इंदौर नगर निगम में नामांतरण घोटाला! आधी रात अधिकारियों की ID से संपत्ति खातों में हेरफेर
Sourabh Bhatnagar | Jun 26, 2026, 08:04 IST
इंदौर नगर निगम में नामांतरण घोटाला
इंदौर नगर निगम के संपत्तिकर रिकॉर्ड में बड़ा घोटाला सामने आया है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच रात 10 बजे से सुबह 3 बजे के बीच 370 खातों में मालिकों के नाम बदले गए। दो उपायुक्तों की आधिकारिक ID का दुरुपयोग हुआ। 6 लोगों को नोटिस जारी।
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर नगर निगम के संपत्तिकर रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेरफेर हुई है।
- जनवरी से मार्च 2026 के बीच 370 खातों में मालिकों के नाम बदले गए।
- यह काम रात 10 बजे से सुबह 3 बजे के बीच किया गया।
- दो उपायुक्तों की आधिकारिक लॉगिन ID का इस्तेमाल हुआ।
- अपर आयुक्त (राजस्व) ने सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नगर निगम में नामांतरण घोटाला
खास बात यह है कि इस हेरफेर के लिए दो उपायुक्तों की आधिकारिक लॉगिन ID का इस्तेमाल (नामांतरण में फर्जीवाड़ा) किया गया।
कैसे खुला मामला?
जांच में पता चला कि उपायुक्त केशव सगर की ID से 341 खातों में बदलाव किए गए। वहीं उपायुक्त प्रदीप जैन की ID से 29 खातों में नाम बदले गए। अफसरों को शक है कि किसी कर्मचारी ने लॉगिन ID का दुरुपयोग करके यह काम किया। अभी तक यह साफ नहीं है कि एंट्रियां निगम कार्यालय के अंदर से हुईं या बाहर से।
किन्हें मिले नोटिस?
IP एड्रेस से मिलेगा सुराग
नाम बदलने से क्या नुकसान?
एक्सपर्ट की राय: तीन हो सकते हैं मकसद
अपर आयुक्त बोले: होगी सख्त कार्रवाई
जांच में अब इन सवालों (इंदौर नगर निगम खबर) के जवाब तलाशे जा रहे हैं कि 370 खातों में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी। एंट्रियां निगम कार्यालय से हुईं या बाहर से। जिनके नाम जोड़े गए, उनका क्या संबंध है। क्या किसी कर्मचारी ने आर्थिक लाभ लिया। और क्या अफसरों की ID का दुरुपयोग हुआ या अनुमति से बदलाव किए गए।
FAQ
- सवाल: नगर निगम के संपत्तिकर खाते में नाम बदलने से क्या नुकसान होता है?
जवाब: संपत्तिकर रिकॉर्ड एक अहम सरकारी दस्तावेज होता है। इसका इस्तेमाल संपत्ति के स्वामित्व को साबित करने, कर्ज लेने और कई कानूनी कामों में होता है। अगर इसमें किसी दूसरे का नाम दर्ज हो जाए, तो असली मालिक को अपनी संपत्ति का हक साबित करने में बड़ी मुश्किल आती है। - सवाल: ई-नगर पालिका पोर्टल क्या है और यह कैसे काम करता है?
जवाब: ई-नगर पालिका पोर्टल (e-Nagarpalika Portal) राज्य सरकार की डिजिटल प्रणाली है। इसके जरिए नगर निगम संपत्तिकर रिकॉर्ड, नामांतरण और अन्य नागरिक सेवाएं ऑनलाइन प्रबंधित करता है। हर अफसर और कर्मचारी को अलग लॉगिन ID और पासवर्ड दिया जाता है। इस पोर्टल पर किए गए हर बदलाव का लॉग (Log) रहता है, जिसमें IP एड्रेस, तारीख और समय दर्ज होता है। इसी लॉग से जांचकर्ता यह पता कर सकते हैं कि बदलाव किसने और कहां से किए।
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