एक ही परिवार के 5 घरों में घट रही रहस्यमयी घटनाएं, बाहर सो रहे लोग, बुलाना पड़ा तांत्रिक

Sourabh Bhatnagar | Jul 02, 2026, 08:45 IST
ग्वालियर में रहस्यमयी घटनाओं से 5 घरों में दहशत
ग्वालियर के आंतरी गांव में एक ही परिवार के 5 घरों में रहस्यमयी आग लगने की घटनाएं सामने आईं। न शॉर्ट सर्किट था, न गैस-चूल्हा जल रहा था। डर से लोग घर छोड़कर बाहर सोने लगे। एफएसएल टीम ने सैंपल लिए, मकान सील होने के बाद घटनाएं रुक गईं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • ग्वालियर के आंतरी गांव में एक परिवार के 5 घरों में अचानक आग लगने लगी।
  • न शॉर्ट सर्किट हुआ, न गैस-चूल्हा जल रहा था, फिर भी सामान जलने लगा।
  • डर के कारण परिवार रात में घर छोड़कर बाहर सोने लगा।
  • गांव में भूत-प्रेत और जादू-टोने की चर्चाएं शुरू हो गईं।
  • प्रशासन ने अंधविश्वास खारिज कर एफएसएल जांच शुरू करवाई।

पांच घर हुए प्रभावित

ग्वालियर जिले के आंतरी गांव से एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के पांच भाइयों के घरों में अलग-अलग समय पर आग लगने लगी। यह परिवार कल्याण सिंह बघेल, सेवाराम बघेल, कामता प्रसाद बघेल, महेंद्र बघेल और लक्षीराम बघेल का है।



सबसे पहले कल्याण सिंह के घर में यह घटना हुई। उनके कपड़ों और बिस्तर में अचानक आग लग गई। किसी को समझ नहीं आया कि आग कैसे लगी।



इसके बाद सेवाराम बघेल के घर में रखी खाद्य सामग्री जल गई। धीरे-धीरे यह सिलसिला बाकी तीन भाइयों के घरों तक भी पहुंच गया। हर बार आग अलग-अलग जगह और अलग-अलग सामान में लगती थी।



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डर से खुले में सोए लोग

परिवार का कहना है कि आग लगने के वक्त कोई सामान्य वजह नहीं मिलती थी। न बिजली की तार में शॉर्ट सर्किट था, न गैस या चूल्हा जल रहा था। इसके बावजूद कपड़े और बिस्तर अचानक सुलगने लगते थे।



बार-बार हो रही इन घटनाओं से पूरा परिवार डर गया। मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि लोगों ने रात में घर के अंदर सोना बंद कर दिया। सुरक्षा के लिए परिवार घर के बाहर खुले में सोने लगा और बारी-बारी पहरा देने लगा।



गांव के बाकी लोग भी इस मामले से डरे हुए हैं। किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर आग लगने की असली वजह क्या है।



अंधविश्वास या विज्ञान?

घटनाओं के बाद गांव में तरह-तरह की बातें होने लगीं। कुछ ग्रामीणों ने इसे भूत-प्रेत या जादू-टोने से जोड़ दिया। परिवार ने भी कई बार पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करवाए।



इसके लिए तांत्रिक तक बुलाया गया, लेकिन आग लगने का सिलसिला नहीं रुका। परिवार का मानना था कि शायद कोई अदृश्य शक्ति इसके पीछे है।



हालांकि प्रशासन शुरू से ही इस सोच से सहमत नहीं था। अधिकारियों ने साफ कहा कि अंधविश्वास की बातों पर भरोसा नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने मामले की वैज्ञानिक जांच पर जोर दिया।



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एफएसएल पहुंची जांच में

मामला गंभीर होता देख प्रशासन, पुलिस और एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की टीम गांव पहुंची। टीम ने घटनास्थल से कई तरह के सैंपल इकट्ठा किए। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।



एहतियात के तौर पर गांव में पानी का टैंकर भी तैनात किया गया। फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा गया, ताकि कोई नई घटना होने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।



जांच के दौरान अधिकारियों ने मकानों के कुछ हिस्सों को सील कर दिया। यह कदम उठाए जाने के बाद से आग लगने की कोई नई घटना सामने नहीं आई है। इस बात ने जांच को और दिलचस्प बना दिया है, क्योंकि मकान सील होते ही घटनाएं अचानक थम गईं।



पुलिस की रहेगी नजर

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। अभी तक किसी की सीधी भूमिका सामने नहीं आई है।



अधिकारियों के अनुसार, एफएसएल रिपोर्टआने के बाद अगली कार्रवाई तय होगी। अगर किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो नियमानुसार कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



फिलहाल गांव में आग लगने की घटनाएं बंद हैं। लेकिन मकान सील होते ही घटनाएं (Gwalior News) रुक जाने को लेकर ग्रामीणों में अलग-अलग चर्चाएं जारी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने को कहा गया है।



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