यशवंत क्लब में टेंडर में घिरे चेयरमैन जैन और सचिव कस्तूरी, कमेटी सदस्यों ने ही थमाया आपत्ति पत्र
कमेटी के सदस्य उस समय नाराज हो गए जब उन्हें इस काम को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई थी। वहीं काम के पहले चरण के लिए सीधे टेंडर बुला लिए थे। टेंडर बुलाने की सूचना भी केवल क्लब के नोटिस बोर्ड पर लगाई गई थी। इसके बाद कमेटी सदस्यों ने तीन पन्नों का लंबा आपत्ति पत्र थमा दिया है।
इन्होंने दिया आपत्ति पत्र
वर्तमान में कमेटी के चेयरमैन जीतेंद्र (जीतू) जैन और सचिव विजय कस्तूरी हैं। दोनों को क्लब के सह सचिव तेजवीर जुनेजा और कार्यकारिणी सदस्य राजेश तलवार, गुनीत सिंह चड्ढा, वैभव दुआ और विकास (बॉबी) थम्मन ने आपत्ति पत्र सौंपा है। हालांकि, इस पत्र पर कार्यकारिणी सदस्य भारती बरोडिया और कोषाध्यक्ष रूपल पारिख के हस्ताक्षर नहीं हैं।
एक को छोड़कर बाकी इन्हीं के पैनल के
वहीं यह भी एक अहम बात है कि जून में ही चुनाव में यह नई मैनेजिंग कमेटी बनी थी और इसमें जैन पैनल ने नौ में से आठ पद जीते थे। एक कार्यकारिणी पद पर विकास थम्मन पम्मी छाबड़ा पैनल से जीते थे। यानी जैन पैनल के जीते हुए सदस्यों ने ही अपने ही चेयरमैन जैन और सचिव कस्तूरी के कामों पर आपत्ति ली है।
क्या हुआ विवाद
दरअसल यशवंत क्लब ने लंबे समय बाद नई सदस्यता खोली और लक्ष्य था इससे 25 करोड़ रुपए जमा करना। इसके तहत 100 नए सदस्य बनाए गए थे। क्लब में करीब 50 करोड़ की राशि से नया भव्य भवन बनना है। इसके लिए नई कमेटी को काम शुरू करना था। वहीं, 06 अक्टूबर को कमेटी ने काम के पहले चरण में एसटीपी निर्माण के लिए टेंडर बुलाने की सूचना क्लब के नोटिस बोर्ड पर लगा दी थी। यह काम सवा दो करोड़ का है। इसके लिए किसी भी अखबार में सूचना जारी कर खुले बाजार में टेंडर नहीं बुलाए और केवल नोटिस बोर्ड पर सूचना दी।
इसके बाद कमेटी सदस्यों ने दे दिया आपत्ति पत्र
इस पर नाराज होकर कमेटी के सदस्यों ने चेयरमैन और सचिव को तीखा आपत्ति पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि चुने जाने के बाद हम लगातार तीन माह से नए कामों को लेकर जानकारी मांग रहे हैं। लेकिन आज तक कोई जानकारी नहीं दी गई है कि यह काम कैसे होगा, क्या डिजाइन होगी, क्या लागत होगी, क्या समयसीमा होगी आदि। न ही आज तक इस पर कमेटी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई है।
अब क्लब के नोटिस बोर्ड पर सूचना जारी कर टेंडर बुलाए जा रहे हैं, जो उच्च दर के हैं। इसे खुले में अखबारों में प्रकाशित किया जाना चाहिए था। किसी भी उच्च दर वाले टेंडर के पहले पूरी विकास योजना, मास्टर प्लान पर चर्चा होनी थी। टेंडर का व्यापक प्रचार होना था, केवल क्लब के नोटिस बोर्ड पर सूचना से खुली प्रतिस्पर्धा नहीं होगी। सदस्यों ने साफ लिखा कि आगे कोई भी काम करने से पहले हमारी आपत्तियों का समाधान किया जाए।
चेयरमैन ने सचदेवा, गोरानी को बताया जिम्मेदार
वहीं इस मामले में चेयरमैन जितेंद्र जैन से द सूत्र ने सीधी बात की । उन्होंने कहा कि हमारे यहां साधारण सभा के जरिए बिल्डिंग कमेटी बनी है। इसमें चेयरमैन टोनी सचदेवा (यह क्लब के पूर्व चेयरमैन हैं) व सचिव संजय गोरानी (यह पूर्व सचिव हैं) हैं। उन्हीं के द्वारा ही फैसला लिया गया है। टेंडर क्लब के बोर्ड पर लगाना, यह भी उन्हीं का फैसला है। कमेटी के सदस्यों ने जो आपत्ति ली है वह हम बिल्डिंग कमेटी में रखेंगे और इसे हल किया जाएगा।