इंदौर कलेक्ट्रेट में लगी अनोखी सोलर बेंच, बिना बिजली के कड़कती धूप में देगी AC जैसी हवा
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर में इन दिनों भीषण गर्मी और तेज लू का प्रकोप चल रहा है।
- कलेक्टर ऑफिस आने वाले लोगों को राहत देने के लिए अनोखा इंतजाम हुआ है।
- परिसर में सूरज की रोशनी से चलने वाली हाईटेक सोलर बेंच लगाई गई है।
- यह आधुनिक बेंच बिना बिजली के कड़कती धूप में एसी जैसी ठंडक देती है।
- पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर पूरे शहर में ऐसी बेंच लगाई जाएंगी।
मध्य प्रदेश का इंदौर शहर हमेशा अपने नए प्रयोगों के लिए जाना जाता है। इस बार इंदौर ने चिलचिलाती गर्मी से निपटने का एक बहुत ही शानदार तरीका निकाला है। यह तरीका पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए लोगों को सीधे राहत दे रहा है।
इंदौर में इन दिनों सूरज की तपिश बहुत ज्यादा बढ़ गई है। लोग तेज धूप और गर्म हवा के थपेड़ों से बेहद परेशान हैं। ऐसे में कलेक्टरेट कार्यालय आने वाले नागरिकों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है।
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने आम जनता की परेशानी को समझा। उन्होंने दफ्तर के परिसर में एक बहुत ही अनोखी बेंच लगवाई है। इस बेंच को सोलर आधारित इनोवेटिव बेंच नाम दिया गया है।
बिना बिजली के कैसे काम करती है यह बेंच?
यह नई बेंच सामान्य लकड़ी या लोहे की बेंच जैसी बिल्कुल नहीं है। इसे पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी यानी सौर ऊर्जा से चलने के लिए बनाया गया है। इसके ऊपर मजबूत सोलर पैनल फिट किए गए हैं।
यह पैनल दिनभर सूरज की सीधी रोशनी से बिजली बनाते रहते हैं। इस पूरी व्यवस्था को चलाने के लिए बाहरी बिजली कनेक्शन की कोई जरूरत नहीं पड़ती। यह अपने आप में एक आत्मनिर्भर सिस्टम है।
बेंच के ठीक ऊपरी हिस्से में एक बहुत ही पावरफुल पंखा लगाया गया है। यह पंखा सीधे नीचे बैठने वाले व्यक्ति को ठंडी और तेज हवा देता है। इससे धूप में बैठे इंसान को तुरंत सुकून मिलता है।
मिस्ट स्प्रे तकनीक से तुरंत मिलेगी बड़ी राहत
इस आधुनिक सोलर बेंच की सबसे बड़ी खासियत इसकी मिस्ट स्प्रे तकनीक है। इस सिस्टम से पानी की बहुत ही महीन और हल्की बौछारें निकलती हैं। यह बौछारें इतनी बारीक होती हैं कि शरीर को गीला नहीं करतीं।
जैसे ही पानी की ये बूंदें हवा में घुलती हैं, आसपास का माहौल बदल जाता है। यह सिस्टम कलेक्टरेट परिसर के तापमान को तुरंत 5 से 10 डिग्री तक कम कर देता है। इससे उमस से भारी राहत मिलती है।
सरकारी दफ्तरों में अक्सर लोगों को अपने काम के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यह ठंडी बेंच बुजुर्गों और महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लोग धूप में भी यहां आराम से बैठ पा रहे हैं।
शहर के प्रमुख स्थानों पर लगेगी सोलर चेयर
कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस नए प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य दफ्तर आने वाले लोगों का सफर आसान बनाना है। गर्मी में घंटों इंतजार करना बहुत मुश्किल काम होता है।
यह हाईटेक बेंच पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल यानी इको-फ्रेंडली है। अभी इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कलेक्टरेट में आजमाया जा रहा है। अधिकारी यहां आने वाले लोगों से इसका फीडबैक भी ले रहे हैं।
अगर यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा तो इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। आने वाले दिनों में इंदौर के पार्कों, बस स्टैंडों और भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजारों में भी ऐसी सोलर चेयर लगाई जाएंगी।
इस तरह की तकनीक से शहर को एक नया और आधुनिक रूप मिलेगा। पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता को कड़कती धूप से बड़ी राहत भी मिल सकेगी। इंदौर का यह कदम देश के दूसरे शहरों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।
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