यूनिवर्सिटीज का बड़ा फैसला, सर्टिफिकेट से हटेगा इंडिया शब्द, लिखा जाएगा भारत

Sandeep Kumar | Jun 20, 2026, 19:31 IST
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यूनिवर्सिटीज का बड़ा फैसला
यूनिवर्सिटीज का बड़ा फैसला

देश की कई यूनिवर्सिटीज ने डिग्री और मार्कशीट से India शब्द हटाकर BHARAT लिखने का फैसला किया है। देश की कई यूनिवर्सिटीज ने यह फैसला लागू कर दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • डिग्री में अब India नहीं लिखा जाएगा।
  • दस्तावेजों में सिर्फ BHARAT लिखा जाएगा।
  • कई यूनिवर्सिटीज ने लागू किया फैसला।
  • दीक्षांत समारोह में बदलाव दिखा।
  • 17 यूनिवर्सिटीज ने प्रक्रिया शुरू की।

India शब्द हटाने का फैसला

देश की कई बड़ी यूनिवर्सिटीज ने डिग्री और मार्कशीट से India शब्द हटाने का फैसला किया है। अब छात्रों को मिलने वाले दस्तावेजों में केवल BHARAT लिखा जाएगा। यह बदलाव कई राज्यों में लागू हो रहा है। दीक्षांत समारोहों में इसका असर भी दिखाई देने लगा है। इस निर्णय को लेकर शैक्षणिक और राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

डिग्री में नाम बदलाव

देश की कई यूनिवर्सिटीज ने अपने सर्टिफिकेट्स में बदलाव किया है। अब डिग्री और मार्कशीट में India शब्द नहीं लिखा जाएगा। उसकी जगह केवल BHARAT शब्द का उपयोग किया जाएगा।

यह बदलाव शैक्षणिक दस्तावेजों में नई पहचान देगा। कई विश्वविद्यालयों ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे सभी संस्थानों में लागू होगी।

दीक्षांत समारोह में दिखेगा असर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जबलपुर दौरे पर रहेंगी और दीक्षांत समारोह की गवाह बनेंगी। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में इस बार डिग्रियों में India की जगह Bharat शब्द का उपयोग किया गया है।

कुलपति राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि भारत शब्द पहले से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस्तेमाल हो रहा है। कार्यकारिणी परिषद ने प्रस्ताव पास कर इसे लागू किया है।

भारत नाम का उपयोग

अब सभी आधिकारिक शैक्षणिक दस्तावेजों में भारत लिखा जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय पहचान से जोड़ा है। कुछ संस्थानों ने इसे पहले ही लागू कर दिया है। दीक्षांत समारोह में नए प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। इससे दस्तावेजों में एकरूपता लाने की कोशिश हो रही है। छात्रों को अब नए प्रारूप वाली डिग्री मिलेंगी।

यूनिवर्सिटी निर्णय प्रक्रिया

इस बदलाव को कार्यकारिणी परिषद ने मंजूरी दी है। कई वीसी स्तर पर प्रस्ताव पास किए गए हैं। संस्थानों ने इसे सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा है। यह निर्णय अलग-अलग राज्यों में लागू हो रहा है। 17 यूनिवर्सिटीज ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। अन्य संस्थान भी इसे अपनाने पर विचार कर रहे हैं।

इस निर्णय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक पहचान से जोड़ रहे हैं। वहीं कुछ इसे प्रशासनिक बदलाव मानते हैं। शिक्षा क्षेत्र में इसका व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। नीति स्तर पर आगे और बदलाव संभव हैं। यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

17 विश्वविद्यालयों में प्रस्ताव पारित

केंद्रीय एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य एमएल गुप्ता ने अपनी किताब में दावा किया है कि मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के 17 विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों ने प्रस्ताव पारित किए हैं।

इन संस्थानों में मध्य प्रदेश हरियाणा राजस्थान छत्तीसगढ़ गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं और उन्होंने दफ्तर के काम में केवल भारत शब्द के उपयोग का फैसला लिया है।

ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ने भी यही निर्णय लिया है और कुलपति स्मिता सहस्रबुद्धे ने कहा है कि कार्यकारी परिषद ने दस्तावेजों में India की जगह Bharat लिखने को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि पुरानी मार्कशीट खत्म होने के बाद नई मार्कशीट और डिग्रियों में भी यही बदलाव लागू होगा।

FAQ

  1. डिग्री और मार्कशीट में India क्यों हटाया गया?
    डिग्री और मार्कशीट से India शब्द हटाकर भारत लिखने का निर्णय कई यूनिवर्सिटीज ने लिया है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक दस्तावेजों में भारतीय पहचान को प्रमुखता देना बताया जा रहा है।
  2. क्या सभी यूनिवर्सिटीज में यह नियम लागू होगा?
    फिलहाल यह बदलाव कुछ राज्यों की लगभग 17 यूनिवर्सिटीज में शुरू हुआ है। धीरे-धीरे अन्य संस्थान भी इसे अपनाने की प्रक्रिया में हैं। यह निर्णय पूरी तरह राष्ट्रीय स्तर पर लागू होना अभी बाकी है।

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