हेमंत खंडेलवाल की अहंकार पर सीख: मंत्री और विधायकों से बोले-पद आज है कल नहीं रहेगा, कार्यकर्ता रहेंगे
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नेताओं को अहंकार से दूर रहने की सीख दी। रविवार को बड़वानी जिला मुख्यालय में संगठन की बैठक हुई। उन्होंने साफ कहा कि पद स्थायी नहीं होता।
यह प्रदेशाध्यक्ष के रूप में उनका बड़वानी का पहला दौरा था। बैठक में मध्य प्रदेश भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। खंडेलवाल ने पुराने दौर की पार्टी भी याद दिलाई।
समझें क्या है पूरा मामला
- खंडेलवाल रविवार को बड़वानी जिला मुख्यालय पहुंचे।
- यह उनका बड़वानी का पहला दौरा था।
- संगठन की बैठक में उन्होंने अहंकार से दूर रहने को कहा।
- उन्होंने कहा कि पद हमेशा किसी के पास नहीं रहता।
- उन्होंने कांग्रेस और चुनाव आयोग की पहल पर भी बयान दिया।
अहंकार पर सीख: पद स्थायी नहीं
खंडेलवाल ने कहा कि पद को स्थायी मानकर अहंकार नहीं करना चाहिए। यह अहंकार पर सीख मंत्री और विधायकों के लिए भी थी। उन्होंने खुद के बारे में भी कहा। वे पद पर रहें या न रहें, हमेशा कार्यकर्ता रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब जरा पीछे मुड़कर देखिए एक समय मंडल स्तर पर दो कार्यकर्ता मिलना भी मुश्किल था। आज पार्टी की मेहनत से हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम है। यह सफलता पुराने कार्यकर्ताओं की तपस्या का नतीजा है।
बूथ मजबूत तो जीत आसान
खंडेलवाल ने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं। बूथ मजबूत होने से चुनाव जीतने का रास्ता आसान होगा। उन्होंने हर चुनाव में जीत का संकल्प लेने की अपील की। MP BJP के संगठन को मजबूत करने पर उनका जोर रहा।
हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की। आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने जिले की चारों विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। लक्ष्य एक ही है, चारों सीटें।
मेडिकल कॉलेज और डॉक्टर पर दावा
मीडिया से बातचीत में खंडेलवाल ने कहा कि 50 मेडिकल कॉलेज और बनेंगे। उनके मुताबिक 400 लोगों पर एक डॉक्टर होगा। उनके मुताबिक भाजपा जमीन पर लगातार काम कर रही है, ताकि संगठन और मजबूत हो।
खंडेलवाल ने कहा कि आने वाली पीढ़ी कार्यकर्ताओं को सम्मान देगी। ये कार्यकर्ता सुरक्षित और आतंकवाद मुक्त देश की विचारधारा के लिए काम करते हैं। उनके मुताबिक यह सम्मान स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार जैसा होगा।
कांग्रेस पर 70 साल का आरोप
खंडेलवाल ने कांग्रेस पर 70 साल में कुछ न करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने सबके बारे में सोचा। उन्होंने गिनाया कि मोदी ने घर और फसल बीमा दिया। उन्होंने 2060 तक भारत के चीन और अमेरिका से आगे निकलने की बात कही।
जीतू पटवारी दिग्विजय सिंह विवाद का असर
खंडेलवाल के मुताबिक मध्य प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व संकट से जूझ रही है। उन्होंने कांग्रेस में गुटबाजी और आंतरिक कलह की बात भी कही। उनके मुताबिक नेता जनता के मुद्दे छोड़कर आपसी वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हैं। इससे संगठन कमजोर और दिशाहीन होता जा रहा है।
जीतू पटवारी दिग्विजय सिंह विवाद नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रहा है। खंडेलवाल के मुताबिक वह अब संगठन के हर स्तर पर दिखने लगा है। दिग्विजय सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। जीतू पटवारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। इसका असर कार्यकर्ताओं पर भी पड़ रहा है। पार्टी के भीतर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
एसआईआर पर क्या बोले खंडेलवाल
खंडेलवाल ने एसआईआर (SIR – Special Intensive Revision) को सामान्य प्रक्रिया बताया। यानी मतदाता सूची की गहन जांच। उनके मुताबिक आजादी के बाद यह प्रक्रिया कई बार हुई है। सरकार किसी भी दल की हो, सही व्यक्ति को वोट का अधिकार मिले। कोई गलत व्यक्ति वोट न दे पाए। उन्होंने चुनाव आयोग की इस पहल का स्वागत किया। उनके मुताबिक सभी दलों को इसका स्वागत करना चाहिए। लोगों को प्रक्रिया में भाग लेकर लोकतंत्र मजबूत करना चाहिए।
पहले दौरे में खंडेलवाल का संदेश दो हिस्सों में बंटा रहा। एक तरफ नेताओं को विनम्रता की सीख थी। दूसरी तरफ कांग्रेस पर सियासी हमला।
- हेमंत खंडेलवाल ने नेताओं को कौन सी सीख दी?
हेमंत खंडेलवाल ने नेताओं को अहंकार से दूर रहने और पद को स्थायी न मानने की सीख दी। - बड़वानी जिले में भाजपा की बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में खंडेलवाल ने मध्य प्रदेश भाजपा संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की शक्ति पर जोर देने और आगामी चुनावों में चारों विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। - खंडेलवाल ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
खंडेलवाल ने कांग्रेस पर 70 साल तक कुछ न करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के नेतृत्व में गुटबाजी और आंतरिक कलह है, जो संगठन को कमजोर कर रही है।