EE सुरेश अहिरवार की एक वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस, ग्वालियर पर सख्त नजर: भोंडवे के एक्शन से निगम में हड़कंप

Ramanand Tiwari | Apr 21, 2026, 24:04 IST
Photograph: (the sootr)
ग्वालियर नगर निगम में कमिश्नर संकेत भोंडवे की सख्ती से हड़कंप मचा है। 24 अप्रैल को बड़े दौरे से पहले कई अफसरों की सैलरी कटी और नोटिस जारी हुए।

ग्वालियर नगर निगम में जल्द ही बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे के तेवरों से निगम के कर्मचारियों में हलचल मच गई है। भोंडवे 24 अप्रैल को खुद अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के साथ ग्वालियर आ रहे हैं। इससे पहले, एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने अफसरों को कड़ी चेतावनी दी।



उन्होंने कहा कि बारिश से पहले सभी सड़कें ठीक की जाएं और नमामि गंगे की DPR तुरंत तैयार की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।



VC में गरजे भोंडवे: “काम करो, वरना कार्रवाई तय”

वीडियो कॉन्फ्रेंस में आयुक्त संकेत भोंडवे का रुख लापरवाह अफसरों के खिलाफ कड़ा था। उन्होंने शहर में सीवर, सड़क और नमामि गंगे प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। भोंडवे ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब सिर्फ मीटिंग्स नहीं, बल्कि असली परिणाम चाहिए।



इन अफसरों पर गिरी गाज

  1. एडिशनल कमिश्नर प्रदीप तोमर को नमामि गंगे प्रोजेक्ट में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी करने का आदेश।
  2. नमामी गंगे प्रोजेक्ट के कंसलटेंट REPL को टर्मिनेट करने का आदेश।
  3. EE सुरेश अहीरवार की एक वेतन वृद्धि रोकने के लिए SCN जारी करने का आदेश।
  4. EE संजीव गुप्ता का 15 दिन का वेतन काटने का आदेश।

बारिश से पहले सड़कों पर फोकस

IAS संकेत भोंडवे ने साफ निर्देश दिए कि बारिश से पहले सभी प्रमुख सड़कें ठीक करवा ली जाएं। इसके अलावा, मल्होत्रा मोड़ क्षेत्र के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट की DPR जल्द तैयार करने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी काम में देरी होती है, तो इसे लापरवाही माना जाएगा। इसके लिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।



IAS अफसर भी निशाने पर, मीटिंग में तीखे सवाल

भोंडवे ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी कड़ी फटकार लगाई। मीटिंग के दौरान उन्होंने सीधे सवाल किया, "कैसे आईएएस हो तुम, कोई काम सही से नहीं हो रहा?" कमिश्नर संघ प्रिय और एडिशनल कमिश्नर प्रतीक राव से एक बार बोलने के बाद भी उन्होंने फिर से पूछा, "क्या आईएएस हो तुम? काम क्यों नहीं हो रहा?" इस सख्त रुख ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब सिर्फ पद मायने नहीं रखते, बल्कि काम की गुणवत्ता और परफॉर्मेंस ही सबसे महत्वपूर्ण है।



मीटिंग के बाद भी सख्त संदेश

VC खत्म होने के बाद भी उनका रुख नरम नहीं हुआ। उन्होंने दो टूक कहा—“किसी जांच या शिकायत में किसी को नहीं बचाऊंगा, हर कोई खुद जिम्मेदार होगा।” इस बयान ने अफसरों के बीच बेचैनी और बढ़ा दी है।



24 अप्रैल का दौरा क्यों अहम?

  • संकेत भोंडवे और ACS संजय दुबे खुद ग्वालियर जाएंगे
  • जमीनी हकीकत की सीधे समीक्षा होगी
  • लापरवाही मिलने पर मौके पर ही बड़ा एक्शन संभव

यानी यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि निर्णायक साबित हो सकता है।



जनता की नजर अब नतीजों पर

ग्वालियर में लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो, टूटी सड़कें और भ्रष्टाचार की शिकायतें आम हैं। अब सवाल यही है कि क्या इस सख्ती से हालात बदलेंगे या यह भी एक और चेतावनी बनकर रह जाएगा।



संकेत भोंडवे ने साफ कर दिया है कि अब “काम नहीं तो कार्रवाई” का दौर शुरू हो चुका है। 24 अप्रैल का दौरा ग्वालियर नगर निगम के लिए अग्निपरीक्षा जैसा होगा, जहां हर स्तर पर जवाबदेही तय होती दिख रही है।



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