90% ई-अटेंडेंस में अटके हजारों अतिथि शिक्षकों को राहत, DEO कमेटी लेगी फैसला
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को राहत मिली।
- करीब 8 हजार शिक्षक ई-अटेंडेंस में पीछे रहे।
- विभाग हर जिले में कमेटी बनाएगा।
- कमेटी हर शिक्षक का आवेदन जांचेगी।
- प्रदेश में 70 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।
क्यों बनी यह जरूरत
शिक्षा विभाग ने पहले नियम बनाया था कि 90 प्रतिशत या इससे ज्यादा अटेंडेंस वाले शिक्षक ही री-जॉइनिंग के हकदार होंगे। इसका आधार फरवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक की उपस्थिति रखी गई थी। इसी अवधि में नियमित मानदेय मिलना भी जरूरी बताया गया।कई शिक्षक अलग-अलग वजहों से यह शर्त पूरी नहीं कर सके। इसके बाद विरोध तेज हो गया। शिक्षकों ने विभाग के इस फैसले को एकतरफा बताया।
लोक शिक्षण आयुक्त का नया आदेश
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने रविवार को नया आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि हर जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO – District Education Officer) की अध्यक्षता में समिति बनेगी। यह तीन सदस्यीय समिति होगी।समिति उन सभी आवेदनों की जांच करेगी जो 90 प्रतिशत अटेंडेंस पूरी न होने से जुड़े हैं। शिक्षक अपने आवेदन ईमेल के जरिए संबंधित डीईओ कार्यालय भेज सकेंगे। समिति दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम फैसला लेगी।
विशेष परिस्थितियों पर भी होगा विचार
संचालनालय ने यह भी साफ किया है कि कुछ मामलों में खास परिस्थितियां हो सकती हैं। ऐसे मामलों में समिति सबूतों के आधार पर अलग से फैसला ले सकेगी। हर आवेदन का निपटारा तय समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य होगा। इससे शिक्षकों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
शिक्षकों की नाराजगी की वजह
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि विभाग के नियम में बड़ा विरोधाभास है। उनका तर्क है कि 100 प्रतिशत रिजल्ट देने वाला शिक्षक भी अगर 89 प्रतिशत अटेंडेंस पर रुक जाए तो उसे मौका नहीं मिलेगा।वहीं 90 प्रतिशत अटेंडेंस वाला शिक्षक भले ही सिर्फ 75 प्रतिशत रिजल्ट दे, फिर भी उसे नौकरी मिल जाएगी। शिक्षकों का कहना है कि यह नियम केवल अटेंडेंस पर आधारित है, रिजल्ट या मेहनत पर नहीं।
पहले क्या निर्देश जारी हुए थे
2 जुलाई को लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय ने री-जॉइनिंग को लेकर पहला निर्देश जारी किया था। उसमें कहा गया था कि सिर्फ 90 प्रतिशत या इससे ऊपर अटेंडेंस वाले शिक्षक ही आवेदन कर सकेंगे। इसी आदेश के बाद शिक्षकों में असंतोष बढ़ा और विभाग को नया रास्ता निकालना पड़ा।
इस विषय पर स्रोत सामग्री में किसी अतिथि शिक्षक या पदाधिकारी का नाम सहित सीधा उद्धरण मौजूद नहीं है, केवल सामान्य विरोध का उल्लेख है। इसलिए यह सेक्शन छोड़ा जा रहा है।
FAQ
- किन अतिथि शिक्षकों को राहत मिलेगी?
जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम रही, उन्हें राहत मिल सकती है। ऐसे करीब आठ हजार शिक्षक हैं। - शिक्षक आवेदन कैसे करेंगे?
शिक्षक अपना आवेदन ईमेल के जरिए संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेज सकते हैं। समिति दस्तावेजों की जांच के बाद फैसला लेगी।
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