90 हजार अतिथि शिक्षकों को राहत, अब एक साल में मिलेंगी 10 CL

Sandeep Kumar | Jul 25, 2026, 18:38 IST
90 हजार अतिथि शिक्षकों को राहत
मध्यप्रदेश के 90 हजार अतिथि शिक्षकों को अब साल में 10 सीएल मिलेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग जल्द आदेश जारी करेगा। बता दें कि इससे पहले कोई छुट्टी नहीं मिलती थी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • MP अतिथि शिक्षकों के लिए नया फैसला लिया गया।
  • अब हर अतिथि शिक्षक को 10 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे।
  • पहले अतिथि शिक्षकों को कोई छुट्टी नहीं मिलती थी।
  • स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जानकारी दी।
  • री-जॉइनिंग में अटेंडेंस नियमों में भी राहत मिली।

स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला

मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब हर अतिथि शिक्षक को साल में 10 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। पहले उन्हें कोई छुट्टी नहीं मिलती थी। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इसकी जानकारी दी। इससे पहले री-जॉइनिंग में भी अटेंडेंस की शर्त में राहत दी गई थी।



पहली बार मिलेगी सीएल की सुविधा

प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत 90 हजार अतिथि शिक्षकों को अब आकस्मिक अवकाश की सुविधा मिलेगी। अभी तक इन शिक्षकों को एक भी छुट्टी नहीं मिलती थी। अब हर शिक्षक को साल भर में दस सीएल दी जाएंगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग जल्द ही इसके आदेश जारी करेगा। यह फैसला शिक्षकों की लंबे समय की मांग के बाद आया है।



मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद फैसला

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सीएम मोहन यादव से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। उनके अनुसार सरकार ने अतिथि शिक्षकों की कार्य-सुविधा को ध्यान में रखा है। सत्र के दौरान कुल 10 सीएल (CL – Casual Leave) देने का फैसला हुआ है। यह अतिथि शिक्षकों के हित में विभाग का एक और अहम कदम है।



कैसे मिलेगी छुट्टी, जानें नियम

अतिथि शिक्षकों को कार्यभार संभालते ही एक दिन की सीएल मिलेगी। इसके बाद हर 30 दिन का काम पूरा होने पर एक अतिरिक्त सीएल जुड़ेगी। एक बार में शिक्षक अधिकतम तीन सीएल ले सकेंगे। मंत्री ने कहा कि विभाग शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। इस बारे में जरूरी आदेश जारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।



इससे पहले मिली थी अटेंडेंस में राहत

इससे पहले शुक्रवार को जारी आदेश में भी शिक्षकों को राहत मिली थी। पांच हजार ऐसे शिक्षक थे जिनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण री-जॉइनिंग नहीं हो पा रही थी। लोक शिक्षण आयुक्त ने ऐसे शिक्षकों को री-जॉइनिंग के लिए अटेंडेंस की शर्त से छूट दे दी थी। हालांकि री-जॉइन करने के बाद उन्हें लगातार ई-अटेंडेंस लगानी अनिवार्य होगी।



30 जून के आदेश में थी सख्ती

30 जून 2026 को जारी आदेश में री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी। इसके बाद अतिथि शिक्षकों के संगठन ने आयुक्त अभिषेक सिंह से मुलाकात की। उन्होंने अपनी समस्या बताते हुए राहत के लिए आवेदन दिया। इसके बाद आयुक्त ने चालू सत्र के लिए यह शर्त शिथिल कर दी। री-जॉइन करने वाले शिक्षकों को लिखित वचन-पत्र देना होगा कि आगे उन्हें यह छूट नहीं मिलेगी।



शिक्षक संगठन की मांग के बाद बदला रुख

अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार के नेतृत्व में आयुक्त के साथ बैठक हुई थी। बैठक में बताया गया कि पूरे सत्र में शिक्षकों को कोई अवकाश नहीं मिलता। गंभीर बीमारी, मातृत्व अवकाश, परिवार में मृत्यु, नेटवर्क समस्या और शादी जैसे कारणों से अटेंडेंस कम होने पर रियायत मांगी गई थी। इसी मांग के बाद विभाग ने पहले री-जॉइनिंग और अब सीएल की राहत दी है।



FAQ

  1. अतिथि शिक्षकों को साल में कितनी सीएल मिलेंगी?
    अतिथि शिक्षकों को अब साल भर में 10 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। पहले उन्हें कोई छुट्टी नहीं मिलती थी। स्कूल शिक्षा विभाग जल्द आदेश जारी करेगा।
  2. एक बार में कितनी सीएल ली जा सकती है?
    अतिथि शिक्षक एक बार में अधिकतम तीन सीएल ले सकेंगे। कार्यभार लेते ही एक दिन की सीएल मिलेगी। हर 30 दिन के काम पर एक अतिरिक्त सीएल जुड़ेगी।
  3. अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग में क्या राहत दी गई थी?
    90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले पांच हजार शिक्षकों को री-जॉइनिंग की शर्त से छूट मिली। हालांकि उन्हें आगे लगातार ई-अटेंडेंस लगानी होगी।

ये भी पढ़ें...

90% ई-अटेंडेंस में अटके हजारों अतिथि शिक्षकों को राहत, DEO कमेटी लेगी फैसला



ई-अटेंडेंस का नया नियम: स्कूल से नहीं किया लॉगआउट तो अटक सकती है शिक्षकों की सैलरी



बिजली कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस नियम का विरोध किया, आंदोलन की चेतावनी



बैतूल में बोले शिक्षामंत्री उदय प्रताप, शिक्षकों को लगानी होगी ई-अटेंडेंस



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • सीएम मोहन यादव
  • MP
  • स्कूल शिक्षा विभाग
  • अतिथि शिक्षक
  • शिक्षकों
  • मंत्री उदय प्रताप सिंह
  • ई-अटेंडेंस