तीन करोड़ की शराब लाने वाला तस्कर सुनील कुशवाह इंदौर में गिरफ्तार, गुजरात भेज रहा था

Sanjay Gupta | Nov 02, 2026, 22:03 IST
तीन करोड़ की शराब लाने वाला तस्कर सुनील कुशवाह इंदौर में गिरफ्तार
Smuggler Sunil Kushwaha carrying liquor worth 3 crore arrested in Indore
आबकारी विभाग ने 27 अक्टूबर को शराब से भरे दो कंटेनर पकड़े थे। इनमें करीब तीन करोड़ रुपए की महंगी अंग्रेजी शराब मिली थी। यह शराब उत्तराखंड की काशीपुर डिस्टलरी में बनी थी। कंटेनरों को आबकारी विभाग और डीजीजीआई की संयुक्त टीम ने पकड़ा था। इसके बाद वाहन मालिक की तलाश शुरू हुई।

जांच में नंदानगर निवासी सुनील कुशवाह का नाम सामने आया। वह कंटेनरों का मालिक होने के साथ शराब लाने वाला भी निकला।



लगातार दबिश के बाद सुनील कुशवाह गिरफ्तार

आबकारी विभाग ने लगातार दबिश और तलाशी के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सुनील पिता दौलतराम कुशवाह के रूप में हुई। उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।



आरोपी पर पहले से करीब दो दर्जन मामले दर्ज

आबकारी विभाग की जांच में आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया। विभाग के मुताबिक, कुशवाह लंबे समय से शराब तस्करी में लिप्त है। वह पहले भी जेल जा चुका है। उसके खिलाफ करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं। इनमें आबकारी अधिनियम की धारा 34 और 49 के प्रकरण भी शामिल हैं। पहले कुशवाह दूसरे राज्यों से सस्ती शराब गुजरात पहुंचाने का काम करता था। वह इस कारोबार में एजेंट के रूप में सक्रिय था। कमाई बढ़ने के बाद उसने खुद कंटेनर खरीद लिए। इसके बाद वह गुजरात के लिए शराब तस्करी का नेटवर्क चलाने लगा।



सागर शराब कांड के बाद छिपा दिए थे कंटेनर

जांच में कंटेनरों को छिपाने की वजह भी सामने आई। सागर में जहरीली शराब कांड के बाद सख्ती बढ़ गई थी। इसके चलते कुशवाह कंटेनरों को बाहर ले आया था। हालांकि, वह शराब गुजरात नहीं भेज पाया। उसके पास गुजरात के दाहोद में माल लेने वाले एजेंट का नंबर भी नहीं था। इस कारण शराब की खेप खपाने में परेशानी हो रही थी। इसलिए उसने दोनों कंटेनर छिपाकर रख दिए। उसकी योजना रोज कुछ पेटियां ब्लैक में बेचने की थी। इससे वह मुनाफा कमाना चाहता था। हालांकि, योजना सफल होने से पहले ही वह पकड़ा गया।



देवगुराड़िया में लावारिस हालत में मिले थे कंटेनर

जिला आबकारी विभाग और डीजीजीआई ने 27 अक्टूबर को देवगुराड़िया में कार्रवाई की थी। डीजीजीआई का पूरा नाम डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस है। टीम को सड़क किनारे बने गोदाम में दो कंटेनर मिले थे। दोनों कंटेनर लावारिस हालत में खड़े थे। इनमें करीब 3000 पेटी अंग्रेजी शराब भरी हुई थी। मौके पर कोई ड्राइवर या कंडक्टर मौजूद नहीं था। यह कार्रवाई आबकारी सहायक आयुक्त अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में हुई थी। टीम में उपायुक्त मनोज अग्रवाल, कमलेश्वर सोलंकी और निधि शर्मा शामिल थे। आबकारी विभाग का अन्य अमला भी कार्रवाई में मौजूद था।

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