DRI की जांच में खुलासा: इंदौर के एक ज्वेलर्स ने ही बेचा तस्करी का 90 किलो सोना, कीमत 100 करोड़ रुपए
यह सोना तस्करों से खरीदा गया और इंदौर में बेच दिया गया। अब इस ज्वेलर्स से ज्यादा सोना खरीदने वाले भी डीआरआई के रडार पर हैं। जिला कोर्ट में केस पेश होने पर सोने की बड़ी तस्करी का खुलासा हुआ है।
क्या है पूरा मामला
डीआरआई को गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, कुछ तस्कर महाराष्ट्र से इंदौर सोना बेचने आ रहे थे। इसके बाद डीआरआई की टीम ने 14 अगस्त को एक कार की जांच की थी। इस दौरान रोमेल लालवानी और यश लालवानी को पकड़ा गया था।
कार की तलाशी लेने पर फ्रंट सीट के नीचे एक बॉक्स मिला था। इस बॉक्स में सोने की तीन बिस्किट रखे थे। इनकी कीमत चार करोड़ 72 लाख रुपए थी। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई।
पूछताछ में सामने आया, इन्हें बेच रहे थे सोना
पूछताछ में पता चला कि यह सोना इंदौर के कारोबारी दीपक खंडेलवाल को बेचा जा रहा था। तीन किलो सोने में से दो किलो सोना दीपक का था। डीआरआई ने मामले में और जानकारी जुटाई। इसके बाद दीपक खंडेलवाल की तलाश शुरू कर दी गई।
दीपक और पुत्र नकुल ने खरीदा 90 किलो सोना
डीआरआई की जांच में सामने आया कि सराफा में मेसर्स जीडी ज्वेलर्स नाम की दुकान है। यह दुकान दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल की है। आरोपियों से पूछताछ के बाद दोनों को 19 अगस्त को कोटा से पकड़ा गया था। इसके बाद दीपक और नकुल से भी लंबी पूछताछ की गई।
आरोपियों और खंडेलवाल पिता-पुत्र से पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ। पिछले दो से तीन साल में निखिल लालवानी के जरिए 90 किलो सोना खरीदा गया है। इस सोने की कीमत 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है।
यह सोना विदेश से लाया गया था। तस्करी करके लाए गए इस सोने को खंडेलवाल पिता-पुत्र ने तस्करों से खरीदा। इसके बाद उन्होंने अपनी दुकान के जरिए इसे बाजार में बेच दिया। इस पूरे मामले में कस्टम ड्यूटी की भारी चोरी की गई।
अब बड़े खरीदार भी रडार पर
डीआरआई की पूछताछ में हुए खुलासे के बाद अब बड़े खरीदार भी रडार पर हैं। इन लोगों ने ब्लैक मनी से नकद में सोना खरीदा है। यह सोना कुछ बड़े खरीदारों ने खरीदा है। इसमें कुछ दुकानदारों के शामिल होने की भी आशंका है। ऐसे में अब ये दुकानदारों भी डीआरआई के रडार पर हैं।
आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
डीआरआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंदन ऐरन ने कोर्ट में पक्ष रखा है। वहीं, जीडी ज्वेलर्स के मालिक दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कोर्ट में कहा कि उन्होंने कोई सोना नहीं खरीदा है।
तस्करी के इस सोने से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि वे 20 साल से सराफा कारोबार कर रहे हैं। वे परिवार के साथ राजस्थान में कुलदेवी के दर्शन करने गए थे। इसी दौरान 19 अगस्त को डीआरआई ने उन्हें कोटा में गिरफ्तार कर लिया था।
हालांकि, कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद जिला कोर्ट ने पिता-पुत्र की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
विदेश में सस्ता पड़ता है सोना
कस्टम ड्यूटी के कारण भारत में सोना विदेशों के मुकाबले करीब 12 फीसदी महंगा होता है। दुबई में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.29 लाख से 1.35 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम है। वहीं, भारत में इसकी कीमत करीब 1.43 लाख से 1.48 लाख रुपए है।
इसी कीमत के अंतर के कारण विदेशों से भारत में बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी होती है। विदेशी सोना पूरी तरह खरा होता है। ज्वेलर्स के स्तर पर गहने बनाते समय इसमें मिलावट की जाती है। इससे सोने के कारोबार में भारी कमाई होती है। यही वजह है कि इस सोने की मांग काफी ज्यादा रहती है।