कैलाश विजयवर्गीय ने दिखाया बड़ा दिल, घर पर धरना देने वाले दंपती की रिहाई की मांग

Jitendra Shrivastava | Jul 25, 2026, 23:36 IST
Photograph: (THESOOTR)
INDORE. इंदौर में छात्र आंदोलन के समर्थन में मंत्री विजयवर्गीय के घर धरना देने वाले पांडे दंपती की रिहाई के लिए खुद विजयवर्गीय ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • पांडे दंपती को रिहा कराने खुद विजयवर्गीय ने लिखी चिट्ठी।
  • मंत्री के घर धरना, अब मंत्री ही मांग रहे रिहाई।
  • भ्रम में पड़कर धरना दिया, अब मंत्री दिखा रहे नरमी।
  • दिग्विजय बोले, मोदी राज में बंद हुए एक लाख स्कूल।
  • विजयवर्गीय की चिट्ठी से पलटा पांडे दंपती का मामला।

इंदौर में छात्र आंदोलन के समर्थन में एक दंपती ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर धरना दिया था। पुलिस ने दंपती को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया था।



अब खुद विजयवर्गीय ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर पांडे दंपती की रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि दंपती सोशल मीडिया की गलत जानकारी के शिकार हुए थे। विजयवर्गीय ने मानवीय आधार पर उन्हें राहत देने का अनुरोध किया है।



मंत्री ने पुलिस आयुक्त को लिखा पत्र

24 जुलाई 2026 को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर पुलिस आयुक्त को एक पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने पांडे दंपती के खिलाफ दर्ज मामले में मानवीय आधार पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने लिखा कि नियमानुसार संभव हो तो दंपती को रिहा किया जाए।



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विधानसभा में लगे थे आरोप

विजयवर्गीय ने पत्र में बताया कि मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया था। आरोप था कि उन्होंने दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस आरोप को व्यापक स्तर पर फैलाया।



जांच में आरोप निकले गलत

विजयवर्गीय के अनुरोध पर विधानसभा अध्यक्ष ने अगले ही दिन इस मामले की जांच कराई। सदन की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग देखी गई। अध्यक्ष ने सदन में स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय ने ऐसा कोई अपमानजनक शब्द नहीं कहा था। इस तरह उन पर लगे आरोप असत्य साबित हुए।



सच सामने आने से पहले फैला भ्रम

विजयवर्गीय ने लिखा कि सच सामने आने से पहले सोशल मीडिया पर फैले इस भ्रम से कई लोग प्रभावित हुए। इसी क्रम में इंदौर के पांडे दंपती भी इस दुष्प्रचार का शिकार होकर उनकी कॉलोनी में प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शन पहले से घोषित होने के कारण पुलिस को इसकी सूचना सोशल मीडिया से पहले ही मिल गई थी।



पुलिस ने दंपती को हिरासत में लिया था

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दंपती को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।



बच्चों का हवाला देकर मांगी नरमी

विजयवर्गीय ने पत्र में लिखा कि घटना के समय वे विधानसभा की कार्यवाही में व्यस्त थे। सत्र समाप्त होने के बाद ही उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। बाद में उन्हें पता चला कि दंपती के दो छोटे बच्चे हैं। उनका मानना है कि माता-पिता की भूल का असर मासूम बच्चों पर नहीं पड़ना चाहिए।



खुद कोई शिकायत नहीं की

विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रदर्शन या संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी थी। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें इस मामले में कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है। उनका मानना है कि दंपती को अब अपनी भूल का एहसास हो चुका होगा।



जानिए क्या था पूरा मामला...

पहले दिन सांसद के घर दिया था धरना

अब जानिए पूरा घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का असर इंदौर में भी दिखा। इंदौर के प्रहलाद पांडे और उनकी पत्नी ने छात्रों के समर्थन में पहले सांसद शंकर लालवानी के घर धरना दिया था। इसके एक दिन बाद वे मंत्री विजयवर्गीय के घर भी धरना देने पहुंच गए।



विजयवर्गीय के घर बना छावनी

दंपती बुधवार दोपहर करीब 1 बजे विजयवर्गीय के नंदानगर स्थित निवास पहुंचे। वे संविधान की प्रति लेकर वहां पहुंचे थे और घर के सामने धरना देने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले से ही इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और दंपती को हिरासत में ले लिया।



दंपती के आरोप और मांगें

पांडे दंपती का कहना था कि विजयवर्गीय ने विधानसभा में NEET पेपर लीक को राज्य का विषय नहीं बताया। उनके अनुसार मंत्री ने छात्र आंदोलन को प्रायोजित भी बताया और छात्रों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।



दंपती ने विजयवर्गीय से सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी की मांग की। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की भी मांग रखी।



एसीपी ने समझाया दंपती को

एसीपी हिमानी मिश्रा ने पांडे दंपती को समझाया कि विजयवर्गीय इंदौर में नहीं बल्कि भोपाल में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में यहां धरना देने का कोई मतलब नहीं है।



FAQ

  1. विजयवर्गीय ने पांडे दंपती की रिहाई के लिए क्यों पत्र लिखा?
    विजयवर्गीय ने कहा कि दंपती सोशल मीडिया की गलत जानकारी के शिकार हुए थे। उन्होंने बताया कि उन पर लगे आरोप जांच में गलत साबित हुए। इसलिए उन्होंने मानवीय आधार पर रिहाई की मांग की।
  2. पांडे दंपती ने धरना क्यों दिया था?
    दंपती ने छात्र आंदोलन के समर्थन में धरना दिया था। उनका आरोप था कि विजयवर्गीय ने छात्रों के लिए अपमानजनक शब्द कहे। इसी के विरोध में वे मंत्री और सांसद के घर पहुंचे थे।
  3. दिग्विजय सिंह ने क्या आरोप लगाए?
    दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने एक लाख स्कूल बंद होने का दावा किया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान की नीट मामले में भूमिका पर भी सवाल उठाए।

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