इमरान उर्फ चिकना की रासुका खारिज, हाईकोर्ट ने इंदौर कलेक्टर के आदेश को बताया गलत
इंदौर के विविध थानों में इमरान गौरी उर्फ चिकना उर्फ पंचर के खिलाफ 19 अपराध दर्ज है। उसे अगस्त 2025 में रासुका लगी थी। इंदौर कलेक्टर के आदेश के बाद उसे जेल में बंद किया गया था। बाद में फिर तीन माह के लिए और रासुका लगाई गई और वह जेल में बंद था। लेकिन चिकना ने इस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की।
अधिवक्ता आशुतोष शर्मा ने आरोपी चिकना को लेकर तर्क रखे और पुरजोर बहस की। वहीं शासन की ओर से अतिरिक्ता महाधिवक्ता सोनल गुप्ता ने पैरवी। इसके बाद हाईकोर्ट ने कलेक्टर के आदेश को रद्द कर दिया।
चिकना पर रासुका को लेकर यह दिए तर्क
चिकना पर रासुका के आदेश के खिलाफ अधिवक्ता शर्मा ने तर्क रखे। इसमें बताया गया कि अगस्त में जारी हुए रासुका के आदेश में कलेक्टर ने कब तक हिरासत अवधि में रखा जाए इसकी समयसीमा ही नहीं लिखी गई।
इस तरह का आदेश गलत है और आदेश में ही लिखा जाना चाहिए कि किसी आरोपी पर किस कारण से रासुका लगाई और उसे कब तक हिरासत अवधि में रखा जाएगा। बाद में इसी आदेश को जनवरी 2026 में फिर आगे महीनों के लिए आगे बढ़ाया गया और आरोपी को बेवजह जेल में रखा गया।
हाईकोर्ट ने यह दिए आदेश
इंदौर हाईकोर्ट जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने सभी तर्क सुनने के बाद रासुका के आदेश को खारिज कर दिया।
बेंच ने आदेश दिया कि रासुका के आदेश में हिरासत अवधि का भी जिक्र होना जरूरी है। आरोपी पर लगे रासुका आदेश चार अगस्त 2025 व 22 जनवरी 2026 के आदेश को खारिज किया जाता है। आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए जाते हैं।
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