इंदौर में जलसंकट दूर करने महापौर, सांसद, विधायकों ने ACS से मांगा 50 करोड़ का पैकेज
इंदौर के जलसंकट ने बवाल कर दिया है। जनता त्राहिमाम कर रही है। नेता व अधिकारी हलाकान है। नेताओं के यहां लगातार धरने हो रहे हैं। टैंकर बढ़ाने की मांग हो रही है। इन सभी को देखते हुए भोपाल से एसीएस अनुपम राजन गुरुवार को इंदौर पहुंचे।
यहां रेसीडेंसी कोठी पर सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ ही विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, विधायक मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला भी मौजूद थे। कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, अपर आयुक्त आशीष पाठक व अन्य भी बैठक में मौजूद थे।
सांसद, महापौर ने उठाई पैकेज की मांग
समस्याओं पर चर्चा में बताया गया कि शहर में टैंकर बढ़ाने की जरूरत है। नर्मदा का जल अब भी 2013 जैसा ही है, जबकि जनसंख्या बढ़ गई है। चार हजार से ज्यादा बोरिंग सूख चुके हैं। अभी 600 से ज्यादा टैंकर पानी सप्लाई कर रहे हैं। लेकिन टैंकर का भुगतान, नए हाइड्रेंट बनाना और कुछ जगह पाइपलाइन ठीक करना बाकी है।
इसके लिए लगभग 50 करोड़ रुपये की जरूरत है। सांसद लालवानी ने कहा कि अगर सरकार यह भुगतान कर दे तो स्थिति सुधरेगी। महापौर ने इन सभी कामोें के लिए अनुमानित 50 करोड़ खर्च होने की बात कही और शासन से इसकी मांग रखी। इसका सभी विधायकों ने भी समर्थन किया।
हमारी चुंगी क्षति की राशि ही मिल जाती तो बेहतर होता
बैठक में यह भी बात उठी कि मध्य प्रदेश शासन से नगर निगम इंदौर को चुंगी क्षति के ही 400 करोड़ से अधिक आना है। यही राशि रिलीज हो जाती तो काफी काम निगम स्तर पर हो सकते थे। फिलहाल शासन द्वारा जलसंकट दूर करने के लिए 50 करोड़ के राहत पैकेज किया जाना चाहिए। सभी ने इन मांगों का समर्थन दिया।
जलसंकट के लिए यह भी तय किया
यह भी बात उठी कि निगम के पुराने् रिटायर कर्मचारियों की सेवा ली जाए जिन्हें जलापूर्ति सिस्टम की जानकारी है। वहीं कुछ इंजीनियर की जरूरत है जिनकी जल्द पूर्ति की जाए। इससे जलसंकट को काबू करने में मदद मिलेगी। एसीएस ने सभी बातों को सुनकर इन्हें भोपाल स्तर पर बात करने का आश्वासन दिया है।
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