गुरु पूर्णिमा पर जयकारों से गूंज उठा एमपी, उज्जैन से सीहोर तक भक्ति का माहौल
Guru Purnima: आज गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) के अवसर पर पूरे मध्य प्रदेश में आस्था का माहौल है। राज्य के सभी प्रमुख मठों, आश्रमों और मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। भक्त अपने गुरुओं के दर्शन और पूजन के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। खंडवा, उज्जैन, सीहोर, हरदा, ग्वालियर और मुरैना जैसे शहरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
हर तरफ गुरु वंदना और जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। प्रशासन ने भी सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम किए हैं। खंडवा का श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर इस समय आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। मंगलवार रात से ही यहां भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। केवल 12 घंटे के भीतर डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने समाधि दर्शन किए।
देर रात तक यह आंकड़ा दो लाख के पार जाने का अनुमान है। पूरे खंडवा शहर में त्यौहार जैसा माहौल है। जगह-जगह भंडारे लगाए गए हैं जहां भक्तों को भोजन और प्रसादी बांटी जा रही है। भक्तों के उत्साह को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और रेलवे ने भी विशेष इंतजाम किए हैं।
खंडवा दादा दरबार में 1.5 लाख पहुंचे
खंडवा स्थित श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर में गुरु पूर्णिमा का मुख्य मेला आयोजित हो रहा है। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक डेढ़ लाख भक्त दर्शन कर चुके हैं। यहां स्वामी केशवानंद महाराज और स्वामी हरिहरानंद महाराज की समाधियां स्थित हैं। इन समाधियों के दर्शन के लिए देश भर से लोग आते हैं।
मंदिर परिसर में लगातार भक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है। सुबह से ही हजारों लोग कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। आरती के समय मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
शहर में 500 भंडारे और विशेष मेमू ट्रेन
खंडवा शहर में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। पूरे शहर में 500 से अधिक स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया है। इन भंडारों में पूरी-सब्जी, खिचड़ी, हलवा और आइसक्रीम तक का वितरण किया जा रहा है। स्थानीय लोग भी भक्तों की सेवा में लगे हुए हैं।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए रेलवे ने स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई है। यह ट्रेन खंडवा और सनावद के बीच 4 फेरे लगाएगी। यह अनारक्षित विशेष ट्रेन 29 और 30 जुलाई को संचालित की जाएगी। ट्रेन का ठहराव अजंटी, अत्तर, कोटलाखेड़ी और निमाड़खेड़ी स्टेशनों पर रखा गया है।
जिला प्रशासन ने स्थानीय छुट्टियों की घोषणा भी की है। खंडवा कलेक्टर के आदेशानुसार 29 जुलाई को खंडवा, पुनासा, मूंदी और हरसूद क्षेत्रों में स्थानीय अवकाश रहेगा। हालाँकि, बैंक और सरकारी कोषालय खुले रहेंगे ताकि सामान्य कामकाज प्रभावित न हो।
भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम
दादा दरबार (गुरु पूर्णिमा पर मंदिरों में पूजन) में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए नए इंतजाम किए गए हैं। भीड़ में अपनों से बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए विशेष अनाउंसमेंट सिस्टम लगाया गया है। लाउडस्पीकर के जरिए गुमशुदा लोगों की सूचना तुरंत प्रसारित की जा रही है।
मंदिर की पवित्र धूनी माई में अत्यधिक नारियल चढ़ने से तापमान बढ़ गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने नारियल चढ़ाने पर अस्थायी रोक लगाई। भक्तों से नारियल लेकर अलग थैलियों में जमा किए जा रहे हैं। धूनी माई का तापमान सामान्य होने के बाद इन्हें अर्पित किया जाएगा।
उज्जैन सांदीपनि आश्रम में महापूजा
उज्जैन के प्रसिद्ध सांदीपनि आश्रम में तड़के पट खुलते ही अनुष्ठान शुरू हो गए। यह वही स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने महर्षि सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त की थी। गुरु पूर्णिमा पर यहां भगवान श्रीकृष्ण और सांदीपनि मुनि का पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया गया।
पंचामृत पूजन के बाद भगवान का मोगरे के फूलों से सुंदर श्रृंगार किया गया। विश्व शांति के लिए आश्रम में विशेष हवन का आयोजन भी हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आश्रम पहुंचकर 1250 सीटों वाले अत्याधुनिक गीता भवन का लोकार्पण करेंगे।
सीहोर कुबेरेश्वर धाम में गुरु वंदन
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में गुरु पूर्णिमा मनाई गई। तड़के से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र होने लगे थे। भक्तों ने पंडित प्रदीप मिश्रा के दर्शन कर गुरु वंदना की और उनका आशीर्वाद लिया।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि जीवन में सही दिशा पाने के लिए गुरु का होना बहुत आवश्यक है। पूरे कुबेरेश्वर धाम परिसर में दिनभर धार्मिक भजनों की गूंज बनी रही।
हरदा, ग्वालियर और मुरैना में उत्साह
हरदा के 125 साल पुराने ऐतिहासिक पट्टाभिराम मंदिर में आठ दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जा रहा है। बुधवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में काकड़ा आरती संपन्न हुई। इसके बाद रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने शहर में भव्य प्रभातफेरी निकाली।
ग्वालियर के साईं मंदिर में बाबा को 56 भोग लगाया गया और फूल बंगला सजाया गया। मुरैना के प्राचीन करह धाम में तड़के 3 बजे से दर्शन शुरू हो गए। यहां वर्षों से अखंड रामधुन चल रही है। बाबा पटिया वाले के दर्शन के लिए हजारों भक्त पैदल यात्रा करके पहुंचे।
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