जाति प्रमाण पत्र विवाद: प्रतिमा बागरी के चाय और शराब वाले उदाहरण ने बहस पर उठे नए सवाल
Ramanand Tiwari | Jul 18, 2026, 20:55 IST
Photograph: (thesootr)
BHOPAL. मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री प्रतिमा बागरी ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र विवाद पर वीडियो से दिया जवाब, लेकिन चाय-ग्रीन टी और शराब वाले उदाहरण ने बहस को नया मोड़ दे दिया।
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- फर्जी जाति प्रमाण पत्र विवाद में क्लीन चिट के बाद वीडियो जारी किया।
- तीन गिलासों से 'दूर से सच नहीं दिखता' का उदाहरण दिया।
- चाय, कॉफी और ग्रीन टी के जरिए आरोपों पर सफाई दी।
- गिलास वाले उदाहरण ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी।
- छुआछूत संबंधी बयान देने से इनकार किया।
- बीजेपी की विचारधारा और सामाजिक समरसता की बात दोहराई।
तीन गिलासों में अलग-अलग पेय पदार्थ दिखाकर उन्होंने यह समझाने का प्रयास किया कि दूर से देखकर किसी चीज का सही आकलन नहीं किया जा सकता। हालांकि, सफाई देने का यह तरीका खुद नई चर्चा का विषय बन गया और उनके उदाहरण पर सवाल भी उठने लगे हैं।
गिलास में चाय थी... बहस क्यों बढ़ गई?
अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने तीन गिलासों का सहारा लिया। इनमें चाय, कॉफी और ग्रीन टी रखकर कहा कि केवल गिलास देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि उसमें क्या है।
उनका कहना था कि जिस तरह चाय को शराब के गिलास में रख देने से वह शराब नहीं बन जाती, उसी तरह किसी व्यक्ति पर आरोप लग जाने से वह दोषी साबित नहीं हो जाता।
यहीं से शुरू हुई नई बहस
छुआछूत वाले आरोपों पर भी दिया जवाब
बीजेपी कार्यकर्ता होने का दिया हवाला
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