रिटायरमेंट से तीन दिन पहले कॉलेज प्रिंसीपल पर एफआईआर, जानें क्या है मामला
समझें क्या है पूरा मामला...
- नर्मदापुरम के होमसाइंस कॉलेज में करीब9 लाख की खेलसामग्री खरीदी में गड़बड़ीहुई है।
- सामग्रीआने से पहले ही फर्मको लाखों रुपए का भुगतानकर दिया गया था।
- विधायक सीताशरण शर्माके निरीक्षण के बाद यहमामला सामने आया।
- कलेक्टर सोमेश मिश्रा केनिर्देश पर हुई जांचमें पांच अधिकारियोंकी भूमिका संदिग्धमिली।
- 30 जून कोसेवानिवृत्त हो रहींप्राचार्य डॉ. कामिनी जैनपर एफआईआर कीप्रक्रिया शुरू।
रिटायरमेंट से पहले बड़ी कार्रवाई
डॉ. कामिनी जैन30 जून को नौकरी सेरिटायर होने वाली हैं।ठीक इसी से पहले उनपर एफआईआर (FIR –First InformationReport) दर्ज करने कीप्रक्रिया शुरू हो गई है।होम साइंस कॉलेज मेंहुई खेल सामग्री की खरीदीइसकी जड़ बनी है। इसखरीदी में करीब 9लाख रुपए की अनियमितता काआरोप है।
कैसे खुला पूरा घोटाला
मामलातब सामने आया जब विधायकसीताशरण शर्मा कॉलेजनिरीक्षण परपहुंचे। निरीक्षण के दौरानविधायक ने खरीदप्रक्रिया पर कई सवाल उठाए।उन्होंने पूछा कि खेलसामग्री कहां है और भुगतानकब हुआ। आरोप है किसामग्री की आपूर्तिसे पहले ही फर्म कोबड़ी रकम दे दी गई।
जांच कीआशंका होते हीसामग्री को आनन-फाननकॉलेज पहुंचाने की कोशिशहुई। लेकिन तब तक यह पूरामामला प्रशासन केसंज्ञान में आ चुका था।इस जल्दबाजी नेअधिकारियों को कटघरे मेंला खड़ा किया।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच
आईएएस सोमेश मिश्रा नेइस मामले कोगंभीरता से लिया। उन्होंनेतत्काल पूरे प्रकरण कीजांच कराने के निर्देशदिए। जांच टीम नेकॉलेज के दस्तावेजखंगाले। कई लोगों के बयानभी दर्ज किए गए।रिपोर्ट में कई बड़ीअनियमितताओं का खुलासा हुआ।
पांच अधिकारी जांच के दायरे में
जांच रिपोर्टमें सिर्फ प्राचार्यका नाम नहीं है। पांचलोगों की भूमिकासंदिग्ध बताई गई है।इनमें प्राचार्यडॉ. कामिनी जैन सबसेऊपर हैं। साथ हीस्टोर प्रभारी का नामभी है। वित्तशाखा प्रभारी औरलेखापाल पर भी सवाल हैं।कॉलेज के खेलअधिकारी की भूमिका भीसंदिग्ध मानी गई है।
रिपोर्टमिलते हीकलेक्टर ने एफआईआरके निर्देशदे दिए।पुलिस अब आगेकीप्रक्रिया तेज कररही है। यहमामला कईबड़े खुलासे कर सकताहै।
तहसीलदार पहुंचीं कोतवाली
शनिवार को इसमामले में बड़ाकदम उठायागया। नगर तहसीलदारसरिता मालवीयजांच रिपोर्ट लेकरकोतवालीपहुंचीं। उन्होंनेपूरी रिपोर्टपुलिस केसामने रखी।पुलिस नेरिपोर्ट के आधारपर एफआईआर दर्जकरने की प्रक्रियाशुरू कर दी।
जल्द ही संबंधितअधिकारियों से पूछताछहो सकती है।इससे भुगतान कीपूरीप्रक्रिया साफहोगी। यह भी पताचलेगा कि किसनेजल्दबाजी क्योंकी।
कॉलेज में चर्चाओं का दौर
इसघटनाक्रम सेकॉलेज परिसर मेंहलचल मची है।कर्मचारी औरविद्यार्थी इसमुद्दे परखुलकर बात कररहे हैं।सबके मन मेंएक ही सवाल है।सामग्री प्राप्तकिए बिनाभुगतान कैसेहो गया? आखिरकिसकेनिर्देश परसरकारी राशि जारी कीगई?
कुछ लोगोंका कहनाहै कि यह कामअकेले एकव्यक्ति का नहीं होसकता। पूरेसिस्टम कीमिलीभगत के बिनाऐसा संभवनहीं है। अबपुलिस कीजांच से हीअसली सच सामनेआएगा।
सरकारी राशि और जवाबदेही का सवाल
यह मामलासरकारी राशि केदुरुपयोग का बड़ाउदाहरण है।कॉलेजों मेंखरीदी प्रक्रियाके नियम बेहदसख्त होतेहैं। पहलेसामग्री की डिलीवरीहोती है।फिर उसकी जांच होतीहै। तब जाकरभुगतान किया जाताहै। लेकिन यहां यहपूरीप्रक्रिया उल्टी चली।
ऐसीअनियमितताएंविद्यार्थियों के हकपर सीधाप्रहार हैं। खेलसामग्रीविद्यार्थियों के लिए हीहोती है। समयपर सामग्री नमिलने से उनकानुकसान हुआ।यह सिर्फ पैसे कानहीं, भरोसेका भी मामला है।
आगे क्या होगा
पुलिस अबविधिवत जांच आगेबढ़ाएगी। एफआईआरदर्ज होने के बादबयान दर्ज होंगे।दस्तावेजों कीदोबारा पड़तालहोगी। फर्म सेजुड़े लोगों सेभी पूछताछ संभवहै।
रिटायरमेंटसेठीक पहलेप्राचार्य पर मामला दर्जहोना बड़ी बातहै। यह केस आगे कईऔर राज खोलसकता है। फिलहालसबकी नजर पुलिसकी अगली कार्रवाईपर टिकी है।
FAQ
- होम साइंस कॉलेज नर्मदापुरम में कौन सा घोटाला सामने आया है?
इस कॉलेज में करीब 9 लाख रुपए की खेल सामग्री खरीदी में अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि सामग्री आने से पहले ही फर्म को भुगतान कर दिया गया था। मामला विधायक के निरीक्षण के बाद उजागर हुआ। - प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन पर क्या कार्रवाई हो रही है?
कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर डॉ. कामिनी जैन पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तहसीलदार सरिता मालवीय जांच रिपोर्ट लेकर कोतवाली पहुंचीं। यह कार्रवाई उनके 30 जून को होने वाले रिटायरमेंट से ठीक पहले हो रही है। - इस मामले में और कौन-कौन से अधिकारी जांच के दायरे में हैं?
जांच रिपोर्ट में कुल पांच लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी गई है। इनमें प्राचार्य, स्टोर प्रभारी, वित्त शाखा प्रभारी, लेखापाल और खेल अधिकारी शामिल हैं। पुलिस आगे इन सभी से पूछताछ कर सकती है।
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