OMG! भरी अदालत में ही अपहरण की कोशिश, हैरान जज ने पूछा मेरे सामने ही…
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले (Ashoknagar District) में आदिवासी जमीन (Tribal Land) पर कब्जे का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही दबंगों ने आदिवासी छोटेलाल (Chhotelal) को जबरन ले जाने की कोशिश की। जस्टिस आनंद पाठक (Justice Anand Pathak) ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अशोकनगर कलेक्टर (Ashoknagar Collector) और एसपी (SP Ashoknagar) को मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए।
आदिवासी जमीन विवाद: कोर्ट में रो पड़ी पीड़िता
कोर्टरूम में जबरदस्ती ले जाने की कोशिश
सुनवाई के दौरान छोटेलाल कोर्ट में पहले से मौजूद था, लेकिन तभी गौरव शर्मा (Gaurav Sharma) और उसके पिता धर्मपाल शर्मा (Dharmapal Sharma) उसे जबरन कोर्टरूम से बाहर ले जाने लगे। जस्टिस आनंद पाठक (Justice Anand Pathak) की नजर इस पर पड़ी और उन्होंने गुस्से में दोनों को कोर्टरूम से बाहर करवा दिया। उन्होंने कहा "जब हमारे सामने ये हो रहा है, तो फिर बाद में क्या होगा?"
कोर्ट का सख्त आदेश: जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक
कोर्ट ने अशोकनगर कलेक्टर और एसपी (Collector & SP, Ashoknagar) को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुन्नीबाई की जमीन पर कोई भी लेन-देन नहीं होगा, जब तक कि मामला पूरी तरह हल न हो जाए। पुलिस छोटेलाल और मुन्नीबाई को सुरक्षा प्रदान करे और व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी रखे। पति-पत्नी को ग्राम सुरेल (Village Surel) में एक साथ रहने की अनुमति दी जाए। अगर जिले में कोई भी व्यक्ति बंधुआ मजदूरी के जरिए जमीन छुड़वा रहा है, तो उसकी भी जांच हो।
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कोर्ट का सवाल: छोटेलाल 4 घंटे में ग्वालियर कैसे पहुंचा?
कोर्ट ने इस पूरे मामले में संदेह जताते हुए पूछा कि अशोकनगर से ग्वालियर की दूरी 4 घंटे की है, तो छोटेलाल इतनी जल्दी कैसे पहुंच गया?
इसके लिए लग्जरी गाड़ी चाहिए, क्या यह छोटेलाल असली है या डमी? कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा लग रहा है कि कोई और यह केस लड़ रहा है और छोटेलाल को सिर्फ नाममात्र के लिए पेश किया गया है।
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