इंदौर से उज्जैन सफर होगा आसान, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन 20 जून को
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन होगा।
- परियोजना की लंबाई 48 किलोमीटर है।
- लागत लगभग 2935 करोड़ रुपए है।
- सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर योजना बनाई गई।
- 15 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
कहां होगा भूमिपूजन, कौन रहेगा मौजूद
20 जून की सुबह 11 बजे सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में यह कार्यक्रम होगा। सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। यह परियोजना सिंहस्थ के लिहाज से प्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है।
इंदौर से उज्जैन का सफर होगा और तेज
48 किलोमीटर का यह फोरलेन कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होगा। उज्जैन में चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक जाएगा। इस मार्ग के बनने से दोनों शहरों के बीच यात्रा काफी तेज और आसान होगी। सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालु इसी रास्ते से उज्जैन पहुंचेंगे। खास बात यह है कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालु हवाई अड्डे से सीधे इस मार्ग के जरिए उज्जैन पहुंच सकेंगे। इससे ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।
किसानों को मिला 8 गुना तक मुआवजा
इस परियोजना के लिए 917 किसानों की करीब 243 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है। सरकार ने इसके बदले 816 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा दिया है। सबसे खास बात यह है कि किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन की बजाय बिक्री दरों के आधार पर 4 से 8 गुना तक अधिक मुआवजा दिया गया है। मध्यप्रदेश में यह पहली बार हुआ है। इससे किसानों में संतोष का माहौल बताया जा रहा है।
28 गांव सीधे जुड़ेंगे, 15 लाख को फायदा
यह कॉरिडोर इंदौर जिले के 20 और उज्जैन जिले के 8 गांवों को सीधे जोड़ेगा। आसपास के 40 से 50 और गांवों के करीब 15 लाख लोगों तक भी इसका फायदा पहुंचेगा।
सिंहस्थ के बाद भी रहेगी उपयोगिता
यह परियोजना सिर्फ सिंहस्थ तक सीमित नहीं रहेगी। कॉरिडोर के बनने से इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन विकास को भी नई दिशा मिलेगी। इसे मालवा क्षेत्र के विकास का नया रास्ता माना जा रहा है।
FAQ
- इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर क्या है ?
यह 48 किलोमीटर लंबा चार लेन का नया हाईवे है। यह इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक जाएगा। इसे 2935 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। - सिंहस्थ 2028 में इस कॉरिडोर का क्या फायदा होगा?
सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालु इंदौर एयरपोर्ट से उतरकर इस मार्ग के जरिए सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा तेज होगी। 28 गांव सीधे और 15 लाख से ज्यादा लोग परोक्ष रूप से जुड़ेंगे। - इस परियोजना से किसानों को क्या मिला?
917 किसानों की करीब 243 हेक्टेयर जमीन इस प्रोजेक्ट में गई है। सरकार ने उन्हें बिक्री दरों के आधार पर 4 से 8 गुना तक अधिक मुआवजा दिया है। यह MP में पहली बार हुआ है और कुल 816 करोड़ रुपए से ज्यादा मुआवजा दिया गया।
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