लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट एरिया में नियो कॉर्प की प्रॉपर्टी की कुर्क
News in Short
- ईडी ने लंदन स्थित एक संपत्ति को कुर्क किया है, जिसका बाजार मूल्य 7.5 करोड़ रुपए है।
- यह संपत्ति मेसर्स नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड और उसके निदेशकों से जुड़ी एक बड़ी बैंक धोखाधड़ी से संबंधित है।
- दो प्रमुख मामलों में कथित धोखाधड़ी की राशि 307.44 करोड़ रुपए है।
- जांच में शेल कंपनियों के माध्यम से अपराध की आय को छिपाने के प्रयासों का खुलासा हुआ।
- आगे की जांच जारी है, जिसमें डिजिटल उपकरण और रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
News in Detail
लोन के नाम पर बैंकों से करोड़ों की धोखाधड़ी के दो मामलों में सीबीआई द्वारा दो केस दर्ज किए गए थे। इनमें एक केस पॉली लॉजिक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर उत्कर्ष त्रिवेदी पर दर्ज किया गया था। उत्कर्ष और उसकी कंपनी पर पंजाब नेशनल बैंक से 57.47 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। वहीं, दूसरा मामला नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड, उसके एमडी सुनील कुमार त्रिवेदी का है। सुनील कुमार और उसकी कंपनी पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 249.97 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज हुई है। दोनों मामलों में पीएनबी और एसबीआई को कारोबार के नाम पर 307.44 करोड़ का चूना लगाया गया है।
ईडी ने 3.36 करोड़ का बैंक लोन डकारने वाली फर्म की संपत्ति अटैच की
शेल कंपनियों का बुना था जाल
ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि बैंक फ्रॉड के लिए कंपनियों के एक नेटवर्क का उपयोग किया था। जिसमें कई फर्जी कंपनियां शामिल थीं। ये कंपनियां कर्मचारियों और करीबी रिश्तेदारों के नाम पर बनाई गई थीं। इसके जरिए पैसों को इधर-उधर घुमाया गया और सोर्स को छिपाने की कोशिश की गई। जालसाजी का उद्देश्य अवैध कमाई को वैध दिखाना और बैंक से निकाले गए रुपए हड़प करना था।
सतना मेडिकल बिल्डिंग में गुणवत्ता पर घमासान: रिपोर्ट में खामियां, निगम बोला-सब सही
निवेश के नाम पर विदेशों में फंडिंग
जांच में यह भी सामने आया कि इस घोटाले की रकम को विदेशों में निवेश के नाम पर भेजा गया। करोड़ों रुपए जांच एजेंसियों की नजर से बचाकर निवेश के नाम पर विदेशों में फंडिंग की गई। इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा लंदन में करोड़ों रुपए के रूप में जमा कराया गया था। ईडी ने पड़ताल के बाद लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के नजदीक इसी फंडिंग की राशि से खरीदी गई 7.5 करोड़ की अचल संपत्ति कुर्क कर ली है।
छापे में जब्त दस्तावेजों में मिले सुराग
इससे पहले, 26 फरवरी 2026 को ED ने आरोपियों के आवासीय परिसर में छापेमारी की थी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए थे, जिनसे इस घोटाले के नए पहलुओं का खुलासा हुआ। फिलहाल, ईडी इस मामले की आगे जांच कर रही है और आने वाले समय में इस मामले में और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।