इंदौर गैस पाइपलाइन हादसे में झुलसी झाला एयरलिफ्ट, पार्षद-अफसरों को बताया जिम्मेदार
INDORE. इंदौर में मंगलवार 23 जून की शाम को अवंतिका गैस पाइलपाइन में विस्फोट के हादसे में वार्ड 31 के बीजेपी पार्षद बालमुकुंद सोनी घिरा रहे हैं। साथ ही अधिकारियों द्वारा की गई लापरवाही की भी जांच हो रही है। इस घटना में घायल गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला को हाईकोर्ट के आदेश के बाद उपचार के लिए अहमदाबाद एयरलिफ्ट किया गया।
आईसीयू से बाहर आकर यह बोली झाला
एयरलिफ्ट के लिए आईसीयू से बाहर आई झाला दर्द से कराह रही थी। उन्होंने कहा कि मेरी हालत के लिए पार्षद और निगम के अधिकारी जिम्मेदार है। इनके खिलाफ अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, एफआईआर होना चाहिए। इस हादसे में झाला करीब 25 फीसदी झुलस गई थी। डॉक्टरों का कहना है कि पूरी तरह स्वस्थ होने में तीन से चार महीने लग सकते हैं।
इस तरह झाला ने बचाई थी जान
जिनी झाला ने बताया कि वह 23 जून की शाम वह टू-व्हीलर से नानी के घर जा रही थीं। तभी सुमन नगर जैन मंदिर के धमाका हुआ। आग की लपटें उठी। मैं और बाइक आग की चपेट में आ गए। लोगों ने मुझ पर पानी नहीं डाला तो वहां गड्ढे में जमा पानी में कूदकर जान बचाई।
हाईकोर्ट में लगी थी याचिका
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने गुरुवार को अधिवक्ता रितेश ईनानी द्वारा लगाई गई जनहित याचिका पर जिनी झाला को अहमदाबाद स्थित जाइडस हॉस्पिटल भेजने के निर्देश दिए थे।
यह हुआ था हादसा
इंदौर में मंगलवार को सुमन नगर जैन मंदिर के पास अवंतिका गैस पाइपलाइन में विस्फोट हो गया था। हादसे में चार लोग झुलस गए थे। विजय नगर पुलिस के मुताबिक, जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां नगर निगम की ओर से वाटर हार्वेस्टिंग का काम कराया जा रहा था। इसी दौरान अवंतिका गैस पाइपलाइन फट हो गई। पाइपलाइन फटने के बाद गैस लीक होने से आग लग गई। वहीं लोगों ने कहा कि पार्षद सोनी द्वारा मौके पर बोरिंग कराई जा रही थी। इसके चलते गैस लाइन फटी और यह विस्फोट हुआ।
कंपनी ने कहा कि बोरिंग का सामान मिला
अवंतिका गैस कंपनी के इंजीनियर अनुराग शर्मा ने कहा कि मौके पर बोरिंग का सामान मिला है। कंपनी को इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी और ना ही मंजूरी ली थी। क्षेत्र में हर 20 मीटर की दूरी पर अवंतिका गैस कंपनी की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, डिसमें बताया है कि यहां से गैस लाइन गुजर रही है। इसके बाद भी खुदाई और बोरिंग का कार्य किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। वहीं पार्षद सोनी ने सफाई दी कि वह बोरिंग नहीं करा रहे थे, मौके पर निगम द्वारा वाटर हार्वेस्टिंग का काम हो रहा था।
पीड़ित के परिजन भी बोले पार्षद की गलती
वहीं घायल जिनी झाला के पिता धर्मेंद्र सिंह ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मंगेतर रजत प्रतापसिंह ने कहा कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी ही वहां बोरिंग करा रहे थे। वे झूठ बोल रहे थे कि वाटर हार्वेस्टिंग का काम चल रहा है। घटना के लिए वही मुख्य रूप से जिम्मेदार है।
जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई
परिजनों ने कहा कि मौके पर केवल खानापूर्ति की गई और जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बोरिंग पर पहले ही प्रशासन ने रोक लगा रखी है तो फिर पार्षद बोरिंग कैसे करा रहे ते। उधर इस मामले में नगर निगम ने जांच के लिए जो तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें आशीष पाठक (अपर आयुक्त), आसित खरे (कार्यपालन यंत्री) और पीएस कुशवाह (कार्यपालन यंत्री) हैं। यह कमेटी जांच कर निगमायुक्त को रिपोर्ट देगी।
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