इंदौर हाईकोर्ट में मेटा ने कहा- जरूरत पड़ने पर सरकार को देंगे इंस्टाग्राम का डेटा
Indore. इंस्टाग्राम की पेरेंटल कंपनी मेटा ने हाल ही में एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड पॉलिसी खत्म करने की घोषणा की थी। इसके खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगी है।
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा था कि वे पहले इस मामले के लिए बने स्पेशल बोर्ड के पास जाएं और अगली सुनवाई 6 मई तय कर दी थी। इस सुनवाई में अब मेटा ने हाईकोर्ट में जवाब पेश किया है।
मेटा ने कहा कि तीसरे को नहीं देंगें डेटा
अधिवक्ता पार्थ शर्मा ने एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम की नई पॉलिसी से प्राइवेसी को खतरा हो सकता है और जानकारी लीक हो सकती है। इस पर मेटा की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि मेटा सिर्फ सरकार के द्वारा मांगी गई जानकारी ही देगा और यह डेटा पूरी तरह से सुरक्षित है। इसे किसी तीसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
कानून के तहत काम कर रहे
मेटी की ओर से सिब्बल ने कहा कि हम कानून के तहत ही काम कर रहे हैं। नई पॉलिसी में है कि कानून के खिलाफ काम होने, आपराधिक मामले, स्मगलिंग जैसी घटनाएं रोकने के लिए सरकार जानकारी मांगेगी तो कंपनी सरकार को डेटा देगी।
इसमें अब जुलाई में होगी सुनवाई
वहीं इस मामले में जस्टिस विजय शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने मेटा को नोटिस देकर विस्तृत जवाब देने के लिए कहा है। इसमें 13 जुलाई को सुनवाई होगी।
इसके पहले यह हुआ था
इसके पहले मामले में 10 अप्रैल को सुनवाई हुई थी। इसमें याचिकाकर्ता को नवगठित डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बोर्ड में प्रेजेंटेशन देने के लिए कहा गया था। साथ ही इसमें 6 मई के पहले फैसला लेने के लिए बोर्ड को भी कहा गया था।
याचिकाकर्ता शर्मा ने इसमें प्रेजेंटेशन दे दिया था, लेकिन बोर्ड ने अभी तक कोई फैसला ही नहीं दिया है। वहीं तय तारीख के तहत 6 मई को इसमें इंदौर हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई, जिसमें मेटा ने अपना पक्ष रखा।
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