इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर से हटा सर्विस रोड का प्रस्ताव, किसानों की बड़ी जीत

Anjali Dwivedi | Apr 02, 2026, 17:19 IST
indore ujjain greenfield corridor
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर अब नॉन-एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। किसानों की मांग पर सर्विस रोड हटाकर इसे जमीन के बराबर बनाया जाएगा। मुआवजे के लिए 626 करोड़ का फंड जारी।

News In Short

  • इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर अब जमीन के स्तर पर बनाया जाएगा।
  • सर्विस रोड का प्रस्ताव रद्द होने से किसान अब सीधे सड़क पर आ-जा सकेंगे।
  • इंदौर के 662 किसानों को 626 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा बांटा जा रहा है।
  • प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए फरवरी 2026 में निर्माण कंपनी से अनुबंध हो चुका है।
  • यह सड़क 28 गांवों से गुजरेगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

News In Detail

इंदौर से उज्जैन के बीच बनने वाली ग्रीन फील्ड सड़क अब बदले हुए स्वरूप में दिखेगी। सरकार ने किसानों की मांग मानते हुए बड़े बदलाव को मंजूरी दे दी है। अब यह सड़क जमीन के बराबर बनाई जाएगी। इस फैसले के बाद 77 किमी लंबी सर्विस रोड का प्रस्ताव हटा दिया गया है।



एक्सेस कंट्रोल्ड टैग हटने से किसानों को मिलेगी राहत

किसानों की बड़ी चिंता खेत और सड़क के बीच ऊंचाई के अंतर को लेकर थी। अब इसे एक्सेस कंट्रोल्ड की जगह नॉन-एक्सेस कंट्रोल्ड बनाया जाएगा। जमीन के बराबर सड़क होने से ग्रामीण कहीं से भी मुख्य मार्ग पर आ-जा सकेंगे। इससे खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह चार लेन मार्ग इंदौर और उज्जैन के 28 गांवों की तकदीर बदलेगा।



मुआवजे की राशि का भुगतान किस आधार पर होगा

परियोजना को लेकर चल रहा विरोध अब लगभग समाप्त हो गया है। सरकार ने मुआवजा (Compensation) बाजार मूल्य यानी बिक्री छांट के आधार पर देने का निर्णय लिया है। इसके चलते मुआवजे की कुल राशि में 583.93 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इंदौर की सांवेर और हातोद तहसील के 662 किसानों को लगभग 626.49 करोड़ रुपए बांटे जाएंगे। अवार्ड पारित होने के बाद वितरण का काम भी शुरू हो चुका है।



इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट (Ambitious project) के लिए बजट की प्रक्रिया भी तेज है। सरकार ने 30 सितंबर 2025 तक के लिए 2935 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी थी। निर्माण कार्य के लिए फरवरी 2026 में मेसर्स सीगल इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट हो चुका है। यह अनुबंध 1089 करोड़ रुपए में किया गया है। सड़क के लिए कुल 313 हैक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।



कहां से गुजरेगा नया कॉरिडोर

यह कॉरिडोर इंदौर के 20 और उज्जैन के 8 प्रमुख गांवों से होकर गुजरेगा। इंदौर के बुढ़ानिया, हातोद, जंबूड़ी सरवर और पोटलोद जैसे गांव इसमें शामिल हैं। इसके अलावा रंगकराडिया, कछालिया और रालामंडल की जमीन भी अधिग्रहित की जा रही है। जमीन के बराबर सड़क बनने से इन सभी गांवों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने में अब आसानी होगी।



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