साहब पशु डॉक्टर थे... लेकिन शासन ने लोगों की सेवा में लगाया, अब HC ने लगा दी फटकार

Raj Singh | Mar 15, 2025, 14:20 IST
doctor
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ग्वालियर नगर निगम में पशु चिकित्सक को स्वास्थ्य अधिकारी बनाए जाने की नियुक्ति को गलत ठहराया और सरकार को कड़ी फटकार लगाई।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ग्वालियर नगर निगम में डॉ. अनुज शर्मा को स्वास्थ्य अधिकारी बनाए जाने की नियुक्ति पर तीखी टिप्पणी की। न्यायालय ने शासन और नगर निगम के इस कदम को गंभीर गलती करार दिया। अदालत ने यह कहा कि ग्वालियर की जनता को जानवर समझ लिया गया है, क्योंकि एक पशु चिकित्सक को स्वास्थ्य अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई।



क्या है पूरा मामला?

ये भी खबर पढ़ें... फर्जी कॉलेजों की मान्यताः मूल फाइलें हाईकोर्ट ने की तलब, छात्रों को मिली राहत



हाईकोर्ट का आदेश

मामले की सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने ग्वालियर नगर निगम और मध्य प्रदेश शासन से जवाब तलब किया। न्यायालय ने इसे ग्वालियर की जनता का अपमान मानते हुए डॉ. अनुज शर्मा की नियुक्ति को अवैध ठहराया। अदालत ने आदेश दिया कि डॉ. शर्मा को तुरंत उनके पद से हटा दिया जाए और उन्हें सागर में स्थानांतरित कर दिया जाए।



ये भी खबर पढ़ें... बिना सरकार की अनुमति के बनी नई कृषि उपज मंडी सिर्फ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, हाईकोर्ट पहुंचा मामला



न्यायालय का तर्क क्या था?

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य अधिकारी के पद के लिए आवेदक के पास मानव चिकित्सा (एमबीबीएस) की डिग्री होनी चाहिए, न कि पशु चिकित्सा (वेटरनरी मेडिसिन) की। न्यायालय ने इस नियुक्ति को मध्य प्रदेश सरकार की एक गंभीर गलती बताया और शासन से स्पष्टीकरण मांगा। अदालत ने मामले की गहन जांच की आवश्यकता जताई और 19 मार्च को अगली सुनवाई तय की।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • ग्वालियर न्यूज
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • मध्य प्रदेश
  • ग्वालियर नगर निगम
  • डॉक्टर
  • मध्य प्रदेश समाचार