आईडीए स्कीम मुक्त करने अक्टूबर में होगी विशेष बोर्ड बैठक, पीड़ितों से लिखित वादा

Sanjay Gupta | Sept 10, 2026, 15:21 IST
पीड़ितों से IDA का लिखित वादा
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की स्कीम 171 व स्कीम 77 से मुक्ति की राह देख रहे पीड़ितों का गुस्सा गुरुवार को फूट गया। सैकड़ों की संख्या में सभी आईडीए ऑफिस पहुंच गए। खासकर बुजुर्ग, जेन जी व अल्फा भी गए। लिखित वादे पर माने।

इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की स्कीम 171 व स्कीम 77 से मुक्ति की लड़ाई लड़ रहे 6000 प्लाट धारकों को दिवाली के पहले राहत मिलने की आस बंधी है। करीब 33 साल से प्लाट पर मकान बनाने का सपना देख रहे पीड़ितों का गुस्सा गुरुवार को फूटा और सैकड़ों की संख्या में प्राधिकरण के ऑफिस पहुंचे।



इसमें पीड़ितों के बुजुर्ग माता-पिता से लेकर उनके बच्चे (जेन जी, अल्फा) भी स्कूल-कॉलेज से छुट्टी लेकर पहुंचे थे। सभी के सब्र का बांध टूट चुका है। लंबी बहस के बाद लिखित आश्वासन पर प्रदर्शनकारी वापस लौटे।



यह दिया है लिखित वादा

लंबी चर्चा और हंगामे के बाद आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने लिखित में वादा किया है। प्लाट धारकों को लिखकर दिया गया है कि स्कीम 171 व 77 के प्लाट धारकों ने स्कीम लैप्स का ज्ञापन सौंपा है। इस संबंध में आईडीए बोर्ड की बैठक अक्टूबर 2026 के द्वितीय सप्ताह या इसके पूर्व आयोजित की जाएगी। इसकी पुष्टि की जाती है।



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विधायक, कांग्रेस नेता भी पहुंचे

आईडीए स्कीम से मुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे प्लाट धारकों के लिए लंबे समय से मांग कर रहे विधायक महेंद्र हार्डिया भी मौके पर पहुंचे। बंद कमरे में अधिकारियों से साफ कहा कि मैं कब तक आश्वासन देता रहूंगा और आप कब तक वादे करते रहेंगे। सालों हो गए हैं।



बैठक में संभागायुक्त भास्कर लक्षकार, कलेक्टर शिवम वर्मा, सीईओ झाड़े के साथ ही कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे व प्लाट धारक प्रतिनिधि अंदर मौजूद थे। इस दौरान खासी गरमा-गरमी हुई और ठोस वादा करने की बात हुई। आखिर में लिखित वादे पर सहमति बनी और प्रदर्शन खत्म हुआ। साथ ही प्लाट धारकों ने इसे अंतिम चेतावनी के रूप में कहा, नहीं तो फिर आगे आमरण अनशन होगा।



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स्कीम 77 अयोध्यापुरी का यह है विवाद

स्कीम 77 का हिस्सा है अयोध्यापुरी। ये रहवासी भी साल 2008 से अयोध्यापुरी रहवासी संघ बनाकर लड़ाई लड़ रहे हैं। साल 1996 में उनकी जमीन को स्कीम 77 में लिया गया था। यहां भी सैकड़ों प्लाट धारक हैं जो अपनी जमीन पर मकान बनाना चाहते हैं और इसके लिए लड़ रहे हैं।



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स्कीम 171 में 13 सोसायटी के 6000 प्लाट धारक

वहीं स्कीम 171 के दायरे में 13 सोसायटी के 6 हजार प्लाट धारक हैं। पहले यह स्कीम 132 थी बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर खत्म हुई तो फिर आईडीए ने यहां पर 171 स्कीम लागू कर दी। दिसंबर 2024 में स्कीम से मुक्ति के लिए 5.89 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं लेकिन स्कीम मुक्त नहीं हुई।



अगस्त 2025 में स्कीम मुक्ति का प्रस्ताव आया तो फिर यह प्रस्ताव पास किया कि सहकारी संस्थाओं को मुक्त कर सरकारी व निजी जमीन पर फिर नई स्कीम लाएंगे। इससे और पेंच फंस गया और स्कीम मुक्ति का मामला अटक गया। जबकि नियमानुसार राशि भरने के बाद पूरी स्कीम ही मुक्त होगी, इसमें टुकड़ों में प्रस्ताव पास नहीं हो सकता है। अब आईडीए ने इसमें लिखित आश्वासन दिया है जिससे उम्मीद बंधी है।



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