MP में इंसानों की जगह अब फायर फाइटिंग रोबोट बुझाएगा आग, जानें इसके काम करने का तरीका
शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला...
- इंदौर नगर निगम ने आग बुझाने के लिए अत्याधुनिक फायर फाइटिंग रोबोट खरीदा है।
- इस रोबोट की कुल कीमत लगभग दो करोड़ रुपए बताई जा रही है।
- यह रिमोट से चलता है और खतरनाक जगहों पर आसानी से जा सकता है।
- रोबोट में लगा थर्मल कैमरा घने धुएं में भी रास्ता देख सकता है।
- प्लास्टिक फैक्ट्री और पीथमपुर की आग बुझाने में इसका सफल उपयोग हुआ है।
इंदौर शहर में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया गया है। अब शहर में भीषण आग बुझाने के लिए इंसान अपनी जान जोखिम में नहीं डालेंगे। इसके लिए इंदौर नगर निगम ने एक बेहद खास रोबोट को अपनी टीम में शामिल किया है।
यह रोबोट उस जगह भी जा सकता है जहां जाना नामुमकिन होता है। इस आधुनिक फायर फाइटिंग रोबोट की कीमत करीब दो करोड़ रुपए बताई गई है। यह रोबोट पूरी तरह से रिमोट कंट्रोल की मदद से काम करता है।
क्या है इस रोबोट की खूबी
इस रोबोट की सबसे बड़ी खूबी इसका एडवांस कैमरा सिस्टम है। इस कैमरे की मदद से ऑपरेटर मॉनिटर पर सब कुछ लाइव देख सकता है। इससे रोबोट को सही दिशा में आगे भेजना काफी आसान हो जाता है।
ये रोबोट उन जगहों के लिए बना है जहां तापमान बहुत ज्यादा होता है। अक्सर ऐसी जगहों पर फायर फाइटर्स का खड़े रहना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। ये रोबोट वहां बिना रुके पानी की बौछार कर सकता है।
इंदौर नगर निगम को ये रोबोट लगभग एक महीना पहले ही मिला है। निगम के कर्मचारियों को इसे चलाने की पूरी ट्रेनिंग दी जा चुकी है। पिछले कुछ दिनों में इसका सफल ट्रायल भी किया जा चुका है।
इस खास रोबोट को जयपुर की एक मशहूर रोबोटिक्स कंपनी ने बनाया है। क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स कंपनी ने इसे जेना एआई नाम दिया है। यह रोबोट पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर काम करता है।
टेक्निकल लैंग्वेज में इसे अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल रोबोटिक सिस्टम (Unmanned Ground Vehicle Robotic System) कहा जाता है। इसमें लगे सेंसर रास्ते में आने वाली रुकावटों को खुद पहचान लेते हैं। यह पथरीले और उबड़ खाबड़ रास्तों पर भी आसानी से चल सकता है।
कैसे काम करता है ये फायर फाइटिंग रोबोट
इस रोबोट को पानी के बड़े टैंकर से पाइप के जरिए जोड़ा जाता है। इसके बाद रिमोट की मदद से इसे आग के बिल्कुल पास भेजा जाता है। यह करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी से भी ऑपरेट किया जा सकता है।
यह रोबोट 500 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी को आसानी से झेल सकता है। इसके अंदर एक बेहतरीन कूलिंग सिस्टम लगा है जो इसे ठंडा रखता है। इसलिए ये गर्म माहौल में भी खराब नहीं होता है। इसके अंदर लगा थर्मल इमेजिंग कैमरा धुएं के पार भी देख सकता है।
यह कैमरा मलबे में फंसे लोगों और आग के मेन सोर्स को पहचानता है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन में बहुत ज्यादा मदद मिलती है। इस रोबोट के नीचे मजबूत क्रॉलर ट्रैक सिस्टम लगाया गया है।
ये ट्रैक इसे टैंक की तरह ताकत देता है जिससे यह सीढ़ियां चढ़ जाता है। मलबे के ढेर पर भी यह बिना फंसे आगे बढ़ता है। यह रोबोट पानी के साथ-साथ फोम का छिड़काव भी कर सकता है। इसका हाई प्रेशर मॉनिटर बहुत लंबी दूरी तक पानी फेंकने में सक्षम है।
यह भारी सामान को रास्ते से हटा भी सकता है। यह रोबोट लगभग 500 किलोग्राम तक का वजन आसानी से उठा सकता है। रास्ते में गिरे लोहे के एंगल या मलबे को यह खुद हटा देता है। इससे फायर फाइटर्स के लिए रास्ता साफ हो जाता है।
किन जगहों पर ज्यादा मददगार है ये जेना एआई रोबोट
यह रोबोट गैस प्लांट और केमिकल फैक्ट्रियों (Fire Fighting) की आग में बहुत काम आता है। इन जगहों पर जहरीली गैस और ब्लास्ट होने का खतरा हमेशा रहता है। ऐसे में यह रोबोट बिना डरे अंदर घुस जाता है।
बड़े गोदामों और लॉजिस्टिक हब के लिए भी यह बहुत उपयोगी है। बिजली के बड़े पावर प्लांट और ट्रांसफार्मर की आग में यह कारगर है। यह रोबोट विस्फोटक माहौल में भी सुरक्षित तरीके से काम करता है।
इस रोबोट की बैटरी लाइफ भी काफी शानदार और दमदार है। एक बार पूरा चार्ज होने पर यह 8 से 10 घंटे काम करता है। यह पानी के सबसे तेज प्रेशर को भी आसानी से संभाल लेता है।
इंदौर में कई बड़े हादसों में इसका इस्तेमाल शुरू हो चुका है। शनिवार (16 मई) सुबह नावदा पंथ की प्लास्टिक फैक्ट्री की आग में यह गया था। वहां इसने बहुत ही कम समय में आग पर काबू पाया।
इससे पहले परदेशीपुरा और सिटी फॉरेस्ट की आग में इसे भेजा गया था। पीथमपुर की एक बड़ी औद्योगिक आग में भी इसने अच्छा काम किया था। इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने इसकी तारीफ की है।
उन्होंने बताया कि यह AI रोबोट (AI Robot) हाई टेम्परेचर में भी लगातार काम करता है। पाइप से जुड़े होने के कारण यह फैक्ट्री के बहुत अंदर तक जाता है। दो करोड़ की कीमत में इसका कुछ साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।
FAQ
- इंदौर के फायर फाइटिंग रोबोट की कीमत और इसकी मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
इंदौर नगर निगम द्वारा खरीदे गए इस अत्याधुनिक जेना एआई फायर फाइटिंग रोबोट की कुल कीमत लगभग 2 करोड़ रुपए है। इस कीमत में रोबोट के साथ-साथ कुछ सालों का रखरखाव (मेंटेनेंस) भी शामिल है। इसकी मुख्य विशेषताओं की बात करें तो यह रोबोट पूरी तरह से रिमोट कंट्रोल द्वारा संचालित होता है और इसे 1.5 किलोमीटर की सुरक्षित दूरी से चलाया जा सकता है। यह रोबोट 500 डिग्री सेल्सियस जैसी भीषण गर्मी और उच्च तापमान में भी बिना रुके काम करने में सक्षम है। - जेना एआई रोबोट एक बार चार्ज होने पर कितने समय तक काम कर सकता है?
जयपुर की क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स कंपनी द्वारा बनाया गया यह जेना एआई रोबोट पावरफुल बैटरियों से लैस है। इसे एक बार पूरा चार्ज करने के बाद यह लगातार 8 से 10 घंटे तक आग बुझाने का काम कर सकता है। यह रोबोट पानी के बहुत तेज प्रेशर को भी आसानी से सहन कर लेता है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साढ़े सात से आठ किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर के अधिकतम प्रेशर पर भी यह रोबोट बिना असंतुलित हुए बेहतरीन तरीके से पानी और फोम का छिड़काव कर सकता है। - इस फायर फाइटिंग रोबोट का उपयोग किन संवेदनशील परिस्थितियों में किया जा सकता है?
इस रोबोट का डिजाइन विशेष रूप से ऐसे खतरनाक और जानलेवा वातावरण के लिए तैयार किया गया है जहां इंसानों का जाना सुरक्षित नहीं होता। यह रोबोट मुख्य रूप से तेल और गैस संयंत्रों में लगी आग, केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के हादसों, बड़े लॉजिस्टिक गोदामों, बिजली के भारी ट्रांसफार्मर और पावर प्लांट की आग को बुझाने में अत्यंत प्रभावी है। इसके अलावा जहां जहरीली गैसों का रिसाव हो रहा हो या अचानक विस्फोट होने का डर हो, वहां यह रोबोट बिना किसी मानवीय नुकसान के अंदर घुसकर मलबे को हटा सकता है और आग पर काबू पा सकता है।
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