चींटियां, सड़े आलू और घटिया खाना... विवादों में इंदौर PTC की 3 करोड़ के टेंडर वाली मेस
इंदौर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज मूसाखेड़ी में नव आरक्षकों को ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के दौरान उनके खाने-पीने और डाइट का खास ध्यान रखा जाता है। इसके लिए नव आरक्षक ही पैसे जमा करते हैं और कॉलेज की ओर से मेस संचालक को भुगतान किया जाता है। इस पूरी व्यवस्था पर हर महीने करीब 25 से 30 लाख रुपए खर्च होते हैं, यानी सालाना खर्च करीब 3 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता है। अब इसी मेस के टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
घटिया खाना, टेंडर हुआ रद्द
चित्रकूट के अशोक द्विवेदी की कंपनी सपोर्टिव मैनपावर सॉल्यूशन प्रालि को नवंबर 2025 में मेस का ठेका दिया गया था। इस ठेके के तहत कंपनी को 11 महीने तक नव आरक्षकों के लिए भोजन की व्यवस्था करनी थी। लेकिन जून 2026 में कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया गया। इसमें कहा गया कि कई बार समझाने के बाद भी खाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ। लगातार शिकायतें मिल रही थीं और मेस में स्टाफ की कमी भी थी, इसलिए टेंडर खत्म करने का फैसला लिया गया। वहीं, कंपनी संचालक अशोक द्विवेदी ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
खाने में चींटियां, सड़े आलू
खाने को लेकर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (Indore News) के अधिकारियों ने हाईकोर्ट में टेंडर रद्द करने की वजह बताई है। अधिकारियों ने कहा कि नव आरक्षकों से मिले फीडबैक के आधार पर यह कार्रवाई की गई। शिकायतों में बताया गया कि खाना खराब गुणवत्ता का था। सब्जी में कीड़े मिलने, चावल और चने की गुणवत्ता खराब होने, गेहूं घटिया होने, सड़े आलू और आलू में चींटियां मिलने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। इसके अलावा नव आरक्षकों को जली हुई रोटियां भी परोसी जा रही थीं। कई जवानों ने फीडबैक फॉर्म के जरिए खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
टेंडर लेने वाला यह लगा रहा आरोप
वहीं टेंडर रद्द होने के बाद कंपनी संचालक अशोक द्विवेदी ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें बिना कारण बताओ नोटिस दिए हटाया गया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अपने लोगों को ठेका देने के लिए की गई है। द्विवेदी ने आरोप लगाया कि उनकी जगह उज्जैन की सांईराम कैंटीन और ओम सांईराम कैंटीन को ठेका देने की तैयारी थी। ये कैंटीन होशियार सिंह और भरत राजपूत की हैं, जो आपस में पिता-पुत्र हैं। वहीं दस्तावेजों के मुताबिक, बाकी बचे कार्यकाल के लिए अधिकारियों ने सांईराम कैंटीन के संचालक होशियार सिंह को ठेका दे दिया है।
पहले भी कंपनी का टेंडर रद्द हुआ था
वहीं, सपोर्टिव कंपनी से पहले इस मेस का ठेका स्टार फूड कंपनी के पास था। यह ठेका 26 नवंबर 2024 से 25 अक्टूबर 2025 तक के लिए दिया गया था। यह सतना के सचिन गुप्ता की कंपनी थी और इसमें भी सुपरवाइजर की जिम्मेदारी अशोक द्विवेदी संभाल रहे थे। शिकायतों के बाद स्टार फूड का टेंडर भी हटा दिया गया था, जिसके बाद अशोक द्विवेदी की कंपनी को नया ठेका मिल गया। अब सवाल उठ रहा है कि जब पहले वाली कंपनी के खिलाफ शिकायतें थीं, तो उसी कंपनी के सुपरवाइजर रहे अशोक द्विवेदी को नया ठेका कैसे मिल गया?
क्या बोल रही हैं एसपी वाहिनी सिंह
वहीं, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज इंदौर की एसपी वाहिनी सिंह से द सूत्र ने बात की। उन्होंने कहा कि यह नव आरक्षकों के पैसों से चलने वाली व्यवस्था है और उन्हें खराब खाना देना स्वीकार नहीं किया जा सकता। एसपी ने कहा कि ठेकेदार की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और इसका जवाब हाईकोर्ट में दे दिया गया है।
उन्होंने यह कहा कि उसने (अशोक द्विवेदी) घटिया खाने के बाद भी क्यों अभी तक काम किया और टेंडर क्यों मिला, इसका जवाब तो पुराने अधिकारी ही दे सकते हैं।
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