ग्वालियर में 36 पुलिस जवान ट्रेनिंग से बाहर, AI से खाने में कीड़े की बनाई थी तस्वीर
News in Short
- जवानों ने खाने में कीड़े होने की फर्जी तस्वीरें बनाई थी।
- जांच में खुलासा हुआ कि जवानों ने फोटो बदलने के लिए AI टूल का सहारा लिया था।
- मेस के खाने में राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों की मांग को लेकर विवाद हुआ था।
- मध्य प्रदेश पुलिस प्रशिक्षण शाखा ने अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है।
News In Detail
एक सिपाही का धर्म अनुशासन होता है लेकिन जब रक्षक ही तकनीक का गलत इस्तेमाल कर साजिश रचने लगें तो परिणाम गंभीर होते हैं।
ग्वालियर में ट्रेनिंग ले रहे जवानों ने दाल-रोटी के स्वाद के चक्कर में अपने करियर को दांव पर लगा दिया है। तकनीक की चतुराई पकड़ी गई है। अब इन जवानों को वर्दी पर लगे इस दाग के साथ घर लौटना होगा।
क्या है पूरा मामला?
ग्वालियर के तिघरा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTS) में राजस्थान पुलिस के 800 जवान ट्रेनिंग ले रहे थे। इनमें से 36 जवानों ने खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी।
जवानों ने मांग की थी कि उन्हें खाने में राजस्थान के पारंपरिक पकवान (छाछ, केर-सांगरी और बेसन गट्टे की सब्जी) दिए जाएं। जब ये चीजें नहीं मिलीं तो वे नाराज हो गए थे।
AI से बनाए फर्जी फोटो
इन जवानों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल कर कीड़े वाले खाने और प्रदर्शन की झूठी तस्वीरें बनाई। सिर्फ इतना ही नहीं उन्हें राजस्थान के डीजीपी को भी भेज दिया था।
जांच के लिए भेजी टीम
सूचना मिलते ही राजस्थान के डीजीपी ने एक जांच टीम भेजी थी। स्थानीय अधिकारियों की जांच में यह सामने आया कि मेस का खाना एकदम सही था। जवानों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थी।
36 जवान ट्रेनिंग से बाहर
फिलहाल मध्य प्रदेश पुलिस ट्रेनिंग शाखा ने इन 36 जवानों को ट्रेनिंग से बाहर कर दिया है। अब उन्हें राजस्थान वापस भेजा जाएगा और उनके खिलाफ रिपोर्ट भी भेजी जाएगी।
ये खबरें भी पढ़िए...
पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के खाने में इल्लियां, गंदा मेस, टॉर्चर झेल रहे आरक्षक हमें कैसे दिलाएंगे न्याय?
एमपी न्यूज: MP BJP संगठन में बिना ट्रेनिंग प्रयोग? एक साल बाद भी जिलाध्यक्ष अनट्रेंड, नियुक्तियां अटकीं
तस्कर पर 'चवन्नी' का इनाम, सोशल मीडिया पर पूछा- चलन में नहीं तो कैसे मिलेंगे पैसे? पुलिस ने बताया पूरा हिसाब
बलरामपुर में कुसमी के बाद कोरंधा में मिली अफीम की खेती, पुलिस पहुंची मौके पर