इंदौर में रात 1 बजे प्रशासन और किसानों में हुई सुलह, धरना-प्रदर्शन खत्म
Indore. इंदौर में किसानों का सोमवार सुबह से शुरू हुआ आंदोलन देर रात एक बजे तक जारी रहा। यह पश्चिम रिंग रोड का विरोध कर रहे थे। साथ ही भोपाल तक ट्रैक्टर रैली के रूप में जाने की मांग थी।
सुबह जिला प्रशासन और पुलिस ने डंपर और अन्य वाहन रखकर, बैरीकेडिंग करते हुए बरलाई के आगे का रास्ता रोक दिया। इसमें वॉटर कैनन भी चलाई थी। इसके बाद किसान वहीं टेंट लगाकर जम गए।
देर रात इस तरह हुई सुलह
सुबह से इस आंदोलन को यशराज सिसौदिया देख रहे थे। बाद में शिप्रा बरलाई पर विवाद की खबर आने के बाद करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद किसानों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। करणी सेना के कार्यकर्ता भी मौके पर जम गए। सुबह से प्रशासन और पुलिस का भारी बल मौके पर तैनात रहा।
एडीएम रोशन राय के साथ ही सभी एसडीएम और पुलिस बल लगा हुआ था। रात एक बजे आईएएस अपर कलेक्टर पंवार नवजीवन विजय के साथ वहीं बैठक हुई। इसमें समझौता हुआ कि चार गुना मुआवजे की मांग को भोपाल पहुंचाया जाएगा। वहीं स्थानीय स्तर की समस्याओं को दूर किया जाएगा।
इसके बाद किसानों का आंदोलन खत्म हुआ
- किसानों ने तान लिया था टेंट, यह की मांग
मौके पर ही किसानों ने टेंट लगा लिया था। वहीं पंगत लगाकर भोजन किया। इनकी मांग थी कि किसानों की आवाज को सुना जाए और उन्हें भोपाल जाने दिया जाए। वहीं मौके पर इंदौर कलेक्टर को बुलाने की मांग की गई थी। - बीजेपी किसान मोर्चा के जरिए भी चर्चा चली
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी किसान मोर्चा के मंत्री सुमेर सिंह से भी इस संबंध में अधिकारियों की बात हुई थी। वह भी इसमें सुलह का रास्ता ढूंढने में लगे हुए थे।
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