पति-पत्नी के रिश्तों का बन रहा क्रिमिनल ग्राफ: सोनम से सिया तक... क्यों बढ़ा खूनी खौफ?

Amresh Kushwaha | Jul 10, 2026, 12:03 IST
केतन सिया राजा रघुवंशी सोनम
केतन-सिया और राजा रघुवंशी जैसे मामलों के बाद अंतरंग रिश्तों में हिंसा पर सवाल उठे हैं। मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के मुताबिक पिछले सात-आठ साल में पुरुषों के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना के मामले 60-70% बढ़े हैं। जानें वजह...

समझें क्या है पूरा मामला...

  • पति-पत्नी के रिश्तों में हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
  • पुरुषों के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना के केस 60-70% बढ़े हैं।
  • हत्या जैसे विचार लेकर आने वाले मरीज भी बढ़े हैं।
  • सोशल मीडिया और न्यूक्लियर फैमिली इसके बड़े कारण हैं।
  • एक्सपर्ट कहते हैं, अपराध को मानसिक बीमारी से जोड़ना गलत है।

पति-पत्नी के रिश्तों में हिंसा अब पहले से ज्यादा खतरनाक होती जा रही है। केतन-सिया, राजा रघुवंशी-सोनम और आगरा में सुरेंद्र हत्याकांड जैसे मामलों ने यह सवाल खड़ा किया है। जानकार कहते हैं कि अंतरंग रिश्तों में हिंसक सोच तेजी से बढ़ रही है।



आंकड़े क्या कहते हैं?

पिछले सात-आठ साल में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। पुरुषों के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा करीब 60 से 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हत्या या गंभीर हिंसा जैसे विचारों वाले मरीज भी बढ़े हैं। पहले महीने में एक-दो ऐसे मरीज आते थे। अब यह संख्या पांच से दस तक पहुंच गई है। इसमें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की हिंसा शामिल है।



पत्नी बोली, हत्या का डर सता रहा

भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने एक चौंकाने वाला मामला बताया। उनके पास 23 साल की एक महिला और 25 साल का उसका पति इलाज के लिए आए थे। दोनों आईटी (Information Technology) प्रोफेशनल थे। महिला ने खुद स्वीकार किया कि उसके मन में पति की हत्या के विचार आते हैं। उसे डर था कि कहीं वह ऐसा कर न बैठे।



जांच में पता चला कि वह लंबे समय से अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पा रही थी। उसके व्यक्तित्व से जुड़ी कुछ समस्याएं भी सामने आईं। इसके बाद उसे कपल काउंसलिंग दी गई। तीन-चार महीने के इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार आया है।



पति ने कहा, हत्या कर जेल चला जाऊंगा

एक और मामले में पति अपनी पत्नी के प्रति बेहद आक्रामक हो गया था। उसने कई बार जानलेवा हमला करने की कोशिश भी की। इलाज के दौरान उसने खुद स्वीकार किया कि उसके मन में पत्नी की हत्या का विचार आता था। वह सोचता था कि हत्या के बाद जेल चला जाएगा।



मनोवैज्ञानिक जांच में उसमें पर्सनैलिटी डिसऑर्डर और डिप्रेशन जैसी समस्याएं मिलीं। इलाज के दौरान उसके इंपल्स कंट्रोल पर काम किया गया। डॉ. त्रिवेदी ने साफ कहा कि हर मानसिक रोगी को हिंसक मानना गलत होगा।



क्यों बढ़ रही है यह सोच

डॉ. त्रिवेदी के मुताबिक इसके पीछे कई सामाजिक कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया का बढ़ता असर इनमें सबसे बड़ा कारण है। संयुक्त परिवारों का टूटना और न्यूक्लियर फैमिली बढ़ना भी वजह है। पूंजीवाद का दबाव और मनोरंजन में अपराधी किरदारों का महिमामंडन भी असर डालता है।



उन्होंने बताया कि पहले फिल्मों के हीरो रोमांटिक हुआ करते थे। अब ज्यादातर लोकप्रिय किरदार ग्रे शेड वाले होते हैं। अपराध करने वाले किरदार भी नायक की तरह दिखाए जाते हैं। इससे अपराध के प्रति समाज की सोच बदल रही है।



हर आरोपी बीमार नहीं होता

डॉ. त्रिवेदी ने एक जरूरी बात साफ की। ऐसे लोगों को सीधे मानसिक रोगी कहना ठीक नहीं है। ऐसा करना अपराध को बीमारी के पीछे छिपाने जैसा हो सकता है। कुछ मामलों में नार्सिसिस्टिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, डिप्रेशन या नशे की लत जैसी समस्याएं जरूर मिलती हैं। वहीं, हर मानसिक रोगी हिंसक नहीं होता। हर हिंसक अपराध मानसिक बीमारी से भी नहीं जुड़ा होता। मानसिक स्वास्थ्य अपराध को समझने में मदद कर सकता है। लेकिन यह अपराध का बहाना नहीं बन सकता।



अंतरंग रिश्तों में हिंसा को समझें

पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका के बीच होने वाली हिंसा को मनोविज्ञान में खास नाम दिया गया है। इसे इंटिमेट पार्टनर वायलेंस यानी आईपीवी (Intimate Partner Violence) कहा जाता है। इसमें सिर्फ मारपीट ही नहीं आती। मानसिक प्रताड़ना, ब्लैकमेलिंग और लगातार अपमान करना भी इसका हिस्सा है। डॉ. त्रिवेदी के अनुसार पुरुषों से जुड़ी हिंसा पर अभी पर्याप्त अध्ययन नहीं हुआ है। इस वजह से नीतिगत स्तर पर भी कई कमियां बनी हुई हैं।



किन संकेतों पर रखें नजर

एक्सपर्ट के मुताबिक कुछ शुरुआती संकेत पहचानना जरूरी है। व्यवहार में अचानक बदलाव और बार-बार मूड बदलना खतरे का संकेत हो सकता है। छोटी-छोटी बातों पर आक्रामक हो जाना भी चिंता की बात है। अपराध को सामान्य मानने वाली सोच भी खतरनाक संकेत है। बहुत जल्दी भावनात्मक जुड़ाव बनाना और रिश्ते को जल्दबाजी में आगे बढ़ाना भी सावधान करने वाला संकेत है।



इसके अलावा बदला लेने की सोच, अवैध संबंध और आर्थिक लालच भी बड़े कारण बनते हैं। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव भी अहम भूमिका निभाते हैं। संयुक्त परिवारों का टूटना, नशे की लत और असहमति जताने की क्षमता न होना भी वजह बनते हैं। घरेलू हिंसा का बढ़ता दायरा, अपराध की पूर्व-योजना और कानूनी परिणामों का गलत आकलन भी इसमें शामिल हैं।



स्वस्थ अलगाव को मिले स्वीकृति

डॉ. त्रिवेदी के अनुसार कई परिवारों में युवाओं को असहमति जताने की आजादी नहीं मिलती। खासकर महिलाओं पर परिवार की इज्जत बचाने का दबाव रहता है। इससे वे अपनी सच्ची भावनाएं व्यक्त नहीं कर पातीं। इसी वजह से कई बार गंभीर मानसिक तनाव पैदा हो जाता है।



उनका कहना है कि समाज को स्वस्थ अलगाव को भी स्वीकार करना चाहिए। हर रिश्ते का सफल होना जरूरी नहीं है। जब दो लोगों के बीच लगातार टकराव हो तो सम्मानजनक अलगाव भी एक विकल्प होना चाहिए। यही सोच आगे चलकर बड़ी घटनाओं को रोक सकती है।



जानें केतन अग्रवाल मर्डर केस क्या है?

18 जून को सिया और उसके प्रेमी चेतन ने केतन अग्रवाल को पुणे के लोहगढ़ किले से धक्का दिया था। यह जगह करीब 400 फीट गहरी खाई के ऊपर है। फिलहाल दोनों आरोपी येरवदा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। जानकारी के अनुसार उनकी हिरासत 16 जुलाई तक बढ़ाई गई है।



जानें राजा रघुवंशी हत्याकांड क्या था?

मध्यप्रदेश, इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम से हुई थी। फिर वो अपनी पत्नी सोनम के साथ 21 मई को हनीमून मनाने के लिए गए थे। 23 मई को दोनों अचानक लापता हो गए थे।



सर्च के लिए स्पेशल टीम बनी थी। फिर तीन जून को राजा रघुवंशी की बॉडी गहरी खाई में मिली थी। वहीं सोनम लापता रही। इसके बाद स्पेशल टीम बनाई गई और फिर लापता की जगह हत्या के एंगल से जांच शुरू हुई थी।



इसके बाद सोनम रघुवंशी यूपी में सरेंडर हुई थी। साथ ही, खुद को पीड़ित बताया था। बाद में पुलिस ने खुलासा किया कि सोनम भी इस कांड की मुख्य किरदार है। वहीं, अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।



आगरा का सुरेंद्र हत्याकांड क्या है?

उत्तर प्रदेश के आगरा (सिकंदरा क्षेत्र) में हुआसुरेंद्र शर्मा हत्याकांड एक बेहद सनसनीखेज मामला है। इसमें उनकी पत्नी रूबी शर्मा ने ही उनकी हत्या कर शव को अपने घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया था। इस दृश्यम स्टाइल मर्डर का खुलासा घटना के लगभग 45-46 दिनों के बाद जुलाई 2026 की शुरुआत में हुआ।



ये खबरें भी पढ़िए...



केतन मर्डर केस में नया खुलासा, सिया ने राजा रघुवंशी केस जानकर बनाई थी प्लानिंग



सोनम रघुवंशी का सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा, बड़ी बेंच में जा सकता है केस



सोनम रघुवंशी की जमानत रहेगी जारी, सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से किया इनकार, मांगे दस्तावेज



सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची मेघालय पुलिस बोली- वो भाग जाएगी



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • इंदौर
  • सोनम रघुवंशी
  • राजा रघुवंशी हत्याकांड
  • केतन अग्रवाल
  • केतन अग्रवाल मर्डर केस