इंदौर के नामी अस्पतालों में नहीं फायर सेफ्टी सिस्टम, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
इंदौर शहर के 100 से अधिक बेड क्षमता वाले अस्पतालों को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में लगी याचिका पर शुक्रवार, 08 मई को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता चर्चित शास्त्री के अधिवक्ता अदित रघुवंशी ने कोर्ट में तर्क रखे। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी ने पक्ष सुनने के बाद नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इन अस्पतालों में बताई गईं खामियां
याचिका में बताया गया कि शहर के अस्पताल मयूर, इंदौर सिटी, लक्ष्मी मेमोरियल, सेवाकुंज, शुभदीप, आर एन कपूर, प्रमिला, एस एन एस, मेडिस्टा हॉस्पिटल द्वारा बिना फायर सेफ्टी अनुमति के हॉस्पिटल संचालित किए जा रहे हैं।
कटक में लगी आग से भी नहीं सीखा
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अदित रघुवंशी ने कहा कि कुछ दिन पूर्व ओडिशा के कटक शहर में हॉस्पिटल में आग लगने से 11 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद इंदौर कलेक्टर को जनसुनवाई में इंदौर शहर के हॉस्पिटलों की जांच हेतु आदेश किया गया था। कलेक्टर ने जांच मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी माधव हासानी को दी थी। वहीं, इसके बाद भी सीएमएचओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इनके पास नहीं है फायर एनओसी
याचिकाकर्ता ने बताया कि नगर निगम फायर सेफ्टी शाखा से सूचना के अधिकार में प्राप्त जानकारी से पता चला कि इंदौर के नौ हॉस्पिटलों में फायर सेफ्टी की कोई अनुमति नहीं ली गई है। ये हॉस्पिटल बिना फायर सेफ्टी अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं। इसके बाद भी सीएमएचओ द्वारा रजिस्ट्रेशन प्रदान कर दिया गया। इंदौर हाईकोर्ट ने शासन व हॉस्पिटल संचालकों से जवाब मांगा है।
ये खबर भी पढ़िए...
इंदौर में पूर्व विधायक अश्विन जोशी के पहले मालू, शर्मा, सलूजा भी हार्ट अटैक से खो चुके जान
कांग्रेस के किसान आंदोलन में नेशनल हाईवे चक्काजाम पर इंदौर में 33 नेताओं पर हुई FIR
इंदौर ट्रैफिक पर हाईकोर्ट कमेटी की रिपोर्ट मैदान में नहीं पुलिसकर्मी, तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत
इंदौर में कांग्रेस की किसान आंदोलन में फजीहत, ट्रैक्टर पर आप कार्यकर्ता भीड़ की लगाई फोटो