इंदौर में किन्नरों के लिए पुलिस पर दलाली के आरोप, 5 लाख मांगे, 81 हजार दिलवा दिए
News In Short
- इंदौर में किन्नरों द्वारा जबरन नेग मांगने के केस बढ़े हैं।
- महालक्ष्मी नगर के एक में घर में घुसकर 5 लाख मांगे गए।
- पुलिस पर किन्नरों का साथ देने का आरोप लगा है।
- तुलसीनगर में मासूम को मारने की धमकी दी गई।
- पीड़ितों ने जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
News In Detail
इंदौर के दो बड़े इलाकों में डराने वाली घटनाएं सामने आई हैं। महालक्ष्मी नगर और तुलसीनगर में किन्नरों ने जमकर हंगामा किया। इसमें एक केस में तो किन्नरों ने 8 माह के मासूम को ही जान से मारने की धमकी दे दी।
वहीं दूसरा केस और भी गंभीर है जिसमें पुलिस द्वारा ही किन्नरों के लिए दलाली की गई। ऐसे आरोप रहवासी ने लगाते हुए शिकायत की है। लोगों ने उन पर जबरन पैसे मांगने और धमकाने के आरोप लगाए हैं। इन मामलों में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।
15-20 किन्नर घर में जबरदस्ती घुसे
महालक्ष्मी नगर रहवासी डॉ. आशीष चौहान ने लसूडिया टीआई तारेश सोनी को लिखित में शिकायत दी है। इसमें कहा गया कि 23 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे 15-20 किन्नर उनके घर के अंदर बिना अनुमति के पहुंचे।
चौहान ने आगे कहा कि उन्होंने घर के अंदर भारी उत्पात मचाया। मेरी माताजी से बहुत ही अभद्र व्यवहार किया व नग्न हरकतें कीं और डरा-धमकाकर मकान के मुहुर्त के नाम पर 5 लाख के नेग की मांग की।
पुलिस ने इस तरह की दलाली
डॉ. चौहान ने शिकायत में पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि परिवार ने 100 डायल पर फोन किया और पुलिस को बुलाया। लेकिन यह पुलिसकर्मी किन्नर से ही मिलते नजर आए और परिजनों से कहा कि इन्हें कम से कम 51 हजार तो देने ही होंगे, नहीं तो ये नहीं मानेंगे।
उनकी उपस्थिति में ही किन्नर घर पर उत्पात मचाते रहे। आखिरी में घर और अपनी जान बचाने के लिए पुलिस के सामने ही उन्हें 81 हजार रुपए देने पड़े। डॉ. चौहान ने लिखा कि ड्यूटी पर तैनात उन दोनों पुलिसकर्मियों ने अपनी शपथ और कर्तव्य का उल्लंघन करते हुए अपराधियों (किन्नरों) की दलाली की।
पुलिसकर्मियों और किन्नरों पर हो कार्रवाई
रहवासी ने कहा कि परिवार को सुरक्षा देने के बजाय पुलिसकर्मियों द्वारा मानसिक दबाव बनाकर अवैध वसूली करवाई गई। संपूर्ण घटनाक्रम के CCTV फुटेज सुरक्षित हैं।
साथ ही, मौके पर आए पुलिसकर्मियों के साथ हुई बातचीत की वॉइस रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है, जो उनकी संलिप्तता बताती है। डॉ. चौहान ने जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही 81 हजार भी वापस दिलवाने की मांग की है।
तुलसीनगर में मासूम को मारने की धमकी दी
ठीक इसी तरह की घटना तुलसीगनर में आशीष दुबे के यहां हुई। उनके यहां वैन से 7-8 किन्नर आए और 51 हजार रुपए की मांग की। कारण है कि 8 माह पहले उनके यहां बेटा हुआ था। घर में दुबे की पत्नी और मां ही थे।
दुबे ने बताया कि किन्नरों ने घर में घुसकर उत्पात मचाया और सामान फेंका। जान बचाने के लिए पत्नी और मां कमरे में बंद हुए। हम 5100 नेग देने के लिए तैयार थे, लेकिन वह 51 हजार पर अड़े हुए थे। नेग नहीं देने पर 8 माह के मासूम को मारने तक की धमकी दी गई।
घर के बाहर गाड़ी लगा दी ताकि कोई बाहर नहीं जा सके। फिर पुलिस को फोन किया और पड़ोसियों से मदद मांगी गई। इसके बाद इनकी जान बच सकी।
किन्नर अखाड़े ने मांगी माफी, पुलिस यह बोल रही
इस मामले में तुलसीनगर रहवासियों द्वारा पुलिस और किन्नर अखाड़े के साथ बैठक भी की गई। इसमें किन्नर अखाड़ा प्रमुख ने माफी मांगी और संबंधित किन्नर को बाहर करने की बात कही। उधर पुलिस ने दावा किया कि अब ऐसी कोई हरकत नहीं होगी। ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
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