भोजशाला परिसर के बाहर हिंदू समाज का सत्याग्रह, प्रवीण तोगड़िया ने नमाज पर उठाए सवाल
News in Short
- भोजशाला परिसर में हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच विवाद है।
- प्रवीण तोगड़िया ने परिसर का निरीक्षण किया और इसे मंदिर बताया।
- हिंदू समाज ने हनुमान चालीसा का पाठ और पूजा की।
- एएसआई की रिपोर्ट ने परिसर को मंदिर बताया, मुस्लिम पक्ष ने सवाल उठाए।
- हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई चल रही है, मामले का हल कोर्ट के फैसले पर निर्भर।
News in Detail
मध्यप्रदेश के धार जिले में भोजशाला परिसर विवादित हो गया है। इस विवाद में हिंदू और मुस्लिम पक्ष शामिल हैं। हिंदू समाज ने सत्याग्रह किया। प्रवीण तोगड़िया (Praveen Togadia ) ने परिसर का निरीक्षण किया। तोगड़िया ने कहा कि यहां शिवलिंग, मूर्तियां और अन्य धार्मिक चिह्न हैं। उनके अनुसार यह स्थल मंदिर है, न कि मस्जिद।
यहां नमाज नहीं होनी चाहिए
भोजशाला परिसर में हिंदू समाज ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। पूजा का आयोजन भी किया गया। इसके बाद प्रवीण तोगड़िया ने परिसर का दौरा किया। तोगड़िया ने कहा कि परिसर में शिवलिंग, मूर्तियां और शिलालेख हैं। यह मंदिर होने का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यहां नमाज नहीं होनी चाहिए। वाग्देवी की मूर्ति स्थापित कर पूजा की अनुमति मिलनी चाहिए।
हाईकोर्ट में सुनवाई
भोजशाला के विवाद को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के इंदौर खंडपीठ में नियमित सुनवाई चल रही है। हिंदू पक्ष ने अदालत में कहा कि यह स्थल देवी सरस्वती का मंदिर है। उन्होंने इसे मस्जिद होने से इनकार किया। एएसआई ने अपनी रिपोर्ट में इसे मंदिर बताया। मुस्लिम पक्ष ने एएसआई की रिपोर्ट पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि एएसआई ने विवादित वस्तुओं को सर्वेक्षण में शामिल किया।
दोनों पक्ष के अपने-अपने दावे
एएसआई की रिपोर्ट में कहा गया कि भोजशाला परिसर में मंदिर की संरचना थी। यह विवादित स्थल पुराने मंदिरों के हिस्सों से बना है। हिंदू पक्ष ने इसे मंदिर मानने की बात कही। मुस्लिम पक्ष ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि एएसआई ने आपत्तियों को नजरअंदाज किया। तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया।
तोगड़िया की मांग
प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि हिंदू समाज को पूजा का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि भोजशाला में वाग्देवी की मूर्ति स्थापित की जाए। तोगड़िया ने यह भी कहा कि केवल हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति मिले। उन्होंने नमाज पर रोक लगाने की बात भी की। उनके अनुसार, यह स्थान हिंदू आस्था का प्रतीक है।
इंदौर हाईकोर्ट में धार भोजशाला विवाद
भोजशाला का विवाद अब अदालत में है, और दोनों पक्षों की दलीलें सुनवाई के दौरान सामने आ रही हैं। एएसआई की रिपोर्ट और धार्मिक चिन्ह इस विवाद को और बढ़ा रहे हैं। हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद ही इस विवाद का हल निकल पाएगा। लेकिन इस मामले ने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच धार्मिक संवेदनाओं को फिर से उजागर कर दिया है।
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