इंदौर में व्हिस्की, रम में मिलावट, 6 ब्रांड के सैंपल फेल, स्वाद-खुशबू के लिए मिला रहे फ्लेवर
Sanjay Gupta | Jul 20, 2026, 13:00 IST
indore whisky rum adulteration 6 brands samples fail
इंदौर में शराब के शौकीनों के लिए यह खबर बड़ा झटका देने वाली है। लोग जिन महंगे ब्रांड की शराब पर भरोसा कर रहे हैं, उनके सैंपल जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इंदौर में 6 बड़े शराब ब्रांड के सैंपल फेल पाए गए हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इंदौर की शराब बनाने वाली यूनिट से 6 नामी ब्रांड के सैंपल लिए थे। अब इनकी जांच रिपोर्ट सामने आई है और सभी सैंपल फेल पाए गए हैं।
रिपोर्ट में इन उत्पादों को मिथ्याछाप (मिसब्रांडेड), भ्रामक (मिसलीडिंग) और मिलावटी (सब-स्टैंडर्ड) माना गया है। संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एफएसएसएआई की टीम ने कुछ दिन पहले खंडवा रोड पर बड़वाह के पास खोड़ीगांव में एक ही परिसर में चल रही तीन कंपनियों से 6 शराब ब्रांड के सैंपल लिए थे।
लैब जांच में ये सभी सैंपल (fssai servay) फेल पाए गए। रिपोर्ट में सामने आया कि शराब में स्वाद और खुशबू के लिए फ्लेवर मिलाया गया था।
नियमों के मुताबिक शराब का स्वाद उसके मूल स्वरूप का होना चाहिए, फ्लेवर का नहीं। इसी वजह से इन सैंपलों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत सब-स्टैंडर्ड माना गया। वहीं, लेबल पर किए गए दावों को सही नहीं पाया जाने के कारण इन्हें मिसलीडिंग भी माना गया है।
![mp liquor price]()
fssai indore केअधिकारियों के मुताबिक, अगर बोतल पर रम या व्हिस्की लिखकर बेचा जा रहा है, तो उसके अंदर वही उत्पाद होना चाहिए। लेकिन जांच में सामने आया कि कुछ निर्माता न्यूट्रल स्पिरिट में सिर्फ फ्लेवर और रंग मिलाकर उसे रम या व्हिस्की के नाम से बेच रहे थे। अधिकारियों (Indore News) का कहना है कि इस तरह ग्राहकों को महंगे ब्रांड के नाम पर गुमराह किया जा रहा है।
इंदौर में 500 करोड़ के शराब ठेके लेने वाले सूरज रजक पर धमकाने की FIR, रजक का आरोप- 10 लाख मांगे
जाति प्रमाण पत्र विवाद: प्रतिमा बागरी के चाय और शराब वाले उदाहरण ने बहस पर उठे नए सवाल
MP में महंगी शराब बिकने का मुद्दा सदन में फिर गूंजा, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
दुनिया की सबसे महंगी शराब, एक बोतल की कीमत जानकर हैरान रह जाएंगे आप
रिपोर्ट में इन उत्पादों को मिथ्याछाप (मिसब्रांडेड), भ्रामक (मिसलीडिंग) और मिलावटी (सब-स्टैंडर्ड) माना गया है। संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यहां से लिए गए थे सैंपल
लैब जांच में ये सभी सैंपल (fssai servay) फेल पाए गए। रिपोर्ट में सामने आया कि शराब में स्वाद और खुशबू के लिए फ्लेवर मिलाया गया था।
नियमों के मुताबिक शराब का स्वाद उसके मूल स्वरूप का होना चाहिए, फ्लेवर का नहीं। इसी वजह से इन सैंपलों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत सब-स्टैंडर्ड माना गया। वहीं, लेबल पर किए गए दावों को सही नहीं पाया जाने के कारण इन्हें मिसलीडिंग भी माना गया है।
इन तीन कंपनियों के सैंपल हुए फेल
- यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड: कंपनी के एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की के सैंपल जांच में फेल पाए गए।
- एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज लिमिटेड: कंपनी के सेंट्रल प्रोविंस सुपीरियर ग्रेन व्हिस्की और मैकडॉवेल्स नं. 1 सेलिब्रेशन मैच्योर्ड XXX रम के सैंपल फेल हुए।
- इनब्रू बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड: कंपनी के बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की और ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम के सैंपल भी जांच में फेल पाए गए।
mp liquor price
ग्राहकों को महंगे ब्रांड के नाम पर धोखा
ये खबरें भी पढ़ें...
जाति प्रमाण पत्र विवाद: प्रतिमा बागरी के चाय और शराब वाले उदाहरण ने बहस पर उठे नए सवाल
MP में महंगी शराब बिकने का मुद्दा सदन में फिर गूंजा, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
दुनिया की सबसे महंगी शराब, एक बोतल की कीमत जानकर हैरान रह जाएंगे आप
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel