मध्य प्रदेश से सोमनाथ-द्वारका पहुंचना होगा आसान, 6 राज्यों को जोड़ने वाला मेगा एक्सप्रेसवे बदलेगा सफर
समझें क्या है पूरा मामला
- गुजरात में 680 किलोमीटर लंबा सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है।
- लागत करीब 57 हजार 120 करोड़ रुपए बताई गई है।
- यह Delhi Mumbai Expressway से जुड़कर 6 राज्यों तक पहुंच देगा।
- डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) अक्टूबर 2026 में तैयार होने की बात है।
- निर्माण का लक्ष्य 36 महीने रखा गया है।
सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे कहां से कहां तक?
यह एक्सप्रेसवे गुजरात के सौराष्ट्र इलाके को अहमदाबाद से जोड़ेगा। इसका निर्माण गुजरात राज्य सड़क विकास निगम करेगा। रास्ते में हर 50 किलोमीटर पर फ्यूल स्टेशन, ईवी चार्जिंग पॉइंट, फूड कोर्ट, आराम करने की जगह और इमरजेंसी सुविधाएं देने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, राजकोट, जेतपुर, जूनागढ़, पोरबंदर और द्वारका से होकर गुजरेगा।
एमपी से गुजरात सफर पर क्या असर?
एमपी से गुजरात जाने वालों के लिए इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा बेहतर कनेक्टिविटी हो सकता है। नए एक्सप्रेसवे से सौराष्ट्र तक पहुंचना आसान होने की बात कही गई है। हालांकि इंदौर से सोमनाथ जाने में कितना समय बचेगा, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक अभी सोमनाथ से दिल्ली पहुंचने में आम तौर पर 22 से 24 घंटे लगते हैं। नया हाईवे बनने के बाद यह सफर घटकर 14 से 16 घंटे के बीच रह सकता है। दूरी भी कम होने का दावा है। अभी सोमनाथ से दिल्ली की दूरी करीब 1420 किलोमीटर है। रिपोर्ट के अनुसार नया रूट बनने के बाद यह करीब 1200 किलोमीटर रह जाएगी।
वडोदरा-गोधरा के पास से Delhi Mumbai Expressway पकड़ा जाएगा। इसके बाद रूट हरियाणा की ओर जाएगा। फिर गुरुग्राम और सोहना होते हुए दिल्ली पहुंचा जाएगा। फिलहाल इस परियोजना में एक्सप्रेसवे का रूट तय नहीं हुआ है।
किस चरण में कितना हिस्सा बनेगा?
पहले चरण में अहमदाबाद से राजकोट के बीच 170 किलोमीटर का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके बाद राजकोट से पोरबंदर तक 190 किलोमीटर का रास्ता तैयार होगा। वहीं जेतपुर से सोमनाथ के बीच 110 किलोमीटर का हिस्सा बनेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक सोमनाथ से अहमदाबाद पहुंचने के बाद आगे का सफर अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे से होगा। वडोदरा और गोधरा के पास यह रास्ता Delhi Mumbai Expressway से जुड़ जाएगा। यही कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश के लिए सबसे अहम है, क्योंकि राज्य का पश्चिमी हिस्सा इसी हाईवे पर पड़ता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Delhi Mumbai Expressway का करीब 244 किलोमीटर हिस्सा मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है। यह एक्सप्रेसवे मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिलों से होकर जाता है।
6 राज्यों को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे कैसे?
यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह गुजरात में बनेगा। हालांकि दूसरे हाईवे से जुड़ने के बाद इसकी कनेक्टिविटी 6 राज्यों और क्षेत्रों तक बढ़ जाएगी। इनमें गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली शामिल हैं। यानी एक्सप्रेसवे का फायदा सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरे राज्यों में भी इसका असर दिखेगा।
परियोजना कब शुरू और कब पूरी होगी?
गुजरात सरकार इस प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। पर्यावरण सलाहकारों की राय भी ली जा चुकी है। अब डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जो अक्टूबर 2026 में तय हो जाएगी। इसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही काम तेजी से आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
2030 का लक्ष्य क्या है?
निर्माण के लिए 36 महीने का समय तय किया गया है। अगर काम 2027 में शुरू होता है, तो एक्सप्रेसवे 2030 तक तैयार हो सकता है। हालांकि, अभी यह सिर्फ लक्ष्य है क्योंकि निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
इसलिए अभी यात्रा की योजना बनाते समय समय बचत के दावों पर भरोसा करना ठीक नहीं होगा। केंद्र की मंजूरी और डीपीआर पूरी होने के बाद ही रूट और समय की तस्वीर साफ होगी।
मध्य प्रदेश के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि गुजरात का यह एक्सप्रेसवे एमपी के हाईवे नेटवर्क से कितनी आसानी से जुड़ेगा।
यह खबर क्यों जरूरी है
एक्सप्रेसवे सिर्फ सफर आसान नहीं करते। ये व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं। मध्य प्रदेश और गुजरात पड़ोसी राज्य हैं, इसलिए दोनों के बीच आवाजाही और कारोबार का पुराना संबंध है। यही वजह है कि गुजरात में बनने वाले बड़े हाईवे का असर मध्य प्रदेश तक भी पहुंचता है।
सोमनाथ और द्वारका जैसे तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान हुई तो यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि यह परियोजना अभी मंजूरी और डीपीआर के चरण में है। इसलिए इससे जुड़ी सही और साफ जानकारी लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
FAQ
सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे की लंबाई और लागत कितनी होगी?
सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे की लंबाई 680 किलोमीटर होगी और इसकी लागत लगभग 57 हजार 120 करोड़ रुपए अनुमानित है.
यह एक्सप्रेसवे किन-किन जगहों को जोड़ता है?
यह एक्सप्रेसवे गुजरात के सौराष्ट्र इलाके को अहमदाबाद से जोड़ते हुए सुरेंद्रनगर, राजकोट, जेतपुर, जूनागढ़, पोरबंदर और द्वारका जैसे शहरों को भी जोड़ेगा.
एक्सप्रेसवे का निर्माण कब तक पूरा होने की संभावना है?
एक्सप्रेसवे का निर्माण 36 महीनों के भीतर पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे अगर कार्य 2027 में प्रारंभ होता है, तो यह 2030 तक तैयार हो सकता है.