों में गेस्ट टीचर्स से हर स्तर पर पक्षपात होता है। ज्वाइनिंग से लेकर मानदेय देने में भी उनसे दोहरा व्यवहार किया जाता है। आठ महीने पहले नियमित शिक्षक और गेस्ट टीचर्स का वेतन रोकने की परिस्थितियां एक जैसी थीं। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी का वेतन रोका, लेकिन फिर गुपचुप तरीके से नियमित शिक्षकों को भुगतान कर दिया। वहीं अतिथि शिक्षकों को आठ माह बाद भी सैलरी नहीं दी। अतिथि शिक्षक अब इस भेदभाव से परेशान हो चुके हैं। पिछले साल के दो माह का मानदेय न मिलने पर उनमें नाराजगी है।
FAQ
- कितने महीने से अतिथि शिक्षकों का वेतन रुका है?
प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों का वेतन 8 महीने से लंबित है। सितंबर-अक्टूबर 2025 का मानदेय अभी तक नहीं मिला। - उपस्थिति सत्यापित होने के बाद भी भुगतान क्यों नहीं हुआ?
स्कूलों की ऑफलाइन हाजिरी पंजी सत्यापित हो चुकी है, दर्जन भर शिकायतें DPI में हैं। पर DPI ने तकनीकी कारण यानी ई-अटेंडेंस न होने के आधार पर भुगतान टाल दिया।
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