अजाक्स प्रांताध्यक्ष IAS संतोष वर्मा पर केस करने के लिए इंदौर कोर्ट में परिवाद दायर
ब्राह्मणों की बेटियों के खिलाफ बयान देने के मामले में अजाक्स के नव निर्वाचित अध्यक्ष और आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। उनकी विवादित टिप्पणी के चलते सरकार पहले ही IAS अफसर संतोष वर्मा को नोटिस जारी कर चुकी है।
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा केंद्र सरकार को उनकी पदोन्नति के खिलाफ पत्र लिख चुके हैं। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। अब उन पर केस करने के लिए इंदौर जिला कोर्ट में परिवाद दायर हुआ है।
4 दिसंबर को होंगे बयान
अधिवक्ता शैलेंद्र द्विवेदी द्वारा जिला कोर्ट (Indore District Court) में यह परिवाद दायर किया गया है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में इसे पेश किया गया है।
अधिवक्ता ने बताया कि वर्मा की टिप्पणी (IAS संतोष वर्मा विवादित बयान) समाज को बांटने वाली है। इसलिए उन पर BNS की धारा 295 क, 298 व 500 के तहत केस होना चाहिए।
इस मामले में चार दिसंबर को बयान दर्ज किए जाएंगे। परिवाद मंजूर हुआ तो कोर्ट पुलिस को वर्मा के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश देगी।
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क्या टिप्पणी की थी वर्मा ने
भोपाल में, 23 नवंबर को अंबेडकर मैदान में अजाक्स का प्रांतीय अधिवेशन हुआ था। इसमें IAS अधिकारी संतोष वर्मा को प्रांताध्यक्ष चुना गया था। इसी अधिवेशन में वर्मा ने कहा था, “एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण तब तक देना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता।”
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इसके बाद से ही लगातार प्रदर्शन जारी
इसके बाद से ही वर्मा के खिलाफ लगातार प्रदर्शन जारी है। हालांकि द सूत्र के ऑफिस में ही इंटरव्यू के दौरान टिप्पणी को लेकर माफी मांग चुके लेकिन विवाद नहीं थम रहा है। अब उनके पुराने विवादित मामले भी खुल रहे हैं।
शुक्रवार को भोपाल वल्लभ भवन (मंत्रालय) कैंपस के सामने भी उनके खिलाफ प्रदर्शन हुआ। इसमें संतोष वर्मा मुर्दाबाद और भगवान परशुराम की जय-जयकार करते हुए कांग्रेस–बीजेपी समेत सभी दलों और संगठनों के लोगों ने श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। इन सभी के द्वारा राज्य सरकार से मांग की गई है कि वर्मा का IAS अवॉर्ड वापस लिया जाए और एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए।