इंदौर में तीन कोशिशों के बाद भी नहीं उतरा इंडिगो का विमान, भोपाल करना पड़ा डायवर्ट, पायलट ने बचाई 195 जिंदगियां
भोपाल एयरपोर्ट पर भी विमान पहली कोशिश में नहीं उतर सका। हालांकि, दूसरे प्रयास में उसकी सुरक्षित लैंडिंग हो गई। इसके बाद विमान दोपहर करीब 2:20 बजे इंदौर के लिए रवाना हुआ। तय समय से करीब ढाई घंटे की देरी के बाद विमान इंदौर पहुंचा और सुरक्षित उतर गया। इसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
इंदौर में तीन बार नहीं उतर पाया विमान
जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6E-5181 मुंबई से 16 अक्टूबर की सुबह 11:50 बजे इंदौर पहुंचता था। यहां से इसे दोपहर 12:20 बजे हैदराबाद के लिए रवाना होना था।
वहीं, विमान इंदौर पहुंचा, लेकिन तेज हवा और हवा की दिशा अनुकूल नहीं होने के कारण पायलट को लैंडिंग में परेशानी हुई। विमान रनवे के करीब पहुंचा, लेकिन सुरक्षित उतरने की स्थिति नहीं बनने पर उसे दोबारा हवा में ले जाना पड़ा। पायलट ने तीन बार कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बार-बार विमान ऊपर उठने से घबराए यात्री
विमान को रनवे के करीब आने के बाद दोबारा ऊपर उठते देख यात्रियों की चिंता बढ़ गई। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि विमान बार-बार उतरने के बजाय हवा में क्यों जा रहा है।
इस दौरान फ्लाइट स्टाफ ने यात्रियों को मौसम की स्थिति के बारे में बताया। इसके बाद विमान को भोपाल ले जाने का फैसला किया गया। भोपाल में सुरक्षित लैंडिंग होने के बाद यात्रियों को कुछ राहत मिली, लेकिन उन्हें इंदौर पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ा।
भोपाल में दूसरी कोशिश में हुई लैंडिंग
इंदौर में तीन बार लैंडिंग की कोशिश नाकाम होने के बाद विमान भोपाल पहुंचा। यहां भी पहली कोशिश सफल नहीं रही, लेकिन दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित उतर गया।
इसके बाद विमान दोपहर करीब 2:20 बजे इंदौर के लिए रवाना हुआ। करीब ढाई घंटे की देरी के बाद विमान ने इंदौर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
तीन बार लैंडिंग न हो तो क्या करता है पायलट?
खराब मौसम या तेज हवा के कारण विमान को उतारना मुश्किल होने पर पायलट दोबारा कोशिश कर सकता है। अगर हालात अनुकूल नहीं होते, तो यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को किसी दूसरे एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला लिया जा सकता है। इसे Diversion कहा जाता है।
हर स्थिति में केवल तीन बार लैंडिंग की कोशिश करने का कोई एक तय नियम नहीं है। यह मौसम, विमान में मौजूद ईंधन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इस मामले में भी तीन असफल कोशिशों के बाद विमान को भोपाल ले जाया गया।