ग्वालियर के जनकगंज थाने में ASI का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, SP ने किया लाइन अटैच
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- जनकगंज थाने का ASI रिश्वत लेते वीडियो में कैद।
- एडवोकेट दीपांकर मिश्रा ने बनाया वायरल वीडियो।
- ASI प्रेम नारायण वैश्य को किया लाइन अटैच।
- रुपए देने वाले का नाम विवेक सोनी बताया जा रहा।
- SP ने तत्काल जांच के दिए आदेश।
रतम मिश्रा@GWALIOR. ग्वालियर के जनकगंज थाने में पुलिस भ्रष्टाचार (Police Corruption) का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ASI प्रेम नारायण वैश्य नोटों की गड्डी लेते हुए कैमरे में कैद हो गए।
एडवोकेट दीपांकर मिश्रा ने यह वीडियो बनाकर वायरल किया। वायरल वीडियो (Viral Video) के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ASI को लाइन अटैच कर दिया और जांच शुरू कर दी।
जनकगंज थाने में रिश्वत का खेल
ग्वालियर के जनकगंज थाने में पुलिस भ्रष्टाचार (Police Corruption) का मामला सामने आया है। शनिवार शाम करीब 6 बजे की यह घटना है। एक ASI एक व्यक्ति से रुपयों की गड्डी लेते हुए रंगे हाथ कैमरे में कैद हुआ।
यह वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए ASI को लाइन अटैच कर दिया।
एडवोकेट ने बनाया वीडियो
एडवोकेट दीपांकर मिश्रा जनकगंज थाने में थाना प्रभारी अतुल सोलंकी का इंतजार कर रहे थे। उसी दौरान एक व्यक्ति थाने में आया और वहां मौजूद दो पुलिसकर्मियों से बात करने लगा।
एडवोकेट को संदेह हुआ और उन्होंने वीडियो (Video Recording) बनाना शुरू कर दिया। तभी वहां मौजूद एक आरक्षक ने वीडियो बनते देख दोनों को सतर्क कर दिया।
नोटों की गड्डी गिनकर जेब में रखी
आरक्षक के सतर्क करने पर ASI प्रेम नारायण वैश्य और रुपए देने वाला व्यक्ति थाने से कुछ दूरी पर चले गए। वहां उस व्यक्ति ने ASI को नोटों की गड्डी सौंपी।
ASI ने गड्डी को ध्यान से गिना और अपनी जेब में रख लिया। एडवोकेट ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरे में कैद कर लिया। यह वीडियो (Viral Video) सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
विवेक सोनी का है नाम सामने
रुपए देने वाले व्यक्ति का नाम विवेक सोनी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वे सराफा बाजार में कारोबार करते हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि रुपए किस काम के बदले दिए गए। पुलिस जांच (Police Investigation) में यह बात सामने आने की उम्मीद है। इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है।
SP ने की तत्काल कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने ASI प्रेम नारायण वैश्य को जनकगंज थाने से हटाकर लाइन अटैच (Line Attach) कर दिया गया। लश्कर क्षेत्र की CSP किरण अहिरवार ने पुष्टि की कि जांच शुरू हो गई है। यह जांच करने की कोशिश की जा रही है कि यह रुपए आखिर किस कारण दिए जा रहे थे। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ASI लाइन अटैच
वीडियो वायरल होने के बाद एसपी साहब ने ASI को फिलहाल लाइन अटैच कर दिया है। इसके साथ ही इस पूरे मामले की जांच की जा रही है कि यह रुपए किसलिए दिए जा रहे थे।
-किरण अहिरवार, CSP लश्कर क्षेत्र, ग्वालियर
पुलिस भ्रष्टाचार पर उठे सवाल
यह घटना पुलिस विभाग (Police Department) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। थाने के अंदर या उसके ठीक बाहर रिश्वत (Bribe) लेने की यह घटना आम नागरिकों का भरोसा तोड़ती है।
एडवोकेट द्वारा वीडियो बनाना और उसे वायरल करना एक साहसिक कदम माना जा रहा है। इस प्रकरण ने साबित किया है कि जागरूक नागरिक भ्रष्टाचार को उजागर कर सकते हैं। आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
सीएम मोहन यादव को जीतू पटवारी ने दी चुनौती, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिया जवाब
भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन मॉडल: विकास की नई व्यवस्था या शक्तियों का केंद्रीकरण?
यूनिवर्सिटीज का बड़ा फैसला, सर्टिफिकेट से हटेगा इंडिया शब्द, लिखा जाएगा भारत
33 साल बाद MP में लौटेगी सोन चिरैया, राजस्थान से आएगा गोडावण