कुत्ते को शहद हजम नहीं होता... धीरेंद्र शास्त्री के मंच से आईएएस संतोष वर्मा के मामले में नरोत्तम मिश्रा के विवादित बोल

IAS संतोष वर्मा के मामले पर मध्य प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। एमपी के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने धीरेंद्र शास्त्री की सभा में IAS संतोष वर्मा साफ चेतावनी दी है।

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Sourabh Bhatnagar
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IAS SANTOSH verma STATEMENT
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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भागवत कथा के मंच पर उस समय माहौल गरम हो गया, जब पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आईएएस संतोष वर्मा के विवादित बयान पर जमकर निशाना साधा।

ब्राह्मण बेटियों पर दिए गए अभद्र बयान के बाद प्रदेश में समाज का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। इसी गुस्से को मिश्रा ने मंच से आवाज दी।

मिश्रा ने कहा कि यदि सरकार ऐसे अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं करती, तो “सनातन समाज फैसला करेगा (Sanatan Samaj will decide)”।

उनका यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है और सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बता दें कि नरोत्तम मिश्रा शुक्रवार को शिवपुरी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की कथा के मंच पर मौजूद थे।

ब्राह्मण समाज में गुस्सा चरम पर

आईएएस संतोष वर्मा (Santosh Verma Controversy) के विवादित बयान के बाद प्रदेश में कई जगह विरोध प्रदर्शन, पुतला दहन और नारेबाज़ी की घटनाएं देखी गईं। संतोष वर्मा को अजाक्स अध्यक्ष बनाए जाने के दौरान दिया गया यह बयान समाज में आग लगाने का कारण बना।

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जनवरों को अमृत हजम नहीं होता

पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आईएएस संतोष वर्मा के बयान पर शिवपुरी में जमकर नाराजगी जताई। मिश्रा ने मंच से ही सरकार से मांग की कि ऐसे अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। मिश्रा का कहना है कि वर्मा का बयान समाज को बांटने वाला है।

मिश्रा ने आगे कहा कि दुनिया में कुछ चीजें अमृत जैसी होती हैं, लेकिन हर कोई उन्हें संभाल नहीं पाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा-
आयुर्वेद में मधुमक्खी का शहद अमृत माना जाता है, लेकिन अगर कुत्ता उसे चाट ले तो उसकी मौत हो जाती है।

इसी तरह देशी गाय का घी अमृत है, लेकिन मक्खी उसे चाट ले तो मर जाती है। नीम को प्राकृतिक डॉक्टर कहा गया है, लेकिन अगर कौवा नीम की निबोली खा ले तो मर जाता है।

मिश्री मीठी और अमृत समान है, लेकिन अगर गधा खा ले तो वह भी नहीं बचता।

मिश्रा ने कहा कि ये सारी चीजें अमृत हैं, लेकिन कुत्ते, मक्खी, कौवे और गधे को हजम नहीं होतीं। ठीक उसी तरह सनातन भी अमृत है, लेकिन ऐसे अधिकारियों (संतोष वर्मा) को यह अमृत हजम नहीं होता।

नरोत्तम मिश्रा से जुड़ी खबर को 5 पॉइंट्स में

  1. नरोत्तम मिश्रा ने कथा मंच से IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान पर कड़ा हमला किया।

  2. मिश्रा बोले- सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो “सनातन समाज फैसला करेगा।”

  3. वर्मा के बयान से पूरे प्रदेश के ब्राह्मण समाज में विरोध और गुस्से का माहौल है।

  4. सरकार ने वर्मा को नोटिस देकर 7 दिनों में जवाब मांगा।

  5. वर्मा ने कहा था कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। बाद में माफी मांगी।

सनातन फैसला करेगा

अगर सरकार कोई सख्त कदम नहीं उठाती है, तो फिर हम सनातनी लोग भी फैसला करवाने की ताकत रखते हैं। बेटियों को लेकर किसी भी समाज में ऐसी अभद्र बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

ऐसे अधिकारी पर सरकार को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पढ़े-लिखे लोग और आईएएस अगर ऐसी गैरजिम्मेदार बातें करेंगे, तो समाज में क्या संदेश जाएगा?

सरकार की कार्रवाई और संतोष वर्मा की सफाई

मध्‍य प्रदेश सरकार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसे सिविल सेवा आचरण नियमावली का उल्लंघन माना है। सात दिनों में जवाब मांगा है।

घोर विरोध के बाद संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज से माफी भी मांगी, परंतु मामला थमता हुआ नहीं दिख रहा है। 

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विवादित बयान पर आईएएस संतोष वर्मा को नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

यह लिखा है नोटिस में

बयान को सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाला माना गया। यह अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 का उल्लंघन है। वर्मा को 7 दिन के भीतर अपना जवाब देना है।

जवाब संतोषजनक न होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। समय पर जवाब न मिलने की स्थिति में एकतरफा निर्णय लिया जा सकता है।

आईएएस संतोष वर्मा का बयान क्या था?

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अजाक्स (Ajjaks Madhya Pradesh) संगठन के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान IAS अफसर संतोष वर्मा (ias santosh verma bayan) को संगठन का नया प्रांताध्यक्ष चुना गया था।

इस दौरान अपने भाषण में संतोष वर्मा ( IAS संतोष वर्मा विवादित बयान) ने कहा था कि, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।

अजाक्स अध्यक्ष संतोष वर्मा यह भी कहा कि समाज में आरक्षण (Reservation ) तब तक रहेगा, जब तक रोटी-बेटी का व्यवहार समान नहीं होता।

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