MP शिक्षक तबादला 2026: 90% ई-अटेंडेंस जरूरी, CCL वाली महिलाओं को राहत

Amresh Kushwaha | Jun 21, 2026, 12:00 IST
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MP शिक्षक तबादला 2026
MP शिक्षक तबादला 2026

मध्यप्रदेश में शिक्षक तबादला 2026 के लिए 90% ई-अटेंडेंस अनिवार्य है। स्वीकृत अवकाश की अवधि भी इस गणना में शामिल होगी। महिला शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव के दौरान ई-अटेंडेंस से राहत मिलेगी। शिक्षक संगठन नेटवर्क समस्या पर आपत्ति जता रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश में शिक्षक तबादला 2026 की प्रक्रिया 19 जून से शुरू हो चुकी है।
  • स्वैच्छिक तबादले के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य शर्त रखी गई है।
  • स्वीकृत अवकाश की अवधि, जिसमें चाइल्ड केयर लीव भी शामिल है, 90 प्रतिशत गणना में जोड़ी जाएगी।
  • शिक्षक संगठन नेटवर्क समस्या और जनगणना ड्यूटी वाले शिक्षकों को लेकर आपत्ति उठा चुके हैं।
  • 23 जून 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है और प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है।

MP में शिक्षक तबादले का नया दौर

मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने साल 2026 के शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 19 जून 2026 से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए है। साथ ही, 23 जून 2026 तक आवेदन की अंतिम तारीख रखी गई है। विभाग ने साफ कहा है कि इस तारीख के बाद कोई आवेदन नहीं लिया जाएगा।

इस बार की नीति पिछले कई सालों की तुलना में बड़े बदलाव लेकर आई है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। किसी भी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। शिक्षकों को एमपी एजुकेशन पोर्टल (MP Education Portal) पर लॉगिन करके अपनी यूनिक आईडी (Unique ID) से आवेदन करना होगा।

90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त क्या है?

इस नीति की सबसे बड़ी शर्त है ई-अटेंडेंस। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जनवरी से मार्च तक नियमित 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस लगाने वाले शिक्षक ही वर्ष 2026 के स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए पात्र माने जाएंगे।

यह ई-अटेंडेंस हमारे शिक्षक ऐप के जरिए दर्ज होती है। सभी लोकसेवकों की उपस्थिति केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर ही मान्य होगी। इसका मतलब यह है कि जो शिक्षक इस ऐप से हाजिरी नहीं लगा रहे, उनकी उपस्थिति रिकॉर्ड में नहीं दिखती और वे तबादले के हकदार नहीं बनते।

CCL वाली महिला शिक्षकों को राहत कैसे?

यहां महिला शिक्षकों के लिए एक अहम प्रावधान है। इस 90 प्रतिशत की गणना में स्वीकृत अवकाश की अवधि भी सम्मिलित होगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जो महिला शिक्षक चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) पर थीं और उनका अवकाश विधिवत स्वीकृत हुआ था, उनकी वह अवधि उपस्थिति में जुड़ेगी।

यानी छुट्टी पर रही शिक्षिकाओं को यह डर नहीं होना चाहिए कि उनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम पड़ जाएगी। स्वीकृत सीसीएल की अवधि उनकी उपस्थिति का हिस्सा मानी जाएगी।

चाइल्ड केयर लीव के नए नियम भी जानें

महिला शिक्षकों के लिए सीसीएल के नियम भी बदले हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है जो 01 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है। इसके तहत पहले 365 दिन की सीसीएल पर 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा, जबकि अगले 365 दिनों के लिए केवल 80 प्रतिशत वेतन मिलेगा।

इससे पहले महिलाओं को पूरे 730 दिन का अवकाश पूर्ण वेतन के साथ मिलता था। यह बदलाव महिला शिक्षकों के लिए आर्थिक नजरिए से जरूरी जानकारी है।

सीसीएल सहित सभी प्रकार के अवकाश अब हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से ही स्वीकृत किए जाएंगे। ऑफलाइन या लिखित अवकाश आवेदन अब मान्य नहीं होंगे।

तबादले में किसे पहले मौका मिलेगा?

माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक स्वैच्छिक स्थानांतरण में पहली प्राथमिकता के पात्र होंगे। इसके बाद वरीयता क्रम इस तरह है। महिला अतिशेष शिक्षक, पुरुष अतिशेष, गंभीर बीमारी से पीड़ित महिला और पुरुष, पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थापना चाहने वाले, विधवा व परित्यक्ता महिला और विधुर शिक्षक, राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार विजेता तथा सेवा वरिष्ठता के आधार पर आवेदकों को मौका मिलेगा।

एक बार स्वैच्छिक स्थानांतरण होने के बाद आगामी तीन सत्रों तक विशेष परिस्थितियों को छोड़कर पुनः आवेदन नहीं किया जा सकेगा। यह शर्त उन शिक्षकों के लिए जानना जरूरी है जो बार-बार ट्रांसफर चाहते हैं।

शिक्षक संगठनों ने क्या कहा?

शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि प्रदेश के कई स्कूल दूरस्थ और नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में स्थित हैं। यहां तकनीकी कारणों से नियमित ई-अटेंडेंस दर्ज करना संभव नहीं है। कई शिक्षक नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित रहते हैं, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती।

इसके अलावा उपेंद्र कौशल के मुताबिक प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत शिक्षक इस समय जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। इससे वे तबादला आवेदन से बाहर हो जाते हैं। संगठन ने मांग की है कि ई-अटेंडेंस की सीमा घटाई जाए और जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को भी तबादले की अनुमति दी जाए।

इनका नहीं होगा तबादला?

गंभीर बीमारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता या सेवानिवृत्ति में एक साल से कम समय वाले शिक्षकों को अतिशेष मानकर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। साथ ही मॉडल स्कूल, उत्कृष्ट विद्यालय और सांदीपनि विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोकसेवकों को गृह जिले में ट्रांसफर दिया जा सकता है।

महिला शिक्षक निजी फोन से ई-अटेंडेंस पर क्या बोलीं?

ग्वालियर के महाराजपुर के एक स्कूल की महिला शिक्षक ज्योति पांडे ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में लिखा कि उनका एंड्रॉयड स्मार्टफोन शासन की नहीं, उनकी निजी संपत्ति है। उन्होंने कहा कि किसी मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अपनी लोकेशन, कैमरे और फोटो का एक्सेस देना निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि शासन द्वारा अलग से कोई स्मार्टफोन या डिवाइस दी जाए, तो आदेश मानने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा।

शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहा है जो ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे। इससे यह स्पष्ट है कि विभाग इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के मूड में है।

FAQ

  1. मध्यप्रदेश में शिक्षक तबादला 2026 के लिए ई-अटेंडेंस की क्या शर्त है?
    मध्यप्रदेश शिक्षक तबादला नीति 2026 के तहत स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जनवरी से मार्च तक 90% ई-अटेंडेंस अनिवार्य है। यह ई-अटेंडेंस हमारे शिक्षक ऐप के जरिए दर्ज होती है। खास बात यह है कि इस 90% की गणना में स्वीकृत अवकाश की अवधि भी शामिल होगी। इसका मतलब है कि चाइल्ड केयर लीव या अन्य स्वीकृत छुट्टियों पर रहने वाले शिक्षकों की वह अवधि उपस्थिति में जुड़ेगी।
  2. चाइल्ड केयर लीव पर रही महिला शिक्षक ट्रांसफर के लिए पात्र होंगी या नहीं?
    हां, चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) पर रही महिला शिक्षक तबादले के लिए पात्र हो सकती हैं, बशर्ते उनकी छुट्टी विधिवत स्वीकृत हो। नई नीति के अनुसार 90% ई-अटेंडेंस की गणना में स्वीकृत अवकाश की अवधि भी जोड़ी जाएगी।
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