शहराध्यक्ष चिंटू से 6 घंटे में 275 सवाल, पूछा खानदान में पहले कोई नेता था क्या, AI क्या होता है
इंदौर में 21 फरवरी 2026 को कांग्रेस के दफ्तर गांधी भवन के बाहर बीजेपी और कांग्रेस में भिड़ंत हुई। जमकर पथराव हुए और दोनों ओर से नेता घायल हुए। बीजेपी की शिकायत पर कांग्रेस के 20 नेताओं पर केस हुआ। वहीं कांग्रेस की शिकायत पर बीजेपी के नेताओं पर और अज्ञात पर केस हुआ।
इस मामले में पांच महीने बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू की और शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे को तीन बार नोटिस देकर थाने बुलाया। पंढरीनाथ थाने पर एसीपी यश बिजोरिया ने छह घंटे तक पूछताछ की और 275 सवाल पूछे।
यह थे चिंटू से पूछे गए सवाल-
- आपका नाम क्या है
- कहां तक पढ़े हुए हैं
- क्या आपके खानदान में पहले कोई नेता हुआ है
- AI के बारे में क्या जानते हो, यह क्या होता है
- आपने षड्यंत्रपूर्वक बीजेपी नेताओं पर हमला क्यों किया
- पत्थर कहां से जमा किए
- आप गांधी भवन क्यों गए थे
- आप गांधी भवन में ऊपर थे तो फिर नीचे क्यों आए
- भीड़ वहां पर कैसे आई, आपने फोन कर बुलाया
- आपका व्यापार क्या है
- आप नेता प्रतिपक्ष कब बने, शहराध्यक्ष कब बने
- राजनीति में कब आए
थाने में थे इसी केस के आरोपी 15 नेता, पूछताछ नहीं
मजे की बात है कि अभी केवल चिंटू चौकसे को ही नोटिस दिया और उनसे पूछताछ की गई। जब यह घटनाक्रम चल रहा था तो विरोध के लिए कांग्रेसी थाने पहुंच गए। इसमें वह सभी नेता भी थे जो इसी केस में आरोपी हैं।
फरवरी 2026 में दर्ज इस केस में कुल 20 नामजद कांग्रेसी आरोपी हैं, इस दौरान इन आरोपियों में जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े, नेता प्रतिपक्ष निगम सोनिला मिमरोट, अमित पटेल, दौलत पटेल सहित करीब 15 नेता मौजूद थे। वहीं, पुलिस ने उनसे किसी तरह की पूछताछ नहीं की और ना ही उन्हें नोटिस देकर अभी तक बुलाया गया है।
डॉक्टर प्रवीण ढाणी को भी घेर दिया
यह घटना छात्र आंदोलन से शुरू हुई। जब चिंटू चौकसे और कांग्रेस ने भंवरकुआं पर छात्र आंदोलन को समर्थन दिया और सामग्री पहुंचाना शुरू किया। इसके बाद ही उन्हें 24 जुलाई को नोटिस आ गया। वायरल होने पर वह डॉक्टर प्रवीण ढाणी के पास गए और डॉक्टर ने सात दिन का रेस्ट लिख दिया।
चिंटू ने पुलिस को बताया कि वह बीमार हैं। जब तीसरे नोटिस पर चिंटू थाने पहुंचे तो पुलिस ने डॉक्टर को भी तलब किया और उनसे दो घंटे तक पूछताछ की कि आपने कैसे टेक रेस्ट लिख दिया।
कांग्रेसी बोल रहे शोषण, पुलिस बोली कार्रवाई नियमानुसार
इस मामले में कांग्रेसी मुखर हो रहे हैं। चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि यह छात्र आंदोलन में सपोर्ट करने के कारण टारगेट किया गया। अजीबोगरीब सवाल केवल परेशान करने और दबाव बनाने के लिए किए गए। यह सब उच्च स्तर से चल रहा है। लेकिन हम दबाव में नहीं आएंगे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी कहा कि पुलिस बीजेपी के दबाव में काम कर रही है और हम डरेंगे नहीं। वहीं एसीपी यश बिजौरिया का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार है और विवेचना के लिए ही नोटिस देकर बुलाया गया और जांच की गई।
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