वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे: 43% मोटे बच्चों में हाई बीपी की समस्या - AIIMS भोपाल स्टडी ने किया खुलासा
आजकल की बदलती लाइफस्टाइल की वजह से मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और बीपी बढ़ने की समस्या आम हो गई है। आगे चलकर ये समस्याएँ स्ट्रोक और हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। हर दूसरा व्यक्ति किसी ना किसी समस्या से घिरा हुआ है। इसकी चपेट में सिर्फ़ युवा ही नहीं बच्चे भी आ रहे हैं।
विश्व हाइपरटेंशन दिवस
AIMS की स्टडी में सामने आईं चौंकाने वाली बातें
MP News: एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) द्वारा 5 से 18 वर्ष की उम्र के मोटे बच्चों और किशोरों पर की गई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इनमें से 43% को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है। यह आंकड़ा बच्चों की सेहत के गंभीर चेतावनी है।बाल रोग विशेषज्ञ डॉ गिरीश भट्ट के अनुसार भले ही स्टडी कम लोगों पर की गई थी, लेकिन इसके परिणाम चौकाने वाले हैं। बच्चों में ब्लड प्रेशर होने से बिना किसी स्पष्ट लक्षण के अचानक ऑर्गन फेलियर का कारण बन सकती है। स्टडी में 26.7% बच्चों में एंड ऑर्गन डैमेज भी पाया गया है। ये भी पढ़ें: मोटापे से लेकर ब्लड प्रेशर और शुगर तक बढ़ाने वाली मेयोनीज तमिलनाडु में हुई बैन
MP में वयस्कों में भी बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर
नेशनल हेल्थ मिशन (National Health Mission) की स्क्रीनिंग रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश देश में हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में तीसरे नंबर पर है। 30 साल से ऊपर की उम्र के 3.13 करोड़ लोगों में से लगभग 22 लाख से अधिक मरीज हाइपरटेंशन के शिकार हैं।समय पर दवा नहीं लेने वालों की संख्या 30 फीसदी से अधिक है। आधे से ज्यादा लोग अपने वजन को नियंत्रित रखने के लिए कोई प्रयास नहीं करते हैं और लगभग 58 प्रतिशत लोग किसी तरह की एक्सरसाइज नहीं करते हैं। एम्स डीन एकेडमिक डॉ. रजनीश जोशी और आईसीएमआर (ICMR) की संयुक्त स्टडी में 5673 लोगों की जांच में 1488 को हाई बीपी पाया गया। 60 वर्ष से ऊपर के पुरुषों में यह समस्या 9.36% और महिलाओं में 7.9% रही।
भारत में 10.1 करोड़ लोगों को हाई BP
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डेटा के अनुसार, भारत में लगभग 10.1 करोड़ लोगों को हाइपरटेंशन है। इनमें से ज्यादातर लोगों को यह पता हीं नहीं है कि उन्हें हाइपरटेंशन है। ये भी पढ़ें: क्वालिटी टेस्ट में फेल हुईं पैरासिटामोल समेत 53 दवाएं, शुगर और ब्लड प्रेशर की गोलियां भी 'खतरनाक'
हाई बीपी के लक्षण
- सिरदर्द
- चक्कर आना
- सांस लेने में तकलीफ
- सीने में दर्द
- जी मिचलाना या उल्टी
- थकान और कमजोरी
बच्चों में हाई बीपी से बचाव के लिए क्या करें?
- देखें कहीं बच्चे का वजन अचानक से ज्यादा तो नहीं बढ़ रहा है।
- बच्चे में लगातार थकान या चिड़चिड़ापन होने पर जांच करवाएं।
- रात में बार-बार उठना या सांस रुकने की शिकायत हो तो ध्यान दें।
- तीन साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों का हर साल ब्लड प्रेशर जांच करवाना जरूरी है।
बचने के लिए अपनायें ये तरीके
- हर दिन कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें।
- पानी खूब पियें।
- पर्याप्त नींद लें।
- डाइट में प्रोटीन इंटेक ज्यादा रखें।
- ज्यादा चाय-कॉफी से बचें।
- सिगरेट और शराब से दूरी बनायें।
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