गुना में टॉपर छात्रा का आरोप- प्राचार्य को पांच हजार की रिश्वत नहीं दी तो कम नंबर देकर सताया
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश के गुना जिले की एक मेधावी छात्रा ने प्राचार्य पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
- छात्रा महक शर्मा ने 12वीं में 69.2% अंकों से स्कूल टॉप किया, फिर भी प्रोजेक्ट में सबसे कम नंबर मिले।
- प्राचार्य उषा कुशवाह ने कथित तौर पर 5 विषयों के बदले 5,000 रुपए मांगे और नंबर काटने की धमकी दी।
- फेल हुए छात्रों को 18 से 20 नंबर मिले, लेकिन टॉपर महक को महज 10-11 नंबर दिए गए।
- छात्रा ने कलेक्टर को आवेदन देकर री-टोटलिंग और स्कूल रिकॉर्ड जांच की मांग की है।
टॉपर को मिले सबसे कम नंबर
मध्यप्रदेश के गुना जिले की चांचौड़ा तहसील में एक सरकारी स्कूल की छात्रा के साथ ऐसा हुआ, जो हैरान करने वाला है। बरखेड़ा खुर्द स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा महक शर्मा ने इस साल कक्षा 12वीं में 69.2% अंक लेकर पूरे स्कूल में टॉप किया। 2023-24 में 10वीं में भी वह अपने पूरे गांव में अव्वल रही थीं। लेकिन जब रिजल्ट आया तो एक अजीब तस्वीर सामने आई। महक को प्रोजेक्ट कार्य में सिर्फ 10-11 नंबर मिले। जबकि उनकी ही कक्षा के वे छात्र जो परीक्षा में फेल हुए, उन्हें भी 18 से 20 नंबर दिए गए थे।
5,000 रुपए की मांग और धमकी
महक ने कलेक्टर को दिए आवेदन में लिखा कि परीक्षा से करीब 15-16 दिन पहले प्राचार्य उषा कुशवाह ने उनसे पांच विषयों के बदले 5,000 रुपए की मांग की। साथ में यह भी धमकाया कि अगर पैसे नहीं दिए तो प्रोजेक्ट में नंबर काट दिए जाएंगे या उन्हें प्राइवेट करा दिया जाएगा। महक के मुताबिक उस वक्त वहां कुछ ही दूरी पर गांव का एक व्यक्ति भी मौजूद था, जिसने यह बात सुनी। महक ने घर आकर पिता मनोज कुमार शर्मा को यह बात बताई। लेकिन पिता ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मजाक समझ लिया।
रिजल्ट आने के बाद सच सामने आया
जब रिजल्ट आया तो महक के प्रोजेक्ट के नंबर देखकर पूरे परिवार को धक्का लगा। स्कूल टॉपर को कक्षा में सबसे कम अंक मिले थे। यही वह पल था जब पिता को एहसास हुआ कि बेटी की बात सच थी। महक ने मंगलवार को गुना कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को लिखित आवेदन दिया। इसमें उन्होंने प्राचार्य पर सालभर से परेशान करने का आरोप भी लगाया।
मानसिक तनाव में है छात्रा
आवेदन में महक ने लिखा कि रिजल्ट आने के बाद से वह ठीक से खाना नहीं खा पा रही हैं। रातों को नींद नहीं आती। इस पूरे मामले ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया है। महक ने अपने आवेदन में यह भी लिखा कि अगर उन्हें कुछ हो जाता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्राचार्य उषा कुशवाह की होगी। यह एक गंभीर बात है जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
छात्रा ने क्या मांग रखी?
महक ने कलेक्टर से मांग की है कि उनके प्रोजेक्ट की री-टोटलिंग किसी निष्पक्ष अधिकारी या शिक्षक से कराई जाए। इसके साथ ही स्कूल के पूरे रिकॉर्ड की जांच भी हो ताकि यह पता चल सके कि और किन छात्रों के साथ ऐसा हुआ। फिलहाल कलेक्टर कार्यालय ने आवेदन स्वीकार कर जांच का आश्वासन दिया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई - कलेक्टर
इस मामले को लेकर द सूत्र ने गुना कलेक्टर किशोर कन्याल से बात की। उनका कहना है कि मैंने डीओ को बोला है, कल तक सम्भवत जांच रिपोर्ट सामने आ जाएगी। उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभी तक प्राचार्य उषा कुशवाह का कोई बयान सामने नहीं आया है।
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