भागीरथपुरा दूषित पानी से हुई मौतों पर 6 माह में भी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं, आज सुनवाई
इंदौर के भागीरथपुरा में दिसंबर से जनवरी के बीच दूषित पानी पीने से 36 लोगों की मौत होने का मामला सामने आया था। हालांकि सरकार ने जनवरी में हाईकोर्ट में पेश अपनी रिपोर्ट में 23 मौतों को माना था। इनमें भी सिर्फ 16 मौतों को दूषित पानी से जुड़ा बताया गया, जबकि बाकी मौतों की वजह साफ नहीं हो सकी। भागीरथपुरा इंदौर कांड मामले को लेकर हाईकोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दाखिल हुईं। इसके बाद 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया।
6 माह में अभी जांच नहीं हुई पूरी
हाईकोर्ट के आदेश पर 27 जनवरी को जांच कमेटी बनाई गई थी। कमेटी से कहा गया था कि वह एक महीने के भीतर जांच पूरी कर 5 मार्च तक इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी कीरिपोर्ट सौंप दे। लेकिन जरूरी रिकॉर्ड समय पर नहीं मिलने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी।
इसके बाद कमेटी लगातार और समय मांगती रही। बाद में उसे 20 जुलाई की सुनवाई से पहले रिपोर्ट देने को कहा गया, लेकिन अब तक रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। माना जा रहा है कि कमेटी एक बार फिर अलग-अलग कारण बताते हुए जांच पूरी करने के लिए और समय मांग सकती है।
कमेटी को लेकर यह थे हाईकोर्ट के आदेश
हाईकोर्ट ने जांच कमेटी के अधिकार और जांच के बिंदु पहले ही तय कर दिए थे। कमेटी को यह पता लगाना है कि भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई हुई या नहीं।अगर पानी दूषित था, तो इसकी वजह क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
कमेटी यह भी जांच करेगी कि जिन लोगों की मौत हुई, क्या उनकी मौत दूषित पानी (इंदौर भागीरथपुरा न्यूज) पीने से हुई थी। इसके साथ ही मौतों की सही संख्या और प्रभावित परिवारों को कितना मुआवजा मिलना चाहिए, यह भी तय किया जाएगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
शिशुकुंज स्कूल के पानी में भागीरथपुरा कांड वाला कोलीफार्म बैक्टीरिया, फूड सैंपल फेल
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड पर रिटायर्ड हाईकोर्ट जस्टिस जांच कमेटी की रिपोर्ट नहीं हुई तैयार
भागीरथपुरा की राह पर रतलाम, कुएं का दूषित पानी पीने से सौ से ज्यादा बीमार