इंदौर में सीएम हाउस से फोन आया तो मोबाइल की खोज में दौड़ी 10 थानों की पुलिस
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर में युवक का मोबाइल लूट लिया गया।
- युवक उज्जैन का रहने वाला बताया गया है।
- पुलिस ने पहले FIR दर्ज नहीं की।
- मामला सीएम हाउस तक पहुंच गया।
- अब 10 थानों की टीमें जांच कर रही हैं।
इंदौर में उज्जैन निवासी युवक का मोबाइल लूट लिया गया। पुलिस ने पहले सिर्फ शिकायती आवेदन लिया, FIR दर्ज नहीं की। मामला सीएम हाउस तक पहुंचा तो वरिष्ठ अधिकारियों को फोन गया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई अचानक तेज हो गई। अब 10 थानों की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। बताया जाता है कि जिनका मोबाइल चोरी हुआ हुआ सीएम के रिश्तेदार है। पलासिया थाना क्षेत्र में मोबाइल लूट का यह मामला अब चर्चा में है। पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं।
घटना कैसे हुई
31 अगस्त को उज्जैन के रहने वाले अनमोल वर्मा निजी काम से इंदौर आए थे। वे इंद्रदेव महादेव मंदिर क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। बदमाश उनका मोबाइल लूटकर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद अनमोल पलासिया थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
पहले सिर्फ आवेदन लिया गया
पीड़ित अनमोल का आरोप है कि थाने में उनकी FIR (फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट – First Information Report) दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने सिर्फ एक शिकायती आवेदन लेकर उन्हें वापस भेज दिया। इस तरह की शिकायतें आम लोगों से अक्सर सुनने को मिलती हैं। पीड़ित को न्याय के लिए भटकना पड़ता है। इस मामले में भी शुरुआत में कुछ ऐसा ही हुआ।
सीएम हाउस तक पहुंची बात
मामला यहीं नहीं रुका। एक सितंबर को यह शिकायत उज्जैन स्थित सीएम हाउस तक पहुंची। जानकारी के अनुसार अनमोल के मुख्यमंत्री के परिवार से परिचित होने की बात सामने आई।
इसके बाद सीएम हाउस से सीधे इंदौर पुलिस कमिश्नर और डीसीपी (DCP – Deputy Commissioner of Police) स्तर के अधिकारियों को फोन किया गया। अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
फोन आते ही बदल गई तस्वीर
वरिष्ठ अधिकारियों तक बात पहुंचते ही पलासिया पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए। पुलिस महकमे में हलचल मच गई। इसके बाद पुलिस ने लूट के आरोपियों को पकड़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया। करीब 10 थानों की टीमों को इस काम में लगाया गया। हर टीम अलग-अलग एंगल से बदमाशों की तलाश कर रही है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस को घटना से जुड़े सीसीटीवी (CCTV – Closed Circuit Television) फुटेज भी मिले हैं। इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश हो रही है। तकनीकी सुरागों के सहारे पुलिस बायपास और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस के रवैये पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। आम आदमी की शिकायत पर सिर्फ आवेदन लिया गया। लेकिन जैसे ही मामला ऊंचे स्तर तक पहुंचा, कार्रवाई तेज हो गई।
लोगों का कहना है कि हर पीड़ित को बिना सिफारिश के भी तुरंत न्याय मिलना चाहिए। यह घटना आम नागरिक और प्रभावशाली संपर्क वाले व्यक्ति के बीच के फर्क को भी उजागर करती है।
10 थानों की फोर्स खोज रही फोन
इंदौर में बाइक सवार बदमाशों द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिचित का महंगा मोबाइल लूटने का मामला सामने आया है। वारदात के बाद जब पलासिया पुलिस ने पीड़ित की एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया और केवल आवेदन लेकर टरका दिया, तो मामला उज्जैन स्थित सीएम हाउस तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री निवास से सीधे इंदौर के पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को निर्देश मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
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